{"_id":"59c7face4f1c1b2e688b6629","slug":"181506278094-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"मौसम का बदल रहा मिजाज, ठंड के संकेत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मौसम का बदल रहा मिजाज, ठंड के संकेत
Updated Mon, 25 Sep 2017 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
फैजाबाद। मानसूनी बारिश अब समाप्ति की ओर है, इसी के साथ मौसम का मिजाज बदलने गया है। सुबह हवाओं में नमी और ओस की बूंदे ठंड आने का संकेत देने लगी है।
ग्रह-नक्षत्रों के जानकारों के अनुसार हस्त नक्षत्र लगने में कुछ दिन शेष हैं, इसके लगते ही होने वाली बारिश मानसून की अंतिम बरसात होगी। इसी के साथ ठंड भी दस्तक देने लगेगी।
वैसे भी दिन अब धीरे-धीरे छोटा होने लगा है। कृषि विभाग के अनुसार औसत बारिश बेहतर रही है, इससे फसल अच्छी होगी। अगले दो दिनों में होने वाली बरसात धान के लिए वरदान साबित होगी।
मौसम विशेषज्ञ इस बार अच्छी बरसात की उम्मीद जता रहे थे। उनके पूर्वानुमान के अनुसार मानसूनी बारिश औसत से अधिक मानी जा रही थी।
मगर बारिश का औसत सामान्य के इर्द-गिर्द ही रहा। इससे सूखे की चपेट से किसान फिलहाल बचे हुए हैं। जुलाई और सितंबर माह में गत वर्षों के सापेक्ष सामान्य बरसात हुई है।
विज्ञापन
जून और अगस्त माह में निराशा हाथ लगी। इस बीच बेतहाशा गर्मी से लोग सीजन पर भर उफ-उफ करते नजर आए। धान की सिंचाई के लिए संकटों से जूझना पड़ा।
इधर, सितंबर माह में एक पखवारे बाद थोड़ी-बहुत बरसात से धान की सिंचाई में सहूलियत हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसून की विदाई मानी जा रही है।
प्रगतिशील किसान अनिल पांडेय कहते हैं कि एक बार और अच्छी बरसात हो जाती तो फसलों के लिए लाभदायक होता। जिन किसानों ने जून और अगस्त माह में सिंचाई कर लिया था।
उनकी फसलें तो अच्छी हैं, लेकिन जहां सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं था, वे फसलें अपेक्षाकृत कमजोर दिख रही हैं। एक बार और अच्छी बारिश हो जाती तो फसलों के लिए संजीवनी का काम करती।
27 तक अच्छी बरसात की उम्मीद
नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार आगामी 27 सितंबर तक अच्छी बरसात की उम्मीद है, इसके बाद मानसून की विदाई होगी, यदि सितंबर के प्रथम पखवारे में भी बरसात हो जाती तो फसलों के लिए लाभदायक होती।
मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान फसलों की स्थिति बेहतर दिखाई पड़ रही है। शीघ्र ही हस्त नक्षत्र लगने वाला है उसके बाद ही मौसम नम होने लगेगा और ठंड की शुरुआत होगी। लेकिन अभी करीब एक पखवारे तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।
विज्ञापन
ग्रह-नक्षत्रों के जानकारों के अनुसार हस्त नक्षत्र लगने में कुछ दिन शेष हैं, इसके लगते ही होने वाली बारिश मानसून की अंतिम बरसात होगी। इसी के साथ ठंड भी दस्तक देने लगेगी।
वैसे भी दिन अब धीरे-धीरे छोटा होने लगा है। कृषि विभाग के अनुसार औसत बारिश बेहतर रही है, इससे फसल अच्छी होगी। अगले दो दिनों में होने वाली बरसात धान के लिए वरदान साबित होगी।
विज्ञापन
मौसम विशेषज्ञ इस बार अच्छी बरसात की उम्मीद जता रहे थे। उनके पूर्वानुमान के अनुसार मानसूनी बारिश औसत से अधिक मानी जा रही थी।
मगर बारिश का औसत सामान्य के इर्द-गिर्द ही रहा। इससे सूखे की चपेट से किसान फिलहाल बचे हुए हैं। जुलाई और सितंबर माह में गत वर्षों के सापेक्ष सामान्य बरसात हुई है।
विज्ञापन
जून और अगस्त माह में निराशा हाथ लगी। इस बीच बेतहाशा गर्मी से लोग सीजन पर भर उफ-उफ करते नजर आए। धान की सिंचाई के लिए संकटों से जूझना पड़ा।
इधर, सितंबर माह में एक पखवारे बाद थोड़ी-बहुत बरसात से धान की सिंचाई में सहूलियत हुई। अक्टूबर के प्रथम सप्ताह में मानसून की विदाई मानी जा रही है।
प्रगतिशील किसान अनिल पांडेय कहते हैं कि एक बार और अच्छी बरसात हो जाती तो फसलों के लिए लाभदायक होता। जिन किसानों ने जून और अगस्त माह में सिंचाई कर लिया था।
उनकी फसलें तो अच्छी हैं, लेकिन जहां सिंचाई का पर्याप्त साधन नहीं था, वे फसलें अपेक्षाकृत कमजोर दिख रही हैं। एक बार और अच्छी बारिश हो जाती तो फसलों के लिए संजीवनी का काम करती।
27 तक अच्छी बरसात की उम्मीद
नरेंद्र देव कृषि विश्वविद्यालय के मौसम विभाग के अनुसार आगामी 27 सितंबर तक अच्छी बरसात की उम्मीद है, इसके बाद मानसून की विदाई होगी, यदि सितंबर के प्रथम पखवारे में भी बरसात हो जाती तो फसलों के लिए लाभदायक होती।
मौसम वैज्ञानिक डॉ अमरनाथ मिश्रा ने बताया कि क्षेत्र में भ्रमण के दौरान फसलों की स्थिति बेहतर दिखाई पड़ रही है। शीघ्र ही हस्त नक्षत्र लगने वाला है उसके बाद ही मौसम नम होने लगेगा और ठंड की शुरुआत होगी। लेकिन अभी करीब एक पखवारे तक मौसम में उतार-चढ़ाव जारी रहेगा।