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अब जिला अस्पताल में बीमारियों की जांच होगी आसान
Updated Thu, 22 Mar 2018 11:32 PM IST
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गोंडा। आने वाले दिनों में जिला अस्पताल में कोई भी मरीज यह नहीं कह सकेगा कि उसकी बीमारी डॉक्टरों की समझ में नहीं आ रही है, क्योंकि जल्द ही जिला अस्पताल एमआरआई मशीन से लैस हो जाएगा। इस मशीन से बगैर किसी चीड़ फाड़ के व्यक्ति के शरीर के अंदरूनी हिस्सों की तस्वीर लेकर यहां के डॉक्टर मरीज का हर बेहतर उपचार करने के लिए सक्षम होंगे। 96 लाख रुपये की लागत से जिला अस्पताल में लगने वाली एमआरआई मशीन के लिए शासन ने पहली किस्त के तौर पर 43 लाख रुपये मुक्त कर दिए हैं। जिसे एमआरआई मशीन लगाने वाली एजेंसी के खाते में ट्रांसफर कर दिया गया है। माना जा रहा है कि अगले वित्तीय वर्ष में एमआरआई मशीन जिला अस्पताल में लग जाएगी। इसके बाद इस मशीन से लोगों की बीमारी का इलाज करना जिला अस्पताल को डॉक्टरों के लिए और भी आसान हो जाएगा।
बाबू ईश्वरशरण के नाम से जिले में संचालित जिला अस्पताल में मरीजों के लिए वैसे तो कई प्रकार की सुविधाएं मुहैया हैं, जिसमें फ्री अल्ट्रासाउंड, फ्री एक्सरे, डिजिटल एक्सरे, मुफ्त पैथोलॉजी की सेवाएं मरीजों को पहले से ही मिल रही हैं। जबकि आगे चलकर एमआरआई की भी सुविधा यहां लिए आने वाले मरीजों को मिलने लगेगी, जिससे मरीज की हर बीमारी आसानी से डॉक्टरों की पकड़ में आ जाएगी और उन्हें बेहतर उपचार मिलेगा। अभी तक इस मशीन के जिला अस्पताल में न होने से मरीजों को बाहर के बड़े अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। इसके लिए उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे, लेकिन जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन लग जाने के बाद न सिर्फ मरीजों का पैसा बचेगा, बल्कि उनके समय की भी बचत होगी। वह बगैर बाहर के अस्पतालों में जाए जिले में रहकर अपना इलाज करा सकेंगे।
जिला अस्पताल में अभी तक एमआरआई की सुविधा नहीं थी, लेकिन हाल में सरकार ने इसके लिए 43 लाख रुपये सेंक्शन किए हैं। मशीन तकरीबन 9600000 रुपये से लगाई जानी है, जिसकी पहली किस्त एजेंसी को ट्रांसफर कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में इस मशीन का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा।
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-डॉ. अरुणलाल, सीएमएस, जिला अस्पताल गोंडा
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बाबू ईश्वरशरण के नाम से जिले में संचालित जिला अस्पताल में मरीजों के लिए वैसे तो कई प्रकार की सुविधाएं मुहैया हैं, जिसमें फ्री अल्ट्रासाउंड, फ्री एक्सरे, डिजिटल एक्सरे, मुफ्त पैथोलॉजी की सेवाएं मरीजों को पहले से ही मिल रही हैं। जबकि आगे चलकर एमआरआई की भी सुविधा यहां लिए आने वाले मरीजों को मिलने लगेगी, जिससे मरीज की हर बीमारी आसानी से डॉक्टरों की पकड़ में आ जाएगी और उन्हें बेहतर उपचार मिलेगा। अभी तक इस मशीन के जिला अस्पताल में न होने से मरीजों को बाहर के बड़े अस्पतालों का सहारा लेना पड़ता था। इसके लिए उन्हें काफी पैसे खर्च करने पड़ते थे, लेकिन जिला अस्पताल में एमआरआई मशीन लग जाने के बाद न सिर्फ मरीजों का पैसा बचेगा, बल्कि उनके समय की भी बचत होगी। वह बगैर बाहर के अस्पतालों में जाए जिले में रहकर अपना इलाज करा सकेंगे।
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जिला अस्पताल में अभी तक एमआरआई की सुविधा नहीं थी, लेकिन हाल में सरकार ने इसके लिए 43 लाख रुपये सेंक्शन किए हैं। मशीन तकरीबन 9600000 रुपये से लगाई जानी है, जिसकी पहली किस्त एजेंसी को ट्रांसफर कर दी गई है। उम्मीद है कि अगले वित्तीय वर्ष में इस मशीन का लाभ मरीजों को मिलना शुरू हो जाएगा।
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-डॉ. अरुणलाल, सीएमएस, जिला अस्पताल गोंडा