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सालाना 11 करोड़ 47 लाख का हो रहा जिले को नुकसान

Mon, 05 Jun 2017 01:51 PM IST
Updated Mon, 05 Jun 2017 01:51 PM IST
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सालाना 11 करोड़ 47 लाख का हो रहा जिले को नुकसान
श्रावस्ती की बाइकों का व्यापार कर जमा होता बहराइच में
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श्रावस्ती। जिले को सालाना वैट, सैट व एक्साइज ड्यूटी का झटका लग रहा है। यह झटका सामाना 11 करोड़ 47 लाख का है। यह आटो मोबाइल सेक्टर का पैसा जिले की आय में दिखाई नहीं देता। जबकि यहां के लोग यह पैसा जमा कर रहे हैं। यही नहीं सालाना 85 लाख रुपये श्रावस्ती के लोगों की जेब से अनायास ही अव्यवस्था की भेंट चढ़ जाता है।
व्यापार कर पावती के मामले में श्रावस्ती प्रदेश का सबसे फिसड्डी जिला है। यही कारण है कि शासन द्वारा श्रावस्ती जिले में व्यापार कार्यालय की स्थापना न करके बहराइच में ही स्थापित कार्यालय में ही श्रावस्ती के नाम से एक कमरा आवंटित कर दिया है। जिसके चलते यहां के व्यापारियों को चालीस किलोमीटर दूर जाकर व्यापार से संबंधित समस्याओं का निस्तारण कराना होता है।
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जबकि देखा जाए तो प्रति वर्ष श्रावस्ती के व्यापार कर का 11 करोड़ 47 लाख रुपये बहराइच के कार्यालय में बहराइच के नाम से जमा होता है। यह पैसा श्रावस्ती जिले में बिकने वाले आटो मोबाइल सेक्टर का है। यदि वर्ष 2016 में श्रावस्ती में बिके मोटर साइकिल पर निगाह डाली जाए तो उसकी संख्या 8687 थी। यदि औसतन प्रति बाइक पचास हजार रुपये की ही बिक्री काउंट की जाए तो वैट 12.5 प्रतिशत, सैट 2 प्रतिशत व एक्साइज ड्यूट 12.5 प्रतिशत कुल मिलाकर 27 प्रतिशत की दर से जिले के व्यापार कर कार्यालय में दस करोड़ अस्सी लाख रुपये जमा होना चाहिए था।
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बाक्स में-
श्रावस्ती की बाइक बिकती बहराइच में
श्रावस्ती जिले में टीवीएस, हीरो, होडा, बजाज सहित कई अन्य कंपनियों के वर्कशॉप हैं। इन वर्कशॉपों पर अनाधिकृत रूप से वाहनों की बिक्री बहराइच के डीलरों द्वारा कराई जाती है। ऐसे में वाहनों की बिलिंग श्रावस्ती में न होकर बहराइच में होती है। जबकि जो वाहन जहां बिके उसकी पंजीकरण उसी जनपद में होना चाहिए। इसी कारण से श्रावस्ती का टैक्स बहराइच खाते में चढ़ जाता है।
बाक्स में-
श्रावस्ती को भी लाखों का झटका
श्रावस्ती जिले में आटो मोबाइल वाहन खरीदने के बाद भी डीलर द्वारा ग्राहकों से बहराइच में टंपरेरी रजिस्ट्रेशन के नाम पर 300 रुपये फीस व फाइल चार्ज के नाम पर 300 रुपये कुल 600 रुपये, बहराइच से श्रावस्ती वाहन भेजने के नाम पर 400 रुपये व अन्य खर्चा जोड़ कर कुल एक हजार रुपये प्रति वाहन की वसूली होती है। इस प्रकारण लगभग 85 लाख रुपये प्रति वर्ष अनायास चला जाता है।

बाक्स में-
श्रावस्ती में बिके वाहनों की बिलिंग बहराइच में होने से श्रावस्ती के कोटे का नुकसान तो होता है। लेकिन डीलर को सब डीलर बनाने का अधिकार प्राप्त है। इसी अधिकार का उपयोग बहराइच के डीलर करते हैं। यदि बहराइच व श्रावस्ती के डीलर अलग हो जाएं तो श्रावस्ती को लाभ होगा।
सर्वेश चंद्र श्रीवास्तव उपायुक्त वाणिज्यकर
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