{"_id":"5b2fcace4f1c1bb0318b87a8","slug":"141529858766-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"धरमनपुर में खसरे से दो बच्चों की मौत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
धरमनपुर में खसरे से दो बच्चों की मौत
Updated Sun, 24 Jun 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मटेरा (बहराइच)। धरमनपुर गांव में गर्मी बढ़ने के साथ ही खसरे ने पांव पसारना शुरू कर दिया। खसरे की चपेट में आकर शनिवार देर शाम दो बच्चों की मौत हो गई। गंभीर रूप से बीमार एक बच्ची को जिला अस्पताल रेफर किया गया है।
गांव के लगभग 150 बच्चे बीमार हैं। ग्रामीणों की सूचना पर गांव में चिकित्सीय टीम पहुंच गई है। टीम गांव में कैंप कर बच्चों का इलाज कर रही है।
विकासखंड चित्तौरा अंतर्गत रामगांव थाना क्षेत्र के धरमनपुर गांव में लगभग तीन दिनों से गंभीर रूप से खसरे का प्रकोप फैला हुआ है। शनिवार देर शाम अचानक गांव निवासी सरिता (6) पुत्री जगतराम और रवि (3) पुत्र महेश गुप्ता की खसरे की चपेट में आने से मौत हो गई।
गांव निवासी प्रियांशी (3) गंभीर रूप से बीमार है। उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। गांव निवासी अनूप (7), सुशीला (2), चेतराम (3), सरपता देवी (4), अंशिका (एक), प्रीती (5), काजल (3), लक्ष्मी (4), मनीष (3), खुशबू (2), सोनिया (5), सुमन (13), मीना (5), नीतू (8), रेखा (3) भी गंभीर रूप से खसरे की चपेट में हैं।
विज्ञापन
गांव में खसरा फैलने और दो बच्चों की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में देर शाम चित्तौरा सीएचसी और संक्रामक रोग विभाग की टीम गांव पहुंच गई। टीम ने गांव में कैंप कर बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है। टीम के अधिकारियों ने ग्रामीणों को दवा वितरित कर अपने आसपास स्वच्छता रखने के निर्देश दिए।
गांव में नहीं होती सफाई
विकासखंड चित्तौरा अंतर्गत रामगांव इलाके से सटा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई कर्मी तो तैनात है, लेकिन वह कभी गांव नहीं आता। सफाई नहीं होने के कारण गांव में अचानक संक्रामक बीमारी फैल गई। संक्रामक रोग विभाग की ओर से भी बचाव को लेकर पहले से कोई प्रयास नहीं किए गए थे।
दो बच्चों के मौत की सूचना ग्राम प्रधान ने शनिवार देर शाम दी। सीएचसी व संक्रामक रोग विभाग की टीम को गांव भेजा गया। स्वास्थ्य कर्मी कैंप लगाकर इलाज कर रहे हैं। लगातार नजर बनाए हुए हैं। गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल भर्ती कराकर इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. एके पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी
विज्ञापन
गांव के लगभग 150 बच्चे बीमार हैं। ग्रामीणों की सूचना पर गांव में चिकित्सीय टीम पहुंच गई है। टीम गांव में कैंप कर बच्चों का इलाज कर रही है।
विकासखंड चित्तौरा अंतर्गत रामगांव थाना क्षेत्र के धरमनपुर गांव में लगभग तीन दिनों से गंभीर रूप से खसरे का प्रकोप फैला हुआ है। शनिवार देर शाम अचानक गांव निवासी सरिता (6) पुत्री जगतराम और रवि (3) पुत्र महेश गुप्ता की खसरे की चपेट में आने से मौत हो गई।
विज्ञापन
गांव निवासी प्रियांशी (3) गंभीर रूप से बीमार है। उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। गांव निवासी अनूप (7), सुशीला (2), चेतराम (3), सरपता देवी (4), अंशिका (एक), प्रीती (5), काजल (3), लक्ष्मी (4), मनीष (3), खुशबू (2), सोनिया (5), सुमन (13), मीना (5), नीतू (8), रेखा (3) भी गंभीर रूप से खसरे की चपेट में हैं।
विज्ञापन
गांव में खसरा फैलने और दो बच्चों की मौत की सूचना के बाद स्वास्थ्य महकमे में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में देर शाम चित्तौरा सीएचसी और संक्रामक रोग विभाग की टीम गांव पहुंच गई। टीम ने गांव में कैंप कर बच्चों का इलाज शुरू कर दिया है। टीम के अधिकारियों ने ग्रामीणों को दवा वितरित कर अपने आसपास स्वच्छता रखने के निर्देश दिए।
गांव में नहीं होती सफाई
विकासखंड चित्तौरा अंतर्गत रामगांव इलाके से सटा हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सफाई कर्मी तो तैनात है, लेकिन वह कभी गांव नहीं आता। सफाई नहीं होने के कारण गांव में अचानक संक्रामक बीमारी फैल गई। संक्रामक रोग विभाग की ओर से भी बचाव को लेकर पहले से कोई प्रयास नहीं किए गए थे।
दो बच्चों के मौत की सूचना ग्राम प्रधान ने शनिवार देर शाम दी। सीएचसी व संक्रामक रोग विभाग की टीम को गांव भेजा गया। स्वास्थ्य कर्मी कैंप लगाकर इलाज कर रहे हैं। लगातार नजर बनाए हुए हैं। गंभीर रोगियों को जिला अस्पताल भर्ती कराकर इलाज किया जा रहा है।
-डॉ. एके पांडेय, मुख्य चिकित्साधिकारी