फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   1790 staff nurses will be recruited in Medical colleges.

UP News: मेडिकल कॉलेजों में 1790 स्टाफ नर्सों की होगी भर्ती, हर साल दो हजार भर्तियों की तैयारी

Wed, 28 Dec 2022 10:29 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Wed, 28 Dec 2022 10:29 AM IST
सार

यूपी के स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में पहले चरण में 1790 स्टाफ नर्सों की भर्ती की जाएगी। इसके बाद हर साल राज्य चिकित्सा महाविद्यालयों में दो हजार भर्तियां की जाएंगी।

विज्ञापन
1790 staff nurses will be recruited in Medical colleges.

विस्तार

राज्य चिकित्सा महाविद्यालय सोसाइटी की शासी निकाय की बैठक में नर्सिंग सेवा परिनियमावली को मंजूरी दी गई। पहले चरण में स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालयों में 1790 स्टाफ नर्स की भर्ती की जाएगी। यह प्रक्रिया तीन माह में पूरी होगी। इसके बाद हर साल दो हजार कर्मियों की भर्ती होगी।

विज्ञापन


उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक की अध्यक्षता में योजना भवन में हुई बैठक में कई अहम फैसले किए गए। 1790 स्टाफ नर्सों की भर्ती के लिए एसजीपीजीआई को परीक्षा की जिम्मेदारी दी गई है। बैठक में महाविद्यालयों में अलग-अलग फंड बनाने पर भी सहमति बनी। तय किया गया कि प्रधानाचार्य स्थानीय स्तर पर सोसाइटी बनाएंगे। इसमें विभिन्न संगठनों एवं व्यक्ति से आर्थिक सहयोग लिया जाएगा। एकत्र राशि का उपयोग मरीजों के हित में किया जाएगा। सोसायटी में डीएम बतौर सदस्य शामिल होंगे।
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - अप्रैल-मई तक टल सकता है यूपी निकाय चुनाव, आयोग बनाकर आरक्षण तय करने में लग सकते हैं चार से पांच माह
विज्ञापन
विज्ञापन


ये भी पढ़ें - आरक्षण के मुद्दे को निरंतर धार देगी सपा, ‘संविधान बचाओ, आरक्षण बचाओ’ यात्रा की तैयारी


महाविद्यालयों के बैंक खातों को संचालित करने के लिए प्रधानाचार्यों को अधिकार दिए गए हैं। संबंधित कॉलेजों में दवा व उपकरण खरीदने के लिए एसजीपीजीआई की तर्ज पर हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड (एचआरएफ) बनेगा। पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी एवं मरीजों को अन्य जांचें उपलब्ध कराने के लिए इंवेस्टिगेशन रेंडरिंग फंड (आईआरएफ ) बनाने को भी मंजूरी दी गई है। इस फंड से स्थानीय स्तर पर ही मरीजों को सभी सुविधाएं मिल जाएंगी।

मरीजों की देखभाल में न हो लापरवाही 
उप मुख्यमंत्री ने प्रधानाचार्यों को निर्देश दिए कि मरीजों की देखरेख में किसी तरह की कोताही न हो। स्थानीय स्तर पर ही मरीज को इलाज मिल जाए। प्रमुख सचिव आलोक कुमार ने बताया कि बैठक में प्रधानाचार्यों के प्रशासनिक व वित्तीय अधिकारों का अनुमोदन भी किया गया है। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed