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खुद शौचालय बनवाने वाले 1180 ग्रामीणों को किया सम्मानित
Updated Wed, 23 May 2018 12:17 AM IST
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बाराबंकी। एक ओर जहां विभाग द्वारा करोड़ों का बजट देने के बाद भी शौचालय निर्माण में लापरवाही बरती जा रही है। वहीं कुछ ब्लॉकों में जागरूकता से प्रेरित होकर कई ग्रामीणों ने स्वयं के पैसे से शौचालयों का निर्माण कराया है। ऐसे लोगों को एडीओ पंचायत द्वारा प्रमाण पत्र देकर उन्हें सम्मानित करने की शुरुआत फतेहपुर ब्लॉक से की गई है। इस मामले में यह ब्लॉक अब अन्य ब्लॉकों के लिए नजीर बन गया है।
बिना सरकारी मदद के कई ग्रामीणों ने शौचालय बनवाने में दिलचस्पी दिखाई है। फतेहपुर ब्लॉक क्षेत्र में 1180 ग्रामीणों ने स्वयं के साधनों से शौचालयों का निर्माण कराया है। इन ग्रामीणों के इस प्रयास को देखते हुए ब्लॉक के एडीओ पंचायत प्रदीप द्विवेदी ने एक नई पहल करते हुए इन ग्रामीणों को उनके घर पहुंच कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। डीपीआरओ अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि फतेहपुर एडीओ पंचायत द्वारा खुद से शौचालय बनाने वालों को उनके घर जाकर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाना एक अच्छी पहल है। अन्य ब्लॉकों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
ब्लॉकों के लिए बना नजीर
वैसे तो कई अन्य ब्लॉकों ने भी जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मोटीवेट करते हुए स्वयं के संसाधनों से शौचालयों का निर्माण करवाया है। लेकिन ऐसे किसी भी ग्रामीण को प्रशस्ति पत्र नहीं दिया गया। फतेहपुर ब्लॉक में किए गए कार्य से स्वयं से शौचालय बनाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी में हो रही है। इस मामले में यह ब्लॉक अन्य ब्लॉकों के लिए नजीर बन गया है।
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बिना सरकारी मदद के कई ग्रामीणों ने शौचालय बनवाने में दिलचस्पी दिखाई है। फतेहपुर ब्लॉक क्षेत्र में 1180 ग्रामीणों ने स्वयं के साधनों से शौचालयों का निर्माण कराया है। इन ग्रामीणों के इस प्रयास को देखते हुए ब्लॉक के एडीओ पंचायत प्रदीप द्विवेदी ने एक नई पहल करते हुए इन ग्रामीणों को उनके घर पहुंच कर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया है। डीपीआरओ अनिल श्रीवास्तव ने कहा कि फतेहपुर एडीओ पंचायत द्वारा खुद से शौचालय बनाने वालों को उनके घर जाकर प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाना एक अच्छी पहल है। अन्य ब्लॉकों को भी इससे सीख लेनी चाहिए।
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ब्लॉकों के लिए बना नजीर
वैसे तो कई अन्य ब्लॉकों ने भी जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को मोटीवेट करते हुए स्वयं के संसाधनों से शौचालयों का निर्माण करवाया है। लेकिन ऐसे किसी भी ग्रामीण को प्रशस्ति पत्र नहीं दिया गया। फतेहपुर ब्लॉक में किए गए कार्य से स्वयं से शौचालय बनाने वालों की संख्या में बढ़ोत्तरी में हो रही है। इस मामले में यह ब्लॉक अन्य ब्लॉकों के लिए नजीर बन गया है।
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