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भाजपा सरकार पर हमलावर हुईं सांसद सावित्री बाई फुले, अखिलेश से की मुलाकात
Sun, 30 Dec 2018 12:20 AM IST
MANISH sachan
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: MANISH sachan
Updated Sun, 30 Dec 2018 12:20 AM IST
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सांसद सावित्री बाई फुले
- फोटो : amar ujala
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भाजपा से बगावत करने वाली सांसद सावित्री बाई फुले ने प्रदेश व केंद्र सरकार पर हमले तेज कर दिए हैं। उन्होंने अनुसूचित जाति व पिछड़े समाज के महापुरुषों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए यहां जीपीओ स्थित डॉ. आंबेडकर प्रतिमा पर धरना दिया। उन्होंने गाजीपुर में जारी डाक टिकट में महाराजा सुहेलदेव के नाम के आगे पासी न लगाने पर एतराज जताया। फुले ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से भी मुलाकात की।
बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले लंबे समय से भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। शनिवार को जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गाजीपुर में महाराज सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी करने गए, उसी समय सावित्री फुले राजधानी में धरने पर बैठी थीं। उन्होंने सुहेलदेव के नाम के आगे पासी नहीं लगाने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा अनुसूचित जाति के महापुरुषों के साथ भेदभाव कर रही है। लखनऊ को राजा लखन पासी ने बसाया था, लेकिन सरकार इसका नाम लक्ष्मणपुरी करना चाहती है। बाराबंकी और सीतापुर के महाराजा भी पासी थी, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। सावित्री बाई फुले ने भाजपा के खिलाफ अनुसूचित जाति, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों की लामबंदी की अपील की।
फुले ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। माना जा रहा है कि अगला चुनाव वह सपा-बसपा गठबंधन से लड़ने की इच्छुक हैं। उन्होंने अखिलेश को भाजपा के अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग विरोधी फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि संसद के बाहर संविधान की प्रतियां जलाई गईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अखिलेश को पिछले एक साल में चलाए गए अभियान के बारे में भी बताया।
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बहराइच की सांसद सावित्री बाई फुले लंबे समय से भाजपा के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं। शनिवार को जिस समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गाजीपुर में महाराज सुहेलदेव पर डाक टिकट जारी करने गए, उसी समय सावित्री फुले राजधानी में धरने पर बैठी थीं। उन्होंने सुहेलदेव के नाम के आगे पासी नहीं लगाने का आरोप लगाया। कहा कि भाजपा अनुसूचित जाति के महापुरुषों के साथ भेदभाव कर रही है। लखनऊ को राजा लखन पासी ने बसाया था, लेकिन सरकार इसका नाम लक्ष्मणपुरी करना चाहती है। बाराबंकी और सीतापुर के महाराजा भी पासी थी, लेकिन उनकी अनदेखी की जा रही है। सावित्री बाई फुले ने भाजपा के खिलाफ अनुसूचित जाति, पिछड़ों व अल्पसंख्यकों की लामबंदी की अपील की।
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फुले ने सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव से मुलाकात कर 2019 के लोकसभा चुनाव को लेकर चर्चा की। माना जा रहा है कि अगला चुनाव वह सपा-बसपा गठबंधन से लड़ने की इच्छुक हैं। उन्होंने अखिलेश को भाजपा के अनुसूचित जाति व पिछड़ा वर्ग विरोधी फैसलों की जानकारी देते हुए कहा कि संसद के बाहर संविधान की प्रतियां जलाई गईं लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने अखिलेश को पिछले एक साल में चलाए गए अभियान के बारे में भी बताया।
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