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फोरेंसिक टीम ने खंगाला पांच कत्लों का मौका-ए-वारदात
Updated Wed, 28 Jun 2017 11:47 PM IST
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फोरेंसिक टीम ने खंगाला पांच कत्लों का मौका-ए-वारदात
प्रधान के घर से मिले गोलियों के 12 छर्रे, फर्श व छत पर थे दर्जनों निशान
हर पहलू पर गहनता से की जांच, जो भी सुराग हाथ लगा उसे कब्जे में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/रोहनियां। पूर्व प्रधान समेत पांच लोगों की हत्या का सच जानने के लिए फोरेंसिक टीम ने बुधवार को मौका-ए-वारदात को खंगाला। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में टीम को प्रधान के घर से गोलियों के 12 छर्रे मिले। साथ ही फर्श व छत पर दर्जनों गोलियों के निशान पाए गए। टीम ने इन निशानों की नापजोख व फोटोग्राफी की। ये गोलियां दूसरे पक्ष की ओर से चलाई गईं या फिर प्रधान के बेटे ने अपने बचाव में समर्थकों के साथ अपने ही घर पर दागीं, यह जांच के बाद सामने आएगा।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में सोमवार रात प्रतापगढ़ जिले के देवारा गांव के पूर्व प्रधान रोहित शुक्ला, अनूप कुमार मिश्रा, बृजेश कुमार शुक्ला, भाष्कर मिश्रा उर्फ अंकुश, नरेंद्र शुक्ला की बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या कर दी गई थी। इन सभी को पहले लाठियों से पीटा गया और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। पीएम रिपोर्ट साफ बयां कर रही है कि कितनी बेरहमी के साथ पूर्व प्रधान समेत पांच लोगों का कत्ल किया गया।
बुधवार सुबह अप्टा गांव में फोरेंसिक टीम ने प्रभारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में प्रधान के घर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। इस दौरान टीम को घर की फर्श व छत पर गोलियों के दर्जनों निशान मिले। इन निशानों की टीम ने लंबाई-चौड़ाई की बाकायदा नापजोख की। छर्रे गिरने के स्थान की भी नापजोख की। टीम को प्रधान के घर से गोलियों के 12 छर्रे मिले, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। गोलियां और निशानों की फोटोग्राफी भी कराई गई। सीओ एसपी उपाध्याय का कहना है कि रायबरेली से आई टीम गहन पड़ताल के बाद वापस लौैट गई।
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घर के अंदर किसी को नहीं जाने दे रही पुलिस
वारदात के बाद से पुलिस प्रधान रामश्री के घर के अंदर किसी को नहीं जाने दे रही है। वह चाहे बाहरी हो या फिर गांव का कोई शख्स हो। फोरेंसिक टीम की जांच के दौरान किसी को भी घर के अंदर नहीं जाने दिया गया। हालांकि बाहर लोग मौजूद रहे। यहां तक कि किसी को प्रधान से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। पूछने पर कहा जाता है कि प्रधान घर पर नहीं हैं।
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प्रधान के घर से मिले गोलियों के 12 छर्रे, फर्श व छत पर थे दर्जनों निशान
हर पहलू पर गहनता से की जांच, जो भी सुराग हाथ लगा उसे कब्जे में लिया
अमर उजाला ब्यूरो
रायबरेली/रोहनियां। पूर्व प्रधान समेत पांच लोगों की हत्या का सच जानने के लिए फोरेंसिक टीम ने बुधवार को मौका-ए-वारदात को खंगाला। अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में टीम को प्रधान के घर से गोलियों के 12 छर्रे मिले। साथ ही फर्श व छत पर दर्जनों गोलियों के निशान पाए गए। टीम ने इन निशानों की नापजोख व फोटोग्राफी की। ये गोलियां दूसरे पक्ष की ओर से चलाई गईं या फिर प्रधान के बेटे ने अपने बचाव में समर्थकों के साथ अपने ही घर पर दागीं, यह जांच के बाद सामने आएगा।
ऊंचाहार थाना क्षेत्र के अप्टा मजरे इटौरा बुजुर्ग गांव में सोमवार रात प्रतापगढ़ जिले के देवारा गांव के पूर्व प्रधान रोहित शुक्ला, अनूप कुमार मिश्रा, बृजेश कुमार शुक्ला, भाष्कर मिश्रा उर्फ अंकुश, नरेंद्र शुक्ला की बर्बरतापूर्ण तरीके से हत्या कर दी गई थी। इन सभी को पहले लाठियों से पीटा गया और फिर पेट्रोल डालकर जिंदा जला दिया गया था। पीएम रिपोर्ट साफ बयां कर रही है कि कितनी बेरहमी के साथ पूर्व प्रधान समेत पांच लोगों का कत्ल किया गया।
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बुधवार सुबह अप्टा गांव में फोरेंसिक टीम ने प्रभारी प्रमोद कुमार श्रीवास्तव की अगुवाई में प्रधान के घर के चप्पे-चप्पे की पड़ताल की। इस दौरान टीम को घर की फर्श व छत पर गोलियों के दर्जनों निशान मिले। इन निशानों की टीम ने लंबाई-चौड़ाई की बाकायदा नापजोख की। छर्रे गिरने के स्थान की भी नापजोख की। टीम को प्रधान के घर से गोलियों के 12 छर्रे मिले, जिसे कब्जे में ले लिया गया है। गोलियां और निशानों की फोटोग्राफी भी कराई गई। सीओ एसपी उपाध्याय का कहना है कि रायबरेली से आई टीम गहन पड़ताल के बाद वापस लौैट गई।
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घर के अंदर किसी को नहीं जाने दे रही पुलिस
वारदात के बाद से पुलिस प्रधान रामश्री के घर के अंदर किसी को नहीं जाने दे रही है। वह चाहे बाहरी हो या फिर गांव का कोई शख्स हो। फोरेंसिक टीम की जांच के दौरान किसी को भी घर के अंदर नहीं जाने दिया गया। हालांकि बाहर लोग मौजूद रहे। यहां तक कि किसी को प्रधान से मिलने तक नहीं दिया जा रहा है। पूछने पर कहा जाता है कि प्रधान घर पर नहीं हैं।