फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Lucknow News ›   12 Accused got imprisonment in conversion case.

UP: धर्मांतरण कराने वाले 12 दोषियों को उम्रकैद, 4 को 10-10 साल की कैद, जुर्माना भी लगाया

Thu, 12 Sep 2024 06:36 AM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Thu, 12 Sep 2024 06:36 AM IST
सार

मामले के विशेष अभियोजक ने बताया कि सभी आरोपी नौकरी समेत कई तरह का प्रलोभन देकर आपराधिक षडयंत्र के तहत देशव्यापी अवैध धर्मांतरण का गिरोह चलाते थे। इस के द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर, दिव्यांगजन विशेषकर मूकबधिर लोगो को बहला फुसलाकर, डरा कर, बलपूर्वक और नाजायज दबाव डाल कर धर्मांतरण किया जा रहा था। 

विज्ञापन
12 Accused got imprisonment in conversion case.
- फोटो : अमर उजाला

विस्तार

विज्ञापन

उत्तर प्रदेश में अवैध धर्मांतरण समेत अन्य अपराधों के मामले में बुधवार को लखनऊ की एनआईए की विशेष अदालत ने 12 लोगों को उम्रकैद जबकि 4 लोगों को 10-10 साल की सजा सुनाई। अवैध धर्मांतरण के मामले में यह पहला केस है, जिसमें एक साथ 16 लोगों को सजा सुनाई गई है। सभी आरोपियों पर कोर्ट ने 10 हजार से लेकर एक लाख रुपये तक का जुर्माना भी लगाया है।

एनआईए के विशेष न्यायाधीश विवेकानंद शरण त्रिपाठी ने मंगलवार को धर्मांतरण कराने के सरगना उमर गौतम समेत 16 आरोपियों को इस मामले में दोषी करार देकर बुधवार को सजा सुनाने के लिए तलब किया था। कोर्ट ने सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया था। एक आरोपी मो. इदरीस कुरैशी के मामले में हाईकोर्ट के स्टे के चलते सुनवाई नहीं हुई। कोर्ट ने अवैध धर्मांतरण के पीड़ित आदित्य गुप्ता और मोहित चौधरी को दो-दो लाख का मुआवजा देने का आदेश दिया है। वहीं अन्य पीड़ित नितिन पंत और परेश लीलाधर हारोड़े को एनआईए दिलाने के लिए अपने निर्णय की एक प्रति को जिला विधिक सेवा प्राधिकरण को भेजने का आदेश दिया है।

विज्ञापन

एटीएस के लोक अभियोजक नागेंद्र गोस्वामी ने कोर्ट को बताया कि एटीएस ने 20 जून 2021 को 17 आरोपियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज करके चार्जशीट दाखिल की थी। अभियोजन की ओर से कुल 24 गवाहों को कोर्ट में पेश किया जबकि बचाव पक्ष ने अपने बचाव में कुल पांच गवाह पेश किया था। विशेष अभियोजक ने बताया कि सभी आरोपी नौकरी समेत कई तरह का प्रलोभन देकर आपराधिक षडयंत्र के तहत देशव्यापी अवैध धर्मांतरण का गिरोह चलाते थे।

विज्ञापन
विज्ञापन

धर्मांतरित व्यक्ति के जरिये भी कराते थे धर्मांतरण
इस गिरोह के द्वारा आर्थिक रूप से कमजोर, दिव्यांगजन विशेषकर मूकबधिर लोगो को बहला फुसलाकर, डरा कर, बलपूर्वक और नाजायज दबाव डाल कर धर्मांतरण किया जा रहा था। वहीं धर्मांतरित व्यक्ति के जरिये भी उसके मूल धर्म के लोगो का धर्मांतरण भी कराया जा रहा था। कहा गया कि धर्मांतरित व्यक्ति वापस मूल धर्म में वापस न जाए और देश विरोधी गतिविधियों में शामिल हो इसके लिए कार्यशाला और प्रशिक्षण दिया जाता था। जिसके चलते विभिन्न धर्मों के बीच आपसी वैमनस्यता बढ़ी है।

इनको हुई उम्रकैद
मोहम्मद उमर गौतम, इरफान शेख उर्फ इरफान खान, सलाउद्दीन जैनुद्दीन शेख, प्रसाद रामेश्वर कांवरे उर्फ आदम, अर्सलान मुस्तफा उर्फ भूप्रिय बंदो, कौशर आलम, फराज शाह, मौलाना कलीम सिद्दीकी, धीरज गोविंद राव जगताप, सरफराज अली जाफरी, काजी जहांगीर, अब्दुल्ला उमर।

इनका 10-10 साल की कैद
मोहम्मद सलीम, राहुल भोला, मन्नू यादव और कुणाल अशोक चौधरी।
 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed