{"_id":"5adb84404f1c1b3a0b8b5d15","slug":"161524335680-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"पावर कार्पोरेशन को छह हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पावर कार्पोरेशन को छह हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश
Updated Sun, 22 Apr 2018 12:04 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
पावर कार्पोरेशन को छह हजार रुपये हर्जाना देने का आदेश
बाराबंकी। पावर कॉर्पोरेशन द्वारा मनमाने ढंग से कनेक्शन का किलोवाट बढ़ाकर बिल जारी करने के मामले में स्थानीय लोक अदालत सिविल कोर्ट ने उपभोक्ता को छह हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही एक किलोवाट का बिल एक माह में जारी करने को निर्देशित किया है।
नवाबगंज तहसील के शहावपुर निवासी अहमद अंसारी ने चार अक्तूबर 2017 को स्थानीय लोक अदालत में एक परिवाद दाखिल कराया था। इसमें बताया था कि पावर कॉर्पोरेशन ने उसे दो किलोवाट का बिल थमा दिया था। शिकायत के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन से उसे कोई राहत नहीं मिली।
इसके बाद स्थानीय लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया। इस पर लोक अदालत अधिकरण के अध्यक्ष श्यामसुंदर व सदस्य दिनेश पांडेय व रश्मि रस्तोगी ने रामसनेहीघाट के अधिशासी अभियंता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
विज्ञापन
निर्धारित समय के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर स्थानीय लोक अदालत ने पत्रावली व साक्ष्यों के आधार पर पावर कॉर्पोरेशन को एक किलोवाट का बिल एक माह में जारी करने तथा उपभोक्ता के मानसिक कष्ट तथा वाद व्यय के रूप में तीन-तीन हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है।
विज्ञापन
बाराबंकी। पावर कॉर्पोरेशन द्वारा मनमाने ढंग से कनेक्शन का किलोवाट बढ़ाकर बिल जारी करने के मामले में स्थानीय लोक अदालत सिविल कोर्ट ने उपभोक्ता को छह हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है। साथ ही एक किलोवाट का बिल एक माह में जारी करने को निर्देशित किया है।
नवाबगंज तहसील के शहावपुर निवासी अहमद अंसारी ने चार अक्तूबर 2017 को स्थानीय लोक अदालत में एक परिवाद दाखिल कराया था। इसमें बताया था कि पावर कॉर्पोरेशन ने उसे दो किलोवाट का बिल थमा दिया था। शिकायत के बाद भी पावर कॉर्पोरेशन से उसे कोई राहत नहीं मिली।
विज्ञापन
इसके बाद स्थानीय लोक अदालत में परिवाद दाखिल किया। इस पर लोक अदालत अधिकरण के अध्यक्ष श्यामसुंदर व सदस्य दिनेश पांडेय व रश्मि रस्तोगी ने रामसनेहीघाट के अधिशासी अभियंता को नोटिस भेजकर जवाब मांगा था।
विज्ञापन
निर्धारित समय के बाद भी नोटिस का जवाब नहीं मिलने पर स्थानीय लोक अदालत ने पत्रावली व साक्ष्यों के आधार पर पावर कॉर्पोरेशन को एक किलोवाट का बिल एक माह में जारी करने तथा उपभोक्ता के मानसिक कष्ट तथा वाद व्यय के रूप में तीन-तीन हजार रुपये अदा करने का आदेश दिया है।