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चुनाव ड्यूटी में गईं 36 बसें, यात्रियों को दिक्कतें
Updated Tue, 21 Nov 2017 12:03 AM IST
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सीतापुर। अगर आप रोडवेज बस से सफर करने का प्लान बना रहे हैं तो दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। इसकी वजह है रोडवेज बसों का चुनाव ड्यूटी में जाना। निकाय चुनाव के लिए बसें अधिग्रहीत कर लिए जाने से बसों की तादाद कम हो गई है, जिससे यात्रियों को दिक्कतें उठानी पड़ रही हैं। सीतापुर डिपो से 36 बसें चुनाव ड्यूटी में गई हैं। अब यहां बेड़े में 153 बसें ही बची हैं। हालांकि विभागीय अफसर बसों के संचालन को मैनेज करने का दावा कर रहे हैं।
इन दिनों निकाय चुनाव चल रहे हैं। निकाय चुनाव तीन चरणों में होने हैं। पहले चरण का मतदान 22 नवंबर, दूसरे चरण का मतदान 26 नवंबर और तीसरे व अंतिम चरण का मतदान 29 नवंबर को होना है। मतदान से तीन-चार दिन पहले ही बसें अधिग्रहीत कर ली जाती हैं। दरअसल, पोलिंग पार्टियों और पुलिस बल को जिला मुख्यालय से बूथों तक ले जाने और वापस लाने के लिए बसें रिजर्व की जाती हैं। इस बार भी एआरएम को 36 बसों की डिमांड भेजी गई। सीतापुर डिपो के बेड़े में 189 बसें हैं। इनमें 88 अनुबंधित, जबकि 101 बसें निगम की हैं। सीतापुर से दिल्ली, लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर, बहराइच, बरेली, शाहजहांपुर के अलावा लहरपुर, बिसवां, नैमिषारण्य आदि ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है। निकाय चुनाव में 36 बसें अधिग्रहीत कर लिए जाने से बसों की संख्या कम हो गई है। बसों की यह कमी से मुसाफिरों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
एआरएम विमल राजन ने बताया कि बसें कम होने से दिक्कतें हो रही है, लेकिन मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रियों को असुविधा न उठानी पड़े, इसे लेकर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जिन रूटों पर चार सेवाएं हैं, वहां एक सेवा कम कर जिन रूटों पर बसें कम हुई हैं, वहां लगाई जाएगी। उन रूटों को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा, जिन पर एक या दो सेवाएं ही संचालित हैं।
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इन दिनों निकाय चुनाव चल रहे हैं। निकाय चुनाव तीन चरणों में होने हैं। पहले चरण का मतदान 22 नवंबर, दूसरे चरण का मतदान 26 नवंबर और तीसरे व अंतिम चरण का मतदान 29 नवंबर को होना है। मतदान से तीन-चार दिन पहले ही बसें अधिग्रहीत कर ली जाती हैं। दरअसल, पोलिंग पार्टियों और पुलिस बल को जिला मुख्यालय से बूथों तक ले जाने और वापस लाने के लिए बसें रिजर्व की जाती हैं। इस बार भी एआरएम को 36 बसों की डिमांड भेजी गई। सीतापुर डिपो के बेड़े में 189 बसें हैं। इनमें 88 अनुबंधित, जबकि 101 बसें निगम की हैं। सीतापुर से दिल्ली, लखनऊ, हरदोई, लखीमपुर, बहराइच, बरेली, शाहजहांपुर के अलावा लहरपुर, बिसवां, नैमिषारण्य आदि ग्रामीण रूटों पर बसों का संचालन किया जाता है। निकाय चुनाव में 36 बसें अधिग्रहीत कर लिए जाने से बसों की संख्या कम हो गई है। बसों की यह कमी से मुसाफिरों को यात्रा करने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
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एआरएम विमल राजन ने बताया कि बसें कम होने से दिक्कतें हो रही है, लेकिन मैनेज करने का प्रयास किया जा रहा है। यात्रियों को असुविधा न उठानी पड़े, इसे लेकर हरसंभव प्रयास किए जाएंगे। जिन रूटों पर चार सेवाएं हैं, वहां एक सेवा कम कर जिन रूटों पर बसें कम हुई हैं, वहां लगाई जाएगी। उन रूटों को डिस्टर्ब नहीं किया जाएगा, जिन पर एक या दो सेवाएं ही संचालित हैं।
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