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तीन महीने बाद भी 25 स्कूलों ने छात्रों के अंक नहीं किए अपलोड
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25 स्कूलों ने अपलोड नहीं किए इंटरनल के अंक, फंसेगा रिजल्ट
- यूपी बोर्ड ने जताई सख्त नाराजगी, डीआईओएस ने दी स्कूलों को चेतावनी
लखनऊ। स्कूलों की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ सकता है। तीन महीने का समय बीत चुका है, बार-बार निर्देश देने के बाद भी करीब 25 स्कूलों ने हाईस्कूल व इंटर के छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड नहीं किए हैं। यूपी बोर्ड ने इसपर सख्त नाराजगी जताई है। मूल्यांकन कार्य खत्म होने से पहले आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि यदि छात्रों के परीक्षा परिणाम में अंक नहीं जुड़े तो इसकी जिम्मेदारी स्कूलों की होगी।
हाईस्कूल में छात्रों के सभी विषयों का आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है। वहीं इंटर में खेल व शारीरिक शिक्षा में आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है। इंटर्नल के अंक स्कूलों द्वारा अपने लॉगइन के माध्यम से परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने होते हैं। बोर्ड ने पहले 15 जनवरी तक इंटरनल के अंक अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी समय-समय पर बोर्ड ने निर्देश दिया, लेकिन स्कूलों की लापरवाही का आलम यह है कि अब तक अंक अपलोड नहीं किए गए हैं। बोर्ड ने इसको लेकर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। जिला विद्यालय निरीक्षक को से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने साफ कहा कि जिन स्कूलों के छात्रों के अंक अपलोड करने से छूट जाएंगे और परीक्षा परिणाम में वे अंक नहीं जुड़े तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्कूलों की होगी। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में विषयों की लिखित परीक्षा 70 अंकों की होती है। वहीं 30 अंक इंटरनल के होते हैं। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों को आखिरी चेतावनी दी जा चुकी है।
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- यूपी बोर्ड ने जताई सख्त नाराजगी, डीआईओएस ने दी स्कूलों को चेतावनी
लखनऊ। स्कूलों की लापरवाही का खामियाजा छात्रों को भुगतना पड़ सकता है। तीन महीने का समय बीत चुका है, बार-बार निर्देश देने के बाद भी करीब 25 स्कूलों ने हाईस्कूल व इंटर के छात्रों के आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड नहीं किए हैं। यूपी बोर्ड ने इसपर सख्त नाराजगी जताई है। मूल्यांकन कार्य खत्म होने से पहले आंतरिक मूल्यांकन के अंक अपलोड करने के निर्देश दिए हैं। बोर्ड ने साफ किया है कि यदि छात्रों के परीक्षा परिणाम में अंक नहीं जुड़े तो इसकी जिम्मेदारी स्कूलों की होगी।
हाईस्कूल में छात्रों के सभी विषयों का आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है। वहीं इंटर में खेल व शारीरिक शिक्षा में आंतरिक मूल्यांकन किया जाता है। इंटर्नल के अंक स्कूलों द्वारा अपने लॉगइन के माध्यम से परिषद की वेबसाइट पर अपलोड करने होते हैं। बोर्ड ने पहले 15 जनवरी तक इंटरनल के अंक अपलोड करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद भी समय-समय पर बोर्ड ने निर्देश दिया, लेकिन स्कूलों की लापरवाही का आलम यह है कि अब तक अंक अपलोड नहीं किए गए हैं। बोर्ड ने इसको लेकर गहरी आपत्ति दर्ज कराई है। जिला विद्यालय निरीक्षक को से सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया है। बोर्ड ने साफ कहा कि जिन स्कूलों के छात्रों के अंक अपलोड करने से छूट जाएंगे और परीक्षा परिणाम में वे अंक नहीं जुड़े तो इसकी पूर्ण जिम्मेदारी स्कूलों की होगी। हाईस्कूल की बोर्ड परीक्षा में विषयों की लिखित परीक्षा 70 अंकों की होती है। वहीं 30 अंक इंटरनल के होते हैं। डीआईओएस डॉ. मुकेश कुमार सिंह ने बताया कि स्कूलों को आखिरी चेतावनी दी जा चुकी है।
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