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सीएम ने दिए ड्यूटी से नदारद डॉक्टरों की जांच के आदेश
Updated Mon, 07 May 2018 11:49 PM IST
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सीएम ने दिए ड्यूटी से नदारद डॉक्टरों की जांच के आदेश
रायबरेली। जिले के ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों से डॉक्टरों के गैरहाजिर रहने का मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। पीएचसी व न्यू पीएचसी में तैनात 50 से अधिक डॉक्टर अधिकारियों के रहमोकरम पर ड्यूटी से नदारद रहते हैं।
आईजीआरएस पर हुई शिकायत के बाद सीएम के निर्देश पर जांच के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ को मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जिससे की स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
जिले में 20 से अधिक ऐसे डॉक्टर हैं, जो न्यू पीएचसी पर जॉइनिंग कराकर अस्पताल नहीं जाते हैं। इसके अलावा सीएचसी पर तैनात 30 चिकित्सक रोजाना ड्यूटी पर नहीं पहुंचते हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी निरीक्षण के नाम पर खानापूरी कर रहे हैं।
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अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। तीन महीने पहले सीएमओ ने 24 से अधिक डॉक्टरों की तैनाती न्यू पीएचसी पर की थी, मगर इसमें से अधिकांश डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंचते ही नहीं हैं। कुछ चिकित्सकों ने सेटिंग करके दूसरी जगह तबादला करा लिया है।
सलोन क्षेत्र के मटका निवासी गिरजेश मिश्र व अन्य लोगों को आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर डॉक्टरों पर मनमानी का आरोप लगाया है। करोड़ों की लागत से बनी न्यू पीएचसी मटका में तैनात डॉ. जितेंद्र सिंह के ड्यूटी पर नहीं आने की शिकायत की।
सीएम के आदेश पर अपर निदेशक (कार्मिक) ने सीएमओ को मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने के साथ ही जवाब देेने के आदेश दिए हैं। इससे यहां अधिकारियों व लापरवाह डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।
सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि, अस्पतालों का निरीक्षण एसीएमओ से कराया जा रहा है। जो भी चिकित्सक ड्यूटी से नदारद होते हैं, उनका वेतन रोककर जवाब मांगा जाता है। न्यू पीएचसी मटका के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।
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रायबरेली। जिले के ग्रामीण इलाकों के अस्पतालों से डॉक्टरों के गैरहाजिर रहने का मामला सीएम योगी आदित्यनाथ तक पहुंच गया है। पीएचसी व न्यू पीएचसी में तैनात 50 से अधिक डॉक्टर अधिकारियों के रहमोकरम पर ड्यूटी से नदारद रहते हैं।
आईजीआरएस पर हुई शिकायत के बाद सीएम के निर्देश पर जांच के आदेश दिए गए हैं। सीएमओ को मामले की जांच कराकर रिपोर्ट देने के आदेश दिए गए हैं। जिससे की स्वास्थ्य विभाग में हड़कंप मच गया है।
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जिले में 20 से अधिक ऐसे डॉक्टर हैं, जो न्यू पीएचसी पर जॉइनिंग कराकर अस्पताल नहीं जाते हैं। इसके अलावा सीएचसी पर तैनात 30 चिकित्सक रोजाना ड्यूटी पर नहीं पहुंचते हैं। स्वास्थ्य विभाग के जिम्मेदार अधिकारी भी निरीक्षण के नाम पर खानापूरी कर रहे हैं।
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अधिकारियों की लापरवाही के कारण ही चिकित्सक मनमानी कर रहे हैं। तीन महीने पहले सीएमओ ने 24 से अधिक डॉक्टरों की तैनाती न्यू पीएचसी पर की थी, मगर इसमें से अधिकांश डॉक्टर ड्यूटी पर पहुंचते ही नहीं हैं। कुछ चिकित्सकों ने सेटिंग करके दूसरी जगह तबादला करा लिया है।
सलोन क्षेत्र के मटका निवासी गिरजेश मिश्र व अन्य लोगों को आईजीआरएस के माध्यम से मुख्यमंत्री को शिकायती पत्र भेजकर डॉक्टरों पर मनमानी का आरोप लगाया है। करोड़ों की लागत से बनी न्यू पीएचसी मटका में तैनात डॉ. जितेंद्र सिंह के ड्यूटी पर नहीं आने की शिकायत की।
सीएम के आदेश पर अपर निदेशक (कार्मिक) ने सीएमओ को मामले में जांच कराकर कार्रवाई करने के साथ ही जवाब देेने के आदेश दिए हैं। इससे यहां अधिकारियों व लापरवाह डॉक्टरों में हड़कंप मच गया है।
सीएमओ डॉ. डीके सिंह का कहना है कि, अस्पतालों का निरीक्षण एसीएमओ से कराया जा रहा है। जो भी चिकित्सक ड्यूटी से नदारद होते हैं, उनका वेतन रोककर जवाब मांगा जाता है। न्यू पीएचसी मटका के संबंध में रिपोर्ट मांगी गई है। जांच कराकर कार्रवाई की जाएगी।