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शिक्षामित्रों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन

Wed, 06 Sep 2017 10:47 PM IST
Updated Wed, 06 Sep 2017 10:47 PM IST
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शिक्षामित्रों ने नारेबाजी कर किया प्रदर्शन
बहराइच। सरकार के निर्णय से क्षुब्ध जिले भर के शिक्षामित्र आहत हैं। शिक्षामित्रों ने मुख्यमंत्री की घोषणा के खिलाफ बुधवार को हुंकार भरते हुए कलेक्ट्रेट में नारेबाजी कर प्रदर्शन किया। बोले वार्ता के बहाने सरकार ने ठगा है। 10 हजार मानदेय कतई स्वीकार नहीं है। उग्र आंदोलन किया जाएगा। वहीं शिक्षामित्रों के प्रदर्शन के चलते एकबार फिर स्कूलों में ताला लटकने की नौबत आ गई है। अफरा-तफरी की स्थिति है। शिक्षामित्रों ने फैसला न बदलने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी है।
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जिले के प्राथमिक विद्यालयों में तैनात समायोजित शिक्षकों के मामले में सुप्रीमकोर्ट ने सुनवाई करते हुए उनका समायोजन रद्द करने का फैसला सुनाया था। इसके बाद शिक्षामित्र सड़क पर उतर आए थे। बड़े पैमाने पर आंदोलन हुआ। मुख्यमंत्री से दो चरणों में वार्ता हुई। इसके बाद शिक्षामित्रों के हित में फैसले के लिए कमेटी गठित कर अपर सचिव की अगुवाई में शिक्षामित्रों के हित में फैसला करने का निर्देश दिया। मुख्यमंत्री ने वार्ता के दौरान सम्मानजनक मानदेय की बात कही। लेकिन माह भर बाद पांच सितंबर को 10 हजार मानदेय की घोषणा करते हुए सभी को मूल पद पर वापस कर दिया। इसके बाद एकबार फिर शिक्षामित्र भड़क उठे हैं। बुधवार सुबह 10 बजे जिले भर के शिक्षामित्र कलेक्ट्रेट के धरनास्थल पर एकत्रित हुए। यहां उत्तर प्रदेशीय प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रांतीय प्रवक्ता शिवश्याम मिश्र की अगुवाई में सभी ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। धरने को संबोधित करते हुए प्रांतीय प्रवक्ता ने कहा कि सरकार ने शिक्षामित्रों के साथ धोखा किया है। जिसका मूल्य उसे चुकाना होगा। उन्होंने कहा कि बीटीसी होने के साथ सभी शिक्षामित्र शिक्षक का सम्मान प्राप्त कर रहे थे। लेकिन उन्हें पुन: शिक्षामित्र बना दिया गया। बेसिक शिक्षा मंत्री का यह बयान दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि 10 हजार मानदेय कतई स्वीकार नहीं है। उग्र आंदोलन किया जाएगा। जिला प्रवक्ता अनवारुल रहमान ने कहा कि पांच बार अपर सचिव ने वार्ता की। लीगल ओपीनियन बनाने को कहा, इसके बाद शिक्षामित्रों के पीठ में छुरा घोंपा गया। संचालन गिरीश जायसवाल ने किया। इस मौके पर श्रावस्ती के जिलाध्यक्ष निर्मल शुक्ला, मंडलीय अध्यक्ष प्रदीप श्रीवास्तव, दुर्गेश श्रीवास्तव, कमलेश वर्मा आदि ने संबोधित किया।
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