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जिले में यूपी बोर्ड के हाईस्कूल व इंटर में कम हो गए 14,442 छात्र
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अभिषेक सिंह
कोरोना के चलते अप्रैल में प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है। जिले में 10वीं और 12वीं के 14,442 छात्र कम हुए हैं।
कुल 92,240 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इसमें प्राइवेट छात्र भी हैं। जानकारों की मानें तो बोर्ड के इतिहास में जिले में यह सबसे कम परीक्षार्थियों की संख्या है।
जबकि बोर्ड ने परीक्षा के लिए आवेदन तिथि को चार बार बढ़ाया था। इस बार अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की थी।
कुल आवेदनों में से कक्षा 10 के संस्थागत छात्रों की संख्या 47,159 और कक्षा 12 के संस्थागत छात्रों की संख्या 42, 251 है। वहीं, प्राइवेट छात्रों में कक्षा 10 में छात्रों की संख्या 505 और कक्षा 12 में छात्रों की संख्या 2325 है।
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गत सत्र 2020-21 के मुकाबले 14,442 छात्र घट गए हैं। गत सत्र में 1,06, 682 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया था। जिसमें कक्षा 10 में 55,227 और कक्षा 12 में 51,455 छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
वहीं, कक्षा नौ और 11 में स्कूलों ने भरसक प्रयास कर छात्रों की संख्या को एक लाख पार कर दिया है। कक्षा नौ में 55,187 और कक्षा 11 में 48,760 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। इस लिहाज से कुल 1,03,947 छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
पिछले साल बंद हुए विद्यालयों से गिरा ग्राफ
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों की मानें तो इस बार छात्रों में गिरावट पिछले साल कोरोना के चलते बंद हुए विद्यालयों की वजह से आई है। कालीचरण इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य और उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ राय ने बताया कि गत वर्ष कोरोना की वजह से प्राइवेट विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई। रोजगार खत्म हो गए, आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो प्राइवेट विद्यालयों से छात्र गायब होने लगे। करीब 30 फीसदी विद्यालय बंद हो गए। सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।
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कोरोना के चलते अप्रैल में प्रस्तावित यूपी बोर्ड परीक्षा में बैठने वाले छात्रों की संख्या में भारी गिरावट देखने को मिली है। जिले में 10वीं और 12वीं के 14,442 छात्र कम हुए हैं।
कुल 92,240 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया है। इसमें प्राइवेट छात्र भी हैं। जानकारों की मानें तो बोर्ड के इतिहास में जिले में यह सबसे कम परीक्षार्थियों की संख्या है।
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जबकि बोर्ड ने परीक्षा के लिए आवेदन तिथि को चार बार बढ़ाया था। इस बार अंतिम तिथि 20 नवंबर निर्धारित की थी।
कुल आवेदनों में से कक्षा 10 के संस्थागत छात्रों की संख्या 47,159 और कक्षा 12 के संस्थागत छात्रों की संख्या 42, 251 है। वहीं, प्राइवेट छात्रों में कक्षा 10 में छात्रों की संख्या 505 और कक्षा 12 में छात्रों की संख्या 2325 है।
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गत सत्र 2020-21 के मुकाबले 14,442 छात्र घट गए हैं। गत सत्र में 1,06, 682 छात्रों ने बोर्ड परीक्षा के लिए आवेदन किया था। जिसमें कक्षा 10 में 55,227 और कक्षा 12 में 51,455 छात्रों ने पंजीकरण कराया था।
वहीं, कक्षा नौ और 11 में स्कूलों ने भरसक प्रयास कर छात्रों की संख्या को एक लाख पार कर दिया है। कक्षा नौ में 55,187 और कक्षा 11 में 48,760 छात्रों ने पंजीकरण कराया है। इस लिहाज से कुल 1,03,947 छात्रों ने पंजीकरण कराया है।
पिछले साल बंद हुए विद्यालयों से गिरा ग्राफ
शिक्षा क्षेत्र के जानकारों की मानें तो इस बार छात्रों में गिरावट पिछले साल कोरोना के चलते बंद हुए विद्यालयों की वजह से आई है। कालीचरण इंटर कॉलेज प्रधानाचार्य और उप्र माध्यमिक शिक्षक संघ के प्रदेशीय मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ राय ने बताया कि गत वर्ष कोरोना की वजह से प्राइवेट विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था चरमरा गई। रोजगार खत्म हो गए, आर्थिक स्थिति बिगड़ी तो प्राइवेट विद्यालयों से छात्र गायब होने लगे। करीब 30 फीसदी विद्यालय बंद हो गए। सरकारी विद्यालयों में बच्चों की संख्या में इजाफा हुआ है।