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परिषदीय विद्यालयों में बनेंगे चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन
Updated Sun, 19 Nov 2017 10:46 PM IST
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गौरीगंज (अमेठी)। केंद्र सरकार की स्वच्छ भारत मिशन को गति देने व जिले के परिषदीय स्कूलों में पढने वाले बच्चों को सुविधा मुहैया कराने के उद्देश्य से शासन चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन का निर्माण कराएगा। इसके लिए जल्द ही डीपीआरओ कार्यालय धनराशि आवंटित करेगा। 2006 के पहले स्थापित स्कूल इसके दायरे में होंगे। साथ ही जिले के 857 आंगनबाड़ी केंद्रों में भी बेबी फ्रेंडली प्रसाधन का निर्माण कराया जाएगा।
परिषदीय स्कूलों में प्रसाधन नहीं होने अथवा पहले से निर्मित प्रसाधन में बच्चों को होने वाली असुविधा के मद्देनजर शासन ने वर्ष 2006 से पहले स्थापित सभी परिषदीय स्कूलों में चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन बनवाने का निर्णय लिया है। योजना उन विद्यालयों में भी लागू होगी जहां पहले से प्रसाधन बने हैं। 2006 तक के जिन विद्यालयों में प्रसाधन नहीं होंगे वहां सामान्य प्रसाधन के साथ चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन बनाए जाएंगे। शासन के आदेश पर मिशन डायरेक्टर की ओर से जारी निर्देश को आधार मानें तो जिले के सभी 1,769 स्कूलों में प्रसाधन निर्माण के लिए आने वाला धन संबंधित ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा। ग्राम पंचायतें काम करवा सकें इसके लिए उन्हें पूरक योजना बनाने को भी कहा गया है। योजना के तहत जिले के 857 आंगनबाड़ी केंद्रों में बेबी फ्रेंडली प्रसाधन भी बनाए जाएंगे। प्रसाधन निर्माण पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक की डेडलाइन तय की गई है।
यह होगी प्रसाधन की खासियत
जिला सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन आरपी सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में बनने वाले चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन में छोटी साइज की सीट, छोटी साइज की बेसिन व बच्चों के पहुंच लायक हैंड वाशिंग व्यवस्था रहेगी। इसी तरह बेबी फ्रेंडली प्रसाधन में छोटा पॉट, अधिकतम चार फिट ऊंचाई का आधा जालीदार दरवाजा होने के साथ वेल्टिनेशन की व्यवस्था रहेगी।
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परिषदीय स्कूलों में प्रसाधन नहीं होने अथवा पहले से निर्मित प्रसाधन में बच्चों को होने वाली असुविधा के मद्देनजर शासन ने वर्ष 2006 से पहले स्थापित सभी परिषदीय स्कूलों में चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन बनवाने का निर्णय लिया है। योजना उन विद्यालयों में भी लागू होगी जहां पहले से प्रसाधन बने हैं। 2006 तक के जिन विद्यालयों में प्रसाधन नहीं होंगे वहां सामान्य प्रसाधन के साथ चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन बनाए जाएंगे। शासन के आदेश पर मिशन डायरेक्टर की ओर से जारी निर्देश को आधार मानें तो जिले के सभी 1,769 स्कूलों में प्रसाधन निर्माण के लिए आने वाला धन संबंधित ग्राम पंचायतों को दिया जाएगा। ग्राम पंचायतें काम करवा सकें इसके लिए उन्हें पूरक योजना बनाने को भी कहा गया है। योजना के तहत जिले के 857 आंगनबाड़ी केंद्रों में बेबी फ्रेंडली प्रसाधन भी बनाए जाएंगे। प्रसाधन निर्माण पूरा करने के लिए 31 दिसंबर तक की डेडलाइन तय की गई है।
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यह होगी प्रसाधन की खासियत
जिला सलाहकार स्वच्छ भारत मिशन आरपी सिंह ने बताया कि परिषदीय स्कूलों में बनने वाले चाइल्ड फ्रेंडली प्रसाधन में छोटी साइज की सीट, छोटी साइज की बेसिन व बच्चों के पहुंच लायक हैंड वाशिंग व्यवस्था रहेगी। इसी तरह बेबी फ्रेंडली प्रसाधन में छोटा पॉट, अधिकतम चार फिट ऊंचाई का आधा जालीदार दरवाजा होने के साथ वेल्टिनेशन की व्यवस्था रहेगी।
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