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2703 गांव में बिजली नहीं
Updated Thu, 28 Sep 2017 11:03 PM IST
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2703 गांवों में नहीं पहुंची बिजली
सीतापुर। जिले के 2703 गांव आज भी अंधेरे में डूबे हैं। कारण यह है इन गांवों में काफी प्रयास के बावजूद विद्युतीकरण नहीं हो सका है। इससे रात होते ही पूरे गांव में अंधेरा छा जाता है।
इसकी वजह से ग्रामवासी कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यूज नहीं कर पा रहे हैं। हालात यह है कि वह मोबाइल चार्ज करने के लिए आसपड़ोस के गांव जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने एलान किया है कि 2018 तक हर घर को बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन ने कवायद शुरू कर दी है। लेकिन मौजूदा हालात बहुत ही खराब है।
पावर कॉर्पोरेशन के मुताबिक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं। जहां पर आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
नवंबर 2016 में इस योजना की शुरूआत हुई थी। इसमें जिले के 5788 गांव चयनित किए गए थे। यह वो गांव हैं जहां के ग्रामीण बिजली को तरस रहे हैं।
इन गांवों में विद्युतीकरण पर 298 करोड़ 67 लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। अभी तक 3085 गांवों में बिजली पहुंच गई है। जबकि 2703 गांव अभी भी बिजली से अछूते हैं।
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इन गांवों में बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है। इसके लिए बजट भी आ चुका है। पावर कॉर्पोरेशन का दावा है कि 2018 तक जिले के सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाएगी।
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सीतापुर। जिले के 2703 गांव आज भी अंधेरे में डूबे हैं। कारण यह है इन गांवों में काफी प्रयास के बावजूद विद्युतीकरण नहीं हो सका है। इससे रात होते ही पूरे गांव में अंधेरा छा जाता है।
इसकी वजह से ग्रामवासी कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण यूज नहीं कर पा रहे हैं। हालात यह है कि वह मोबाइल चार्ज करने के लिए आसपड़ोस के गांव जाते हैं।
प्रधानमंत्री ने एलान किया है कि 2018 तक हर घर को बिजली कनेक्शन दिया जाएगा। इसके लिए पावर कॉर्पोरेशन ने कवायद शुरू कर दी है। लेकिन मौजूदा हालात बहुत ही खराब है।
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पावर कॉर्पोरेशन के मुताबिक, पंडित दीनदयाल उपाध्याय ग्राम ज्योति योजना के तहत ऐसे गांव चिन्हित किए गए हैं। जहां पर आज तक बिजली नहीं पहुंच सकी है।
नवंबर 2016 में इस योजना की शुरूआत हुई थी। इसमें जिले के 5788 गांव चयनित किए गए थे। यह वो गांव हैं जहां के ग्रामीण बिजली को तरस रहे हैं।
इन गांवों में विद्युतीकरण पर 298 करोड़ 67 लाख रुपये का बजट खर्च किया जाएगा। अभी तक 3085 गांवों में बिजली पहुंच गई है। जबकि 2703 गांव अभी भी बिजली से अछूते हैं।
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इन गांवों में बिजली पहुंचाने का काम चल रहा है। इसके लिए बजट भी आ चुका है। पावर कॉर्पोरेशन का दावा है कि 2018 तक जिले के सभी गांवों में विद्युत आपूर्ति शुरू हो जाएगी।