{"_id":"5acbb8e64f1c1bf1618b6768","slug":"161523300582-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"तालाब के बाहर आया मगरमच्छ, दहशत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तालाब के बाहर आया मगरमच्छ, दहशत
Updated Tue, 10 Apr 2018 12:33 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
राजीचौराहा (बहराइच)। भगवानपुर गांव में मंदिर के निकट सोमवार को तालाब से बाहर मगरमच्छ निकल आया। वह आबादी की ओर रेंगने लगा। इसकी जानकारी कुछ दूरी पर मौजूद ग्रामीणों को हुई तो सभी एकत्रित हो गए।
सूचना वनकर्मियों को दी गई, लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। किसी तरह मगरमच्छ तालाब की ओर गया। घटना से ग्रामीणों में दहशत है।
बहराइच वन प्रभाग के महसी रेंज अंतर्गत भगवानपुर गांव में मंदिर के निकट तालाब स्थित है। इस तालाब में चार मगरमच्छ आ गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ अब तक तालाब में पानी पीने पहुंचे कई पशुओं पर हमला कर निवाला बना चुका है। जबकि आठ पशु घायल हो चुके हैं।
देर शाम को मगरमच्छ पुन: तालाब से बाहर निकल आया। वह तट पर टहलते हुए घास चर रहे पशुओं पर हमलावर हो गया। इसकी जानकारी होने पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।
तभी ने शोर मचाया। लाठी-डंडे पीटा। लगभग 15 मिनट बाद मगरमच्छ पुन: तालाब में चला गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ निकलने की सूचना वनकर्मियों को दी, लेकिन वनकर्मियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने वन विभाग को पत्र भेजकर मगरमच्छ को पकड़कर कतर्नियाघाट के गेरुआ नदी में छोड़े जाने की मांग की है।
विज्ञापन
सूचना वनकर्मियों को दी गई, लेकिन कोई भी वनकर्मी मौके पर नहीं पहुंचा। किसी तरह मगरमच्छ तालाब की ओर गया। घटना से ग्रामीणों में दहशत है।
बहराइच वन प्रभाग के महसी रेंज अंतर्गत भगवानपुर गांव में मंदिर के निकट तालाब स्थित है। इस तालाब में चार मगरमच्छ आ गए हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि मगरमच्छ अब तक तालाब में पानी पीने पहुंचे कई पशुओं पर हमला कर निवाला बना चुका है। जबकि आठ पशु घायल हो चुके हैं।
देर शाम को मगरमच्छ पुन: तालाब से बाहर निकल आया। वह तट पर टहलते हुए घास चर रहे पशुओं पर हमलावर हो गया। इसकी जानकारी होने पर काफी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए।
विज्ञापन
तभी ने शोर मचाया। लाठी-डंडे पीटा। लगभग 15 मिनट बाद मगरमच्छ पुन: तालाब में चला गया। ग्रामीणों ने मगरमच्छ निकलने की सूचना वनकर्मियों को दी, लेकिन वनकर्मियों ने कोई ध्यान नहीं दिया।
विज्ञापन
ग्रामीणों ने वन विभाग को पत्र भेजकर मगरमच्छ को पकड़कर कतर्नियाघाट के गेरुआ नदी में छोड़े जाने की मांग की है।