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हर ग्राम पंचायत में 14वें वित से बनेगी अस्थाई गोशाला
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हर ग्राम पंचायत में 14वें वित्त से बनेगी अस्थाई गोशाला
सीतापुर। अब हर ग्राम पंचायत में 14वें वित्त से अस्थाई गोशाला बनाई जाएगी। प्रधान व सचिव क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा पशुओं को चिह्नित कर उन्हें वहां रखने की व्यवस्था करेंगे। चारा-पानी का इंतजाम प्रधान अपने खाते से करेंगे। किसी व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से की गई मदद भी ले सकते हैं।
हर गोशाला में 100 गोवंशीय पशुओं को रखने का लक्ष्य है। ये निर्देश गुरुवार को कसमंडा ब्लॉक सभागार में प्रधान व सचिवों की बैठक में बीडीओ सुशील कुमार सिंह ने दिए।
बैठक में बीडीओ ने कहा कि अस्थाई गोशाला बनाने का काम तत्काल शुरू करना है। प्रधान 14वें वित्त से अस्थाई गौशाला बनवाएं। इसमें कम से कम 100 गोवंशों को रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। फिर क्षेत्र में घूमने वाले छुट्टा पशुओं को अस्थाई गोशाला में पहुंचाया जाए।
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उन्होंने कहा कि पशुओं को रखने के साथ-साथ पानी और चारे की व्यवस्था प्रधानों को अपने खाते से करनी होगी। इसके लिए कोई स्वेच्छा से आर्थिक व अन्य किसी तरह से मदद करना चाहता है तो वह ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं के गोबर से बर्मी कंपोस्ट खाद बनाएं।
किसानों को खाद बेचकर अर्जित धनराशि गोशाला के खर्च में उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा गोशाला से यदि कोई दुधारू गाय खरीदना चाहता है तो उसे बेच सकते हैं। गोशाला के संचालन को लेकर प्रधान व सचिव संयुक्त खाता खुलवाएं। हर ग्राम पंचायत में समिति का गठन करें।
इसका अध्यक्ष प्रधान व गांव के संभ्रांत नागरिकों को सदस्य बनाया जाए। बैठक में प्रधान प्रभाकर प्रताप सिंह, राघवेंद्र सिंह, शिवकुमार, रामगोपाल, विजय, केशन, श्रीकुमार आदि मौजूद रहे।
गोमूत्र से मच्छर मारने की अगरबत्ती के अलावा कई तरह की उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। बीडीओ कसमंडा ने प्रधान व सचिवों को स्वयं सहायता समूहों से संपर्क कर उन्हें इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।
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सीतापुर। अब हर ग्राम पंचायत में 14वें वित्त से अस्थाई गोशाला बनाई जाएगी। प्रधान व सचिव क्षेत्र में घूम रहे छुट्टा पशुओं को चिह्नित कर उन्हें वहां रखने की व्यवस्था करेंगे। चारा-पानी का इंतजाम प्रधान अपने खाते से करेंगे। किसी व्यक्ति द्वारा स्वेच्छा से की गई मदद भी ले सकते हैं।
हर गोशाला में 100 गोवंशीय पशुओं को रखने का लक्ष्य है। ये निर्देश गुरुवार को कसमंडा ब्लॉक सभागार में प्रधान व सचिवों की बैठक में बीडीओ सुशील कुमार सिंह ने दिए।
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बैठक में बीडीओ ने कहा कि अस्थाई गोशाला बनाने का काम तत्काल शुरू करना है। प्रधान 14वें वित्त से अस्थाई गौशाला बनवाएं। इसमें कम से कम 100 गोवंशों को रखने की व्यवस्था होनी चाहिए। फिर क्षेत्र में घूमने वाले छुट्टा पशुओं को अस्थाई गोशाला में पहुंचाया जाए।
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उन्होंने कहा कि पशुओं को रखने के साथ-साथ पानी और चारे की व्यवस्था प्रधानों को अपने खाते से करनी होगी। इसके लिए कोई स्वेच्छा से आर्थिक व अन्य किसी तरह से मदद करना चाहता है तो वह ले सकते हैं। उन्होंने कहा कि पशुओं के गोबर से बर्मी कंपोस्ट खाद बनाएं।
किसानों को खाद बेचकर अर्जित धनराशि गोशाला के खर्च में उपयोग कर सकते हैं। इसके अलावा गोशाला से यदि कोई दुधारू गाय खरीदना चाहता है तो उसे बेच सकते हैं। गोशाला के संचालन को लेकर प्रधान व सचिव संयुक्त खाता खुलवाएं। हर ग्राम पंचायत में समिति का गठन करें।
इसका अध्यक्ष प्रधान व गांव के संभ्रांत नागरिकों को सदस्य बनाया जाए। बैठक में प्रधान प्रभाकर प्रताप सिंह, राघवेंद्र सिंह, शिवकुमार, रामगोपाल, विजय, केशन, श्रीकुमार आदि मौजूद रहे।
गोमूत्र से मच्छर मारने की अगरबत्ती के अलावा कई तरह की उपयोगी चीजें बनाई जा सकती हैं। इसके लिए स्वयं सहायता समूहों को प्रेरित करने की आवश्यकता है। बीडीओ कसमंडा ने प्रधान व सचिवों को स्वयं सहायता समूहों से संपर्क कर उन्हें इसके लिए प्रेरित करने के निर्देश दिए हैं।