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अप्टा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस

Wed, 28 Jun 2017 11:47 PM IST
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:47 PM IST
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अप्टा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस
अप्टा में चप्पे-चप्पे पर पुलिस
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- फैली नफरत की आग बुझाने की कोशिश, गांव के हालात हो रहे सामान्य : सीओ
- दहशत में किसान, धान की रोपाई का कार्य बाधित
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में फैली नफरत की आग बुझाने की कोशिश जा रही है। अभी भी कई थानों की फोर्स व पीएसी गांव में तैनात है। हर तरफ जहां सन्नाटा दिख रहा है, वहीं लोग दहशत के चलते घरों में दुबके हैं। अफसरों की गाड़ियां गांव का सन्नाटा चीर रही हैं। सीओ एसपी उपाध्याय का कहना है कि स्थिति अब सामान्य हो रही है, पर अभी गांव पर नजर रखी जा रही है। लोगों से आह्वान किया गया कि वे बिना डर के अपने कार्य करें। वहीं बवाल के चलते धान की रोपाई का कार्य ठप है। किसानों के माथे पर इसकी चिंता साफ देखी जा सकती है।
पांच लोगों की हत्या की वारदात के तीसरे दिन भी इटौरा बुजुर्ग गांव का माहौल सामान्य नहीं हो सका। जिस गांव में चहल पहल दिखती थी। लोग पुरुष, महिलाएं, बच्चे अपने घरों के बाहर बैठे नजर आते थे। वहां लोग घरों के अंदर दुबके हैं। ऊंचाहार थानेदार सुरखाब खां की अगुवाई में जिले के 12 थानों की फोर्स गांव में तैनात की गई है, जो ग्रामीणों की हर गतिविधि पर नजर रख रही है। बाहरी व्यक्तियों के गांव आने पर भी निगहबानी की जा रही है। अफसरों की गाड़ियां आ-जा रही हैं। पुलिस-प्रशासन गांव में जल उठी नफरत की आग को बुझाने की कोशिश में लगा है।
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इनसेट
प्रधान के बेटों की गिरफ्तारी से खफा ग्रामीण
रोहनियां (रायबरेली)। प्रधान के बेटों को जेल भेजने से क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। पिथौरा गांव निवासी बदलू का कहना है कि हमलावर कार से प्रधान के दरवाजे पहुंचे थे और ताबड़तोड़ फायरिंग की थी। वहीं दुखीलाल ने कहा कि पुलिस ने प्रधान पुत्रों के साथ पक्षपात किया है। एक पखवारे पूर्व प्रधान ने अपने बेटों की जान माल के लिए पुलिस से गुहार लगाई थी, लेकिन पुलिस ने उनकी शिकायत पर ध्यान नहीं दिया। गांव के श्यामलाल ने कहा कि प्रधान पुत्र मामले में निर्दोष हैं। इन्हें राजनीतिक कुचक्र के तहत फंसाया गया है। गांव की राजरानी ने आक्रोशित स्वर में कहा कि पुलिस का पक्षपात हम लोग बर्दाश्त नहीं करेंगे। मामले में जल्द से जल्द न्याय नहीं मिला तो पुलिस अधीक्षक का घेराव करेंगे। गया प्रसाद ने बताया कि पूरे जीवन में पहली बार इस तरह का हादसा देखा है। खेती-किसानी के समय में गांव के अंदर ऐसी घटना ने पूरा माहौल खराब कर दिया है। गांव के ही संजय कुमार ने कहा कि पुलिस अधीक्षक से ग्रामवासी मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं। हत्या में फंसाए गए प्रधान पुत्रों को न्याय मिलना चाहिए। निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
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