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मनरेगा की धीमी रफ्तार ने छीना मजदूरों से काम

Updated Mon, 05 Jun 2017 03:35 PM IST
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मनरेगा की धीमी रफ्तार ने छीना श्रमिकों से काम
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- नए वित्तीय वर्ष में भी काम का टोटा, खाताें में बजट डंप
- कार्ययोजना बनाने में हो रही लापरवाही, खामोश बैठे अफसर
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली। जिले में मनरेगा को रफ्तार पकड़वाने के लिए केंद्र सरकार की सारी कोशिशें बेकार साबित हो रही है। इसकी धीमी रफ्तार से मजदूरों को अब परिवार चलाना भी मुश्किल हो गया है। हालात यह है कि कई ग्राम सभाओं में अभी तक कार्ययोजना भी नहीं तैयार की गई। ऐसे में मजदूरों को 100 दिन रोजगार दिलाने की मंशा महज कागजों पर ही नजर आ रही है।
जिले के 18 ब्लॉक में कुल 989 ग्राम सभा है। यहां पर मनरेगा योजना के तहत दो लाख 79 हजार लोगों के जॉबकार्ड बनवाए गए हैं। वहीं गांव में मनरेगा के तहत कार्य कराने के लिए वित्तीय वर्ष 2017-18 में 95 करोड़ रुपया आवंटित किया गया है। नए वित्तीय वर्ष के दो महीने हो चुके हैं, लेकिन अभी तक 10 फीसदी धनराशि भी नहीं खर्च हो सकी है। अब तक करीब एक करोड़ रुपये योजना का खर्च हो सका है। यही नहीं कई ऐसे ग्राम सभाएं हैं, जहां पर मनरेगा का कार्य शुरू नहीं हो सका। इसके चलते इन गांवों में मजदूरी करके परिवार चलाने वालों के सामने आर्थिक संकट खड़ा होने लगा है। हालात यह है कि अब उनका काम की तलाश में परदेश की ओर पलायन शुरू हो गया है।

जिले रोहनियां, जगतपुर, हरचंदपुर, शिवगढ़, बछरावां, खीरों, सतांव, अमावां, सरेनी आदि ब्लाकों में मजदूरी के लिए प्रधान और सेक्रेटरी के आगे पीछे जॉबकार्ड धारक चक्कर लगा रहे हैं। फिर भी उन्हें काम नहीं मिल पा रहा है। जिले में यह योजना केंद्र सरकार की उम्मीदों पर खरी उतरती नहीं दिख रही है।
इनसेट
आखिर कब मिलेगा काम
महराजगंज ब्लॉक में 59 ग्राम सभाओं में 39 में काम चल रहा है। वहीं 20 ग्राम सभाओं में अभी तक शुरू नहीं हो सका है। पाली, राघवपुर, अटरा समेत नौ ग्राम सभा ऐसी हैं, जहां पर तकनीकी सहायक नहीं होने के कारण काम बंद पड़ा है। छतोह ब्लॉक के निनावा, तारापुर, बेढ़ौना, हाजीपुर, कुढा में मनरेगा कार्य नहीं चल रहा है। बीडीओ इंद्रपाल सिंह का कहना है कि 39 ग्राम सभा में काम चल रहा है। अवशेष गांवों में जल्द शुरू हो जाएगा। दीनशाह गौरा ब्लॉक के 19 गांवों में काम बंद है। बीडीओ बसंतलाल यादव का कहना है कि काम क्यों बंद है, इस बाबत संबंधित कर्मचारी को नोटिस दिया जाएगा।
इनसेट
जिले में मनरेगा पर एक नजर
कुल जॉबकार्डधारक 2.79 लाख
जिले में ब्लॉक 18
वित्तीय वर्ष 2017-18 का बजट 95 करोड़
दो माह में खर्च बजट 1.03 करोड़
मई तक का निर्धारित मानव दिवस 2.47 लाख
इनसेट
काम देने के लिए किया जाता परेशान
छतोह क्षेत्र के जॉबकार्ड धारक बाबूलाल, मनोज का कहना है कि काम देने के नाम पर परेशान किया जाता है। धूप में चलकर कई बार प्रधान के पास जाकर काम मांगा लेकिन आज तक नहीं मिला। डीह क्षेत्र के रामकुमार, इंद्र बहादुर, शंकर, रामबहादुर का कहना है कि अब तो परिवार चलाना मुश्किल हो गया है। काम की तलाश में बाहर जाना मजबूरी है।
वर्जन :
प्रदेश में जिले का काम सबसे बेहतर है। दो महीने के लिए निर्धारित लक्ष्य से अधिक 120 फीसदी कार्य हो चुका है। तीन गांव में मस्टररोल नहीं भरने पर कार्रवाई की गई है। पहली बार 33 फीसदी कार्य महिला जॉबकार्डधारकाें दिलाया गया है। यदि किसी गांव में काम नहीं चल रहा, तो इसकी जांच कराई जाएगी।-अनिल सिंह, उपायुक्त मनरेगा

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