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निलंबित एडी बेसिक मृदुला आनंद की जमानत याचिका खारिज
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निलंबित एडी बेसिक मृदुला आनंद की जमानत याचिका खारिज
बाराबंकी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा सिंह ने बुधवार को शिखर श्रीवास्तव हत्याकांड में आरोपी और निलंबित एडी बेसिक मृदुला आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश पांडेय ने कोर्ट में बताया कि बहराइच निवासी दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के पुत्र शिखर श्रीवास्तव उर्फ राजा से तत्कालीन विधायक डॉ. विजय कुमार व उसकी पत्नी व तत्कालीन डीआईओएस मृदुला आनंद ने नौकरी के लिए साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे।
डॉ. विजय कुमार व मृदुला आनंद रुपये वापस करने के लिए बार-बार टाल रहे थे। जानकारी होने पर दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने भी लखनऊ में दोनों लोगों से मुलाकात की।
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इस पर काम कराने अथवा न होने पर रुपये वापस करने का आश्वासन दिया गया। 19 जनवरी वर्ष 2015 को तत्कालीन विधायक डॉ. विजय कुमार ने शिखर श्रीवास्तव को रुपये वापस करने के लिए बुुलवाया था।
इसके बाद दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के कई बार फोन मिलाने पर शिखर का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। वादी दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के विधायक निवास जाने पर भी शिखर श्रीवास्तव उर्फ राजा नहीं मिला।
नौकरों से पता चला कि विधायक, मृदुला आनंद व अन्य लोग शिखर को गाड़ी से कहीं ले गए हैं। दूसरे दिन शिखर का शव बाराबंकी के थाना बदोसरांय के ग्राम मरकामऊ में पड़ा मिला था।
घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने दर्ज कराई थी। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस सुनाने के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मृदुला आनंद की जमानत अर्जी खारिज कर दी।
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बाराबंकी। जिला एवं सत्र न्यायाधीश नीरजा सिंह ने बुधवार को शिखर श्रीवास्तव हत्याकांड में आरोपी और निलंबित एडी बेसिक मृदुला आनंद की जमानत याचिका खारिज कर दी है।
जिला शासकीय अधिवक्ता राजेश पांडेय ने कोर्ट में बताया कि बहराइच निवासी दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के पुत्र शिखर श्रीवास्तव उर्फ राजा से तत्कालीन विधायक डॉ. विजय कुमार व उसकी पत्नी व तत्कालीन डीआईओएस मृदुला आनंद ने नौकरी के लिए साढ़े तीन लाख रुपये लिए थे।
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डॉ. विजय कुमार व मृदुला आनंद रुपये वापस करने के लिए बार-बार टाल रहे थे। जानकारी होने पर दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने भी लखनऊ में दोनों लोगों से मुलाकात की।
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इस पर काम कराने अथवा न होने पर रुपये वापस करने का आश्वासन दिया गया। 19 जनवरी वर्ष 2015 को तत्कालीन विधायक डॉ. विजय कुमार ने शिखर श्रीवास्तव को रुपये वापस करने के लिए बुुलवाया था।
इसके बाद दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के कई बार फोन मिलाने पर शिखर का मोबाइल स्विच ऑफ मिला। वादी दिनेश चंद्र श्रीवास्तव के विधायक निवास जाने पर भी शिखर श्रीवास्तव उर्फ राजा नहीं मिला।
नौकरों से पता चला कि विधायक, मृदुला आनंद व अन्य लोग शिखर को गाड़ी से कहीं ले गए हैं। दूसरे दिन शिखर का शव बाराबंकी के थाना बदोसरांय के ग्राम मरकामऊ में पड़ा मिला था।
घटना की रिपोर्ट मृतक के पिता दिनेश चंद्र श्रीवास्तव ने दर्ज कराई थी। बुधवार को दोनों पक्षों की बहस सुनाने के पश्चात जिला एवं सत्र न्यायाधीश ने अपराध की गंभीरता को देखते हुए आरोपी मृदुला आनंद की जमानत अर्जी खारिज कर दी।