सीएम के ड्रीम प्रोजेक्ट के लिए 'स्पेशल 145'
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मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के ड्रीम प्रोजेक्ट आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के निर्माण पर विशेषज्ञों की कड़ी नजर रहेगी। ये विशेषज्ञ अथॉरिटी इंजीनियर के जरिये तैनात किए जाएंगे। तय समय सीमा में काम पूरा कराने से लेकर निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी इन्हीं की होगी।
एक्सप्रेस वे के किसी भी पैकेज में कोई दिक्कत आने या गुणवत्ता में कमी पाए जाने पर ये विशेषज्ञ सीधे यूपी इंडस्ट्रियल एक्सप्रेस वे डवलपमेंट अथॉरिटी (यूपीडा) को अपनी रिपोर्ट देंगे।
एक्सप्रेस वे के तहत कराए जाने वाले हर तरह के कार्यों के लिए अलग-अलग 145 प्रोफेशनल्स की नियुक्ति की जाएगी। कुछ की तैनाती एक साल तो कुछ की तीन साल के लिए होगी।
आगरा-लखनऊ एक्सप्रेस वे के शिलान्यास के बाद सरकार के लिए अब बड़ी चुनौती गुणवत्ता के साथ समय पर परियोजना को पूरी कराने की है।
शिलान्यास मौके पर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव ने जिस तरह परियोजनाओं की धीमी चाल को लेकर सरकार को कठघरे में खड़ा किया, उससे भी सरकार और उसकी मशीनरी पर इसे तेज रफ्तार से बनवाने का दबाव बढ़ गया है।
28 नवंबर को खोली जाएगी फाइनेंशियल बिड
अथॉरिटी इंजीनियर के लिए फाइनेंशियल बिड 28 को एक्सप्रेस वे के निर्माण की निगरानी के लिए यूपीडा अथॉरिटी इंजीनियर के चयन की कवायद में जुटा है। इसके लिए 28 नवंबर को फाइनेंशियल बिड खोली जाएगी।
फाइनेंशियल बिड के मूल्यांकन के बाद अंतिम रूप से अथॉरिटी इंजीनियर का चयन करके उसे विशेषज्ञ तैनात करने की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। अथॉरिटी इंजीनियर की दौड़ में केंद्र सरकार की कंपनी राइट्स समेत देश-विदेश की पांच नामी-गिरामी कंपनियां शामिल हैं।
सीनियर हाईवे इंजीनियर होगा टीम लीडर
एक्सप्रेस वे के सभी पांच पैकेजों के निर्माण की देखरेख एक सीनियर हाईवे इंजीनियर करेगा जिसकी भूमिका टीम लीडर की होगी। इसके सहयोग के लिए एक डिप्टी टीम लीडर रहेगा। टीम लीडर और डिप्टी लीडर की तैनाती 36-36 महीने के लिए होगी।
पांचों पैकेज के लिए एक कांट्रेक्ट स्पेशलिस्ट रहेगा जो यह देखेगा कि निर्माण कार्य में लगी कंपनियां अनुबंध के अनुसार काम कर रही हैं या नहीं।
पांचों पैकेज के लिए अलग-अलग पांच रेजीडेंशियल इंजीनियर, तीन सीनियर क्वांटिटी सर्वेयर, तीन सीनियर पेवमेंट इंजीनियर, तीन सीनियर ब्रिज एवं स्ट्रक्चरल इंजीनियर, पांच डिजाइन इंजीनियर और तीन कांट्रेक्ट स्पेशलिस्ट नियुक्त किए जाएंगे।
निगरानी टीम में होंगे इतने सारे लोग
मौके पर काम की निगरानी के लिए 10 हाईवे इंजीनियर, 10 ब्रिज एवं स्ट्रक्चरल इंजीनियर, पांच मैटेरियल इंजीनियर, तीन पर्यावरण विशेषज्ञ, चार इलेक्ट्रिकल इंजीनियर व तीन सेफ्टी इंजीनियर भी तैनात होंगे।
65 प्रोफेशनल स्टाफ के साथ ही 45 सब प्रोफेशनल स्टाफ भी लगाया जाएगा। इनमें पांच क्वांटिटी सर्वेयर, 10 सर्वे इंजीनियर, 10 लैब टेक्नीशियन तथा 20 फील्ड इंजीनियर शामिल हैं।
इनके सहयोग के लिए सपोर्ट स्टाफ के रूप में पांच ऑफिस मैनेजर, पांच अकाउंटेंट-कैशियर, पांच फोटोकॉपी मशीन ऑपरेटर, सात कंप्यूटर ऑपरेटर कम स्टेनो तथा 13 ऑफिस ब्वॉय (चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी) तैनात किए जाएंगे। यूपीडा के सूत्रों का कहना है कि जल्द ही अथॉरिटी इंजीनियर के जरिये ये सारी नियुक्तियां कर दी जाएंगी।