विज्ञापन

हड़ताल पर रहे जिले के प्राइवेट चिकित्सक

Lucknow Bureauलखनऊ ब्यूरो Updated Tue, 06 Jun 2017 09:31 PM IST
ख़बर सुनें
हड़ताल पर रहे प्राइवेट चिकित्सक
विज्ञापन
विज्ञापन
- नर्सिंग होम में लटके ताले, रोगियों को इलाज कराने को रहे लाले
- जिला अस्पताल में उमड़ी भीड़ तो वहां भी नहीं मिले डॉक्टर
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। जिले के प्राइवेट चिकित्सक मंगलवार को हड़ताल पर चले गए। इससे नर्सिंग होम में ताले लटक गए। अपनी छह सूत्री मांगों को लेकर डॉक्टरों ने सरकार को कोसा भी। प्राइवेट चिकित्सकों की हड़ताल के चलते रोगियों की भीड़ जिला अस्पताल में उमड़ी, लेकिन वहां भी कई डॉक्टर नहीं मिलने से ज्यादातर को बैरंग लौटना पड़ा।
आईएमए के आह्वान पर मंगलवार सुबह से ही जिले में हड़ताल का असर दिखा। 29 नर्सिंग होम में ताले लटके नजर आए। जहां पर इलाज कराने के लिए रोगियों की लाइन लगती थी, वहां पर मंगलवार को सन्नाटा पसरा नजर आया। यही नहीं पैथालॉबाजी लैब भी बंद होने से किसी प्रकार की जांच नहीं हो पाई। अल्ट्रासाउंड व एक्स-रे तक नहीं हो पाए। एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ. केएस सिंह और सचिव डॉ. बृजेश सिंह ने कहा कि हड़ताल पूरी तरह सफल रही। मांगों को लेकर चुप नहीं बैठा जाएगा। जल्द मांगों पर विचार नहीं किया गया तो बेमियादी हड़ताल शुरू की जाएगी। नर्सिंग होम में तालाबंदी होने से इलाज कराने के लिए रोगी जिला अस्पताल पहुंचे, लेकिन वहां पर भी कई डॉक्टरों के न रहने के कारण उन्हें परेशानी झेलनी पड़ी। जिला अस्पताल में तैनात डॉ. एसपी दीक्षित, डॉ. शिव कुमार, डॉ. एसपी खन्ना, डॉ. जय सिंह की ड्यूटी तहसील दिवस के दौरान लगने वाले स्वास्थ्य शिविर में लगा दी गई थी। इससे ये डॉक्टर स्वास्थ्य शिविर में गए थे। इससे इनके कक्षों में तालाबंदी थी। इससे रोगियों को परेशानी हुई। सतांव की मालती, राही ब्लॉक क्षेत्र के मुंशीगंज की रहने वाली आरती देवी को कान में दिक्कत थी। उनका कहना था कि नर्सिंग में इलाज नहीं हुआ। यहां आई तो यहां पर भी डॉक्टर नहीं मिले। इसी तरह अन्य रोगियों को भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
इनसेट
ये है प्राइवेट चिकित्सकों की मांगें
- केंद्रीय स्तर से चिकित्सकों एवं चिकित्सा संस्थानों पर हिंसा एवं उपद्रव के खिलाफ बड़ा कानून बने
- मेडिकल छात्रों पर नेशनल एक्जिट टेस्ट के प्रस्ताव को खारिज किया जाए
- चिकित्सकों एवं प्रतिष्ठानों का रजिस्ट्रेशन एकल विंडो से किया जाए
- चिकित्सकों को पर्चा लिखने का अधिकार रहे
- एलोपैथिक दवाओं का पर्चा लिखने का अधिकार सिर्फ एलोपैथिक डॉक्टर को रहे
- हेल्थ सेक्टर का बजट एक फीसदी से बढ़ाकर 2.5 फीसदी किया जाए

Recommended

बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है देसी घी, जानें इसके फायदे
ADVERTORIAL

बच्चों के विकास के लिए बेहद जरूरी है देसी घी, जानें इसके फायदे

विज्ञापन
विज्ञापन
अमर उजाला की खबरों को फेसबुक पर पाने के लिए लाइक करें

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन

Spotlight

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

Most Read

Lucknow

नए प्रधानमंत्री की बाट जोह रहा है देश, मोदी सरकार से लोग परेशान: अखिलेश

समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने शुक्रवार को कहा कि राष्ट्र एक नए प्रधानमंत्री की बाट जोह रहा है

18 जनवरी 2019

विज्ञापन

यूपी के कई नामी डॉक्टरों के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्रवाई, देखिए छापे के वक्त की तस्वीरें

गुरुवार को आयकर विभाग ने यूपी के कई शहरों में छापेमारी की कार्रवाई की। छापेमारी की जद में कई नामी डॉक्टर्स आए। जिनके घर और अस्पतालों में आयकर विभाग की टीम ने छापा मारकर कई दस्तावेज बरामद किए। ये रिपोर्ट देखिए।

17 जनवरी 2019

आज का मुद्दा
View more polls

Disclaimer

अपनी वेबसाइट पर हम डाटा संग्रह टूल्स, जैसे की कुकीज के माध्यम से आपकी जानकारी एकत्र करते हैं ताकि आपको बेहतर अनुभव प्रदान कर सकें, वेबसाइट के ट्रैफिक का विश्लेषण कर सकें, कॉन्टेंट व्यक्तिगत तरीके से पेश कर सकें और हमारे पार्टनर्स, जैसे की Google, और सोशल मीडिया साइट्स, जैसे की Facebook, के साथ लक्षित विज्ञापन पेश करने के लिए उपयोग कर सकें। साथ ही, अगर आप साइन-अप करते हैं, तो हम आपका ईमेल पता, फोन नंबर और अन्य विवरण पूरी तरह सुरक्षित तरीके से स्टोर करते हैं। आप कुकीज नीति पृष्ठ से अपनी कुकीज हटा सकते है और रजिस्टर्ड यूजर अपने प्रोफाइल पेज से अपना व्यक्तिगत डाटा हटा या एक्सपोर्ट कर सकते हैं। हमारी Cookies Policy, Privacy Policy और Terms & Conditions के बारे में पढ़ें और अपनी सहमति देने के लिए Agree पर क्लिक करें।

Agree