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आठ साल बाद आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल
Updated Thu, 05 Apr 2018 11:16 PM IST
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बलरामपुर। जिले में एनआरएचएम से दवा खरीद घोटाले का जिन्न एक बार फिर बोतल से बाहर आया है। सीबीआई ने आठ साल बाद आरोपियों के खिलाफ विशेष अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। दवाओं के खरीद में तत्कालीन सीएमओ, अपर सीएमओ तथा तीन प्रोपराइटर के खिलाफ दवा खरीद में घोटाले का आरोप लगाया गया था। सीबीआई की जांच में आरोपियों के खिलाफ 23.62 लाख रुपये के घोटाले की पुष्टि होने पर केस दर्ज कराया गया था।
आठ साल पहले हुई थी हेराफेरी
जिले में एनआरएचएम से दवा खरीद में आठ साल पहले हेराफेरी की गई थी। वर्ष 2010-11 में एनआरएचएम से 23 लाख 62 हजार 634 रुपये के दवाओं के खरीदारी में जमकर घोटाला किए जाने का आरोप लगाया गया था। मामले की शिकायत होने पर सीबीआई ने वर्ष 2012-13 में तत्कालीन सीएमओ, अपर सीएमओ तथा तीन प्रोपराइटर के खिलाफ दवाओं के खरीद में घोटाला करने के आरोप में केस दर्ज किया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2013-14 में सभी आरोपियों को सात-सात महीने की जेल भी काटनी पड़ी थी।
सीबीआई की विशेष अदालत में हो रही सुनवाई
सीबीआई की विशेष अदालत में दवाओं के खरीददारी में घोटाला करने के आरोप में केस चल रहा है। सीबीआई ने दवा घोटाले के मामले में तत्कालीन सीएमओ डॉ. त्रिलोचन सिंह, अपर सीएमओ डॉ. एससी सिंह, प्रोपराइटर अनिल कुमार सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिंह व बेबी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन लोगों पर आरोप है कि एनआरएचएम के बजट से दवाएं खरीदी गईं जिनके बिलों में हेराफेरी की गई है। सीबीआई की चार्जशीट विशेष अदालत में पेश होने के बाद अगली सुनवाई के लिए नौ मई की तारीख निर्धारित की गई है।
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‘घोटालेबाजों को मिले सजा’
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव व दवा कारोबारी सुजीत श्रीवास्तव का कहना है कि एनआरएचएम के माध्यम से दवा खरीद में लिप्ट घोटालेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एनआरएचएम घोटाले से लोगों में भारी आक्रोश रहा है। किसी भी प्रकरण में घोटाला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए जिससे आम जनमानस में अच्छा मैसेज जाएगा। लोग घोटाला करने से बाज आएंगे।
वर्ष 2010-11 में तत्कालीन सीएमओ, अपर सीएमओ व तीन प्रोपराइटर के माध्यम से एनआरएचएम के तहत दवाओं के खरीदारी करने के मामले में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सीबीआई के विशेष अदालत में एनआरएचएम से जुड़े घोटाले के मामले की सुनवाई हो रही है। सीबीआई के विशेष अदालत का निर्णय आने के बाद जो दिशा-निर्देश दिया जाएगा उस आदेश पर तत्काल अमल किया जाएगा।
- डॉ. घनश्याम सिंह, सीएमओ
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आठ साल पहले हुई थी हेराफेरी
जिले में एनआरएचएम से दवा खरीद में आठ साल पहले हेराफेरी की गई थी। वर्ष 2010-11 में एनआरएचएम से 23 लाख 62 हजार 634 रुपये के दवाओं के खरीदारी में जमकर घोटाला किए जाने का आरोप लगाया गया था। मामले की शिकायत होने पर सीबीआई ने वर्ष 2012-13 में तत्कालीन सीएमओ, अपर सीएमओ तथा तीन प्रोपराइटर के खिलाफ दवाओं के खरीद में घोटाला करने के आरोप में केस दर्ज किया था। सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार वर्ष 2013-14 में सभी आरोपियों को सात-सात महीने की जेल भी काटनी पड़ी थी।
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सीबीआई की विशेष अदालत में हो रही सुनवाई
सीबीआई की विशेष अदालत में दवाओं के खरीददारी में घोटाला करने के आरोप में केस चल रहा है। सीबीआई ने दवा घोटाले के मामले में तत्कालीन सीएमओ डॉ. त्रिलोचन सिंह, अपर सीएमओ डॉ. एससी सिंह, प्रोपराइटर अनिल कुमार सिंह, शैलेन्द्र कुमार सिंह व बेबी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया था। इन लोगों पर आरोप है कि एनआरएचएम के बजट से दवाएं खरीदी गईं जिनके बिलों में हेराफेरी की गई है। सीबीआई की चार्जशीट विशेष अदालत में पेश होने के बाद अगली सुनवाई के लिए नौ मई की तारीख निर्धारित की गई है।
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‘घोटालेबाजों को मिले सजा’
केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के जिला महामंत्री अजय कुमार श्रीवास्तव व दवा कारोबारी सुजीत श्रीवास्तव का कहना है कि एनआरएचएम के माध्यम से दवा खरीद में लिप्ट घोटालेबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए। एनआरएचएम घोटाले से लोगों में भारी आक्रोश रहा है। किसी भी प्रकरण में घोटाला करने वालों के खिलाफ कार्रवाई अवश्य होनी चाहिए जिससे आम जनमानस में अच्छा मैसेज जाएगा। लोग घोटाला करने से बाज आएंगे।
वर्ष 2010-11 में तत्कालीन सीएमओ, अपर सीएमओ व तीन प्रोपराइटर के माध्यम से एनआरएचएम के तहत दवाओं के खरीदारी करने के मामले में कोई जानकारी नहीं है। सीबीआई मामले की जांच कर रही है। सीबीआई के विशेष अदालत में एनआरएचएम से जुड़े घोटाले के मामले की सुनवाई हो रही है। सीबीआई के विशेष अदालत का निर्णय आने के बाद जो दिशा-निर्देश दिया जाएगा उस आदेश पर तत्काल अमल किया जाएगा।
- डॉ. घनश्याम सिंह, सीएमओ