लोकसभा चुनाव 2019: वाराणसी में मोदी के सामने 117 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया
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प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को वाराणसी संसदीय क्षेत्र में चुनौती देने के लिए 117 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। प्रदेश में 80 सीटों पर सबसे अधिक नामांकन वाराणसी में प्राप्त हुए है, सोमवार को नामांकन दाखिल करने के दिन देश भर से 87 उम्मीदवारों ने प्रधानमंत्री मोदी के सामने चुनाव लड़ने के लिए नामांकन दाखिल किया। लोकसभा चुनाव के सातवें चरण में प्रदेश की 13 सीटों पर 397 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है।
वाराणसी के जिला निर्वाचन अधिकारी सुरेन्द्र सिंह बताया कि सोमवार को नामांकन दाखिल करने के अंतिम दिन तक वाराणसी में 118 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया है। शुक्रवार तक मात्र 31 उम्मीदवारों ने नामांकन दाखिल किया था। उन्होंने बताया कि यूपी सहित अन्य प्रदेशों से भी उम्मीदवारों ने वाराणसी से नामांकन दाखिल किया है।
उधर, मुख्य निर्वाचन अधिकारी एल.वेंकटेश्वर लू ने बताया कि महराजगंज में 21, गोरखपुर में 31, कुशीनगर में 27, देवरिया में 29, बांसगांव में 11, घोसी में 26, सलेमपुर में 21, बलिया में 19, गाजीपुर में 21, चंदौली में 26, वाराणसी से 118, मिर्जापुर में 23 तथा राबटर्सगंज से 24 प्रत्याशियों ने नामांकन दाखिल किया है। नामांकन पत्रों की जांच 30 अप्रैल को होगी। उम्मीदवार 2 मई को दोपहर 3 बजे तक नाम वापस ले सकेंगे। सातवें और अंतिम चरण के लिए मतदान 19 मई को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक होगा।
नौकरी ही नहीं, बेटा भी खो चुके हैं तेज बहादुर
वाराणसी से पीएम नरेंद्र मोदी के खिलाफ चुनाव लड़ रहे बीएसएफ के बर्खास्त सिपाही तेज बहादुर यादव की जिंदगी उठापटक वाली रही है। तेज बहादुर अपनी नौकरी ही नहीं, युवा बेटे को भी खो चुके हैं। वर्दी पहनकर सैनिकों को मिलने वाले भोजन की आलोचना करने के चलते उन्हें बर्खास्त कर दिया गया था। तेज बहादुर वाराणसी से निर्दलीय चुनाव लड़ रहे थे। सोमवार को ही सपा ने उन्हें गठबंधन का प्रत्याशी बनाने का एलान किया।
18 जनवरी 2019 को रेवाड़ी के शांति विहार स्थित घर में उनके 22 वर्षीय बेटे रोहित की मौत हो गई थी। रोहित दिल्ली यूनिवर्सिटी में पढ़ता था। घटना वाले दिन तेजबहादुर प्रयागराज कुंभ गए थे। पुलिस ने रोहित के हाथ से पिस्टल बरामद की थी। पुलिस ने इसे आत्महत्या का मामला माना था।