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35 स्कूली वाहनों का चालान, एक बस सीज

Fri, 27 Apr 2018 10:32 PM IST
Updated Fri, 27 Apr 2018 10:32 PM IST
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35 स्कूली वाहनों का चालान, एक बस सीज
फैजाबाद। कुशीनगर में स्कूल वैन हादसे के बाद जिले का परिवहन व पुलिस विभाग भी सक्रिय हो गया है। शुक्रवार को परिवहन विभाग के अधिकारियों ने करीब आधा दर्जन स्कूलों व अन्य स्थानों पर चेकिंग कर मानक पूरे नहीं करने वाले 35 वाहनों का चालान कर दिया। इस दौरान एक नई स्कूल बस को सीज भी किया गया।
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शहर के कनौसा कॉन्वेंट स्कूल, केंद्रीय विद्यालय, ग्रामर एकादमी, अनिल सरस्वती विद्या मंदिर समेत रायबरेली व सुल्तानपुर अंडर पास के पास परिवहन विभाग के अधिकारियों ने स्कूली वाहनों की चेकिंग की। इस दौरान स्कूली बच्चों को ले जा रहे ई-रिक्शा आदि को भी जांचा गया। इनमें जांच के दौरान जरूरत से ज्यादा बच्चे पाए जाने पर उन्हें अन्य साधनों से घर छोड़ा गया और इनके चालकों को भविष्य में ऐसा करने पर कानूनी कार्रवाई करने की चेतावनी दी गई। जांच के दौरान परिवहन विभाग ने 35 स्कूल बस व वैन का मानक पूरा नहीं होने व आवश्यकता से अधिक बच्चे सवार होने पर चालान किया गया। वहीं, सोहावल के गौतम बुद्ध पब्लिक स्कूल की एक नई बस को तय मानक पूरा नहीं होने के कारण सीज किया गया। एआरटीओ प्रवर्तन डॉ. उदित नारायन पांडेय ने बताया कि चालान होने वाली बसों में किसी में ड्राइवर बिना वर्दी व स्लीपर पहने हुए थे, तो किसी में खाली फर्स्ट एड बॉक्स व अग्निशमन यंत्र एक्सपायरी डेट का मिला।
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जिले में कुल 862 स्कूली वाहन रजिस्टर्ड
परिवहन अधिकारियों के अनुसार जिले के विभिन्न स्कूलों के 862 स्कूल वाहन रजिस्टर्ड हैं। इनमें से 450 बसें व 412 वैन, मैजिक आदि वाहन शामिल हैं। इन वाहनों की बीते मार्च में चेकिंग की गई थी, इसमें 110 वाहन मानक पूरा नहीं करने के लिए चिह्न्ति किए गए थे। इनको नोटिस देकर तीन दिनों में मानक पूरा करने का निर्देश दिया गया था। बाद में इनका वेरीफिकेशन किए जाने के बाद कमियां दूर होना पाया गया।
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बच्चे आपके हैं, उनके जीवन से खिलवाड़ नहीं करें। बिना स्कूल से अनुबंधित वाहनों पर बच्चों को नहीं भेजे। ऑटो पर निगाह रखें कि कहीं वह आवश्यकता से ज्यादा बच्चों को लेकर स्कूल तो नहीं ले जा रहा है। स्कूल प्रबंधन भी इसका ध्यान रखें और बिना मानक पूरा हुए वाहनों को नहीं चलने दे। ऐसा पाए जाने पर संबंधित स्कूल पर भी कार्रवाई की जाएगी।
- डॉ. उदित नारायन पांडेय, एआरटीओ प्रवर्तन
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