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संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड में पूर्व विधायक समेत तीन के खिलाफ वारंट जारी
Updated Sun, 06 May 2018 11:16 PM IST
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सुल्तानपुर। संत ज्ञानेश्वर हत्याकांड में हाईकोर्ट के निर्देश पर सीजेएम ने इसौली के पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई समेत तीन आरोपियों के खिलाफ जमानती वारंट जारी किया है। सीजेएम ने तीनों को आठ मई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है।
माघ मेले के दौरान 11 फरवरी 2006 को इलाहाबाद के हड़िया क्षेत्र में संत ज्ञानेश्वर समेत सात लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में इसौली के तत्कालीन सपा विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू, समर्थक विजय यादव समेत कई लोगों को अभियुक्त बनाया गया था।
25 अगस्त 2010 को इलाहाबाद के स्पेशल जज ईसी एक्ट/एडीजे की अदालत ने विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत सभी अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। ट्रायल कोर्ट के फैसले को संत ज्ञानेश्वर के भाई इंद्रदेव तिवारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करके चुनौती दी।
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अपील पर पूर्व विधायक समेत अन्य अभियुक्तों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। गत 16 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई के समय अभियुक्तों की ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ। इस पर हाईकोर्ट की डबल बेंच के न्यायमूर्ति राजेश दयाल खरे व विजय लक्ष्मी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत अन्य अभियुक्तों का बेलबांड रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट ने अभियुक्तों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश सीजेएम को दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में सीजेएम आशा रानी सिंह ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह, उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और समर्थक विजय यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है।
सीजेएम ने तीनों अभियुक्तों को आठ मई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में अपील पर 17 मई को सुनवाई होगी।
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माघ मेले के दौरान 11 फरवरी 2006 को इलाहाबाद के हड़िया क्षेत्र में संत ज्ञानेश्वर समेत सात लोगों की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। हत्याकांड में इसौली के तत्कालीन सपा विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू, उनके भाई यशभद्र सिंह मोनू, समर्थक विजय यादव समेत कई लोगों को अभियुक्त बनाया गया था।
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25 अगस्त 2010 को इलाहाबाद के स्पेशल जज ईसी एक्ट/एडीजे की अदालत ने विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत सभी अभियुक्तों को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया था। ट्रायल कोर्ट के फैसले को संत ज्ञानेश्वर के भाई इंद्रदेव तिवारी ने इलाहाबाद हाईकोर्ट में अपील दायर करके चुनौती दी।
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अपील पर पूर्व विधायक समेत अन्य अभियुक्तों को हाईकोर्ट ने जमानत दे दी। गत 16 अप्रैल को हाईकोर्ट में सुनवाई के समय अभियुक्तों की ओर से कोई हाजिर नहीं हुआ। इस पर हाईकोर्ट की डबल बेंच के न्यायमूर्ति राजेश दयाल खरे व विजय लक्ष्मी ने कड़ा रुख अपनाते हुए पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह सोनू समेत अन्य अभियुक्तों का बेलबांड रद्द कर दिया था।
हाईकोर्ट ने अभियुक्तों के खिलाफ जमानती वारंट जारी करने का निर्देश सीजेएम को दिया था। हाईकोर्ट के निर्देश के अनुपालन में सीजेएम आशा रानी सिंह ने पूर्व विधायक चंद्रभद्र सिंह, उनके भाई पूर्व ब्लॉक प्रमुख यशभद्र सिंह मोनू और समर्थक विजय यादव के खिलाफ जमानती वारंट जारी कर दिया है।
सीजेएम ने तीनों अभियुक्तों को आठ मई को कोर्ट में हाजिर होने का आदेश दिया है। हाईकोर्ट में अपील पर 17 मई को सुनवाई होगी।