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फिर बाराबंकी पुलिस करेगी शिखर हत्याकांड की जांच -
Updated Wed, 22 Nov 2017 12:03 AM IST
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सिरौलीगौसपुर (बाराबंकी)। पौने तीन वर्ष पहले हुए बहुचर्चित शिखर हत्याकांड की जांच अब फिर बाराबंकी पुलिस के पास आ गई है। उच्च न्यायालय के आदेश पर सीबीसीआईडी से जांच फिर बाराबंकी पुलिस करेगी। कोतवाली बदोसरांय प्रभारी श्याम नारायण पांडेय ने बताया कि 14 नवंबर को इस मामले की विवेचना प्राप्त हुई है। वादी को बुलाया गया है। उससे बयान लेने के बाद दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
20 जनवरी 2015 को बदोसरांय कोतवाली क्षेत्र के राम नगर बदोसरांय मार्ग पर बरदरी के समीप शिखर की हत्या कर शव को फेंक दिया गया था। मृतक के पिता दिनेश चंद्र श्रीवास्तव निवासी बहराइच ने बांसगांव गोरखपुर के तत्कालीन बसपा विधायक डॉ. विजय कुमार व उनकी पत्नी जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद शासन ने इस मामले की जांच सीबीसीआईडी के सुपुर्द कर दी थी। करीब पौने तीन वर्ष से अधिक समय तक यह विवेचना सीबीसीआईडी में झूलती रही और किसी नतीजे पर नही पहुंची। अब मृतक के भाई शिवम श्रीवास्तव ने की याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विवेचना बाराबंकी पुलिस को वापस कर दी है। इस प्रकरण में बदोसरांय थाने की पुलिस ने शुरूआती विवेचना में आठ लोगों के नाम बढ़ाए थे। जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था तथा बसपा विधायक के लखनऊ स्थित आवास पर कार्रवाई भी की थी।
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20 जनवरी 2015 को बदोसरांय कोतवाली क्षेत्र के राम नगर बदोसरांय मार्ग पर बरदरी के समीप शिखर की हत्या कर शव को फेंक दिया गया था। मृतक के पिता दिनेश चंद्र श्रीवास्तव निवासी बहराइच ने बांसगांव गोरखपुर के तत्कालीन बसपा विधायक डॉ. विजय कुमार व उनकी पत्नी जिला विद्यालय निरीक्षक मृदुला आनंद समेत आठ लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई थी। इसके बाद शासन ने इस मामले की जांच सीबीसीआईडी के सुपुर्द कर दी थी। करीब पौने तीन वर्ष से अधिक समय तक यह विवेचना सीबीसीआईडी में झूलती रही और किसी नतीजे पर नही पहुंची। अब मृतक के भाई शिवम श्रीवास्तव ने की याचिका पर हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने विवेचना बाराबंकी पुलिस को वापस कर दी है। इस प्रकरण में बदोसरांय थाने की पुलिस ने शुरूआती विवेचना में आठ लोगों के नाम बढ़ाए थे। जिसमें तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भी भेजा था तथा बसपा विधायक के लखनऊ स्थित आवास पर कार्रवाई भी की थी।
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