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112 प्रमोटी जेई पर लटकी तलवार: जिस डिप्लोमा के आधार पर मिला था प्रमोशन उसे रिव्यू कमेटी ने अमान्य ठहराया

Mon, 25 Apr 2022 05:42 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ
अमर उजाला ब्यूरो, लखनऊ Published by: ishwar ashish Updated Mon, 25 Apr 2022 05:42 PM IST
सार

पीडब्ल्यूडी के 112 प्रमोटी जेई को जिस डिप्लोमा के आधार पर प्रमोशन दिया गया था रिव्यू कमेटी ने उसे अमान्य ठहरा दिया है। इस संबंध में  चार सदस्यीय कमेटी कल रिपोर्ट सौंपेगी।

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112 promotee JE may face demotion in PWD.
- फोटो : amar ujala

विस्तार

पीडब्ल्यूडी के 112 प्रमोटी अवर अभियंताओं (जेई) पर कार्रवाई की तलवार लटक गई है। इन सभी को दूरस्थ शिक्षा के माध्यम से इंजीनियरिंग के जिस डिप्लोमा से प्रमोट किया गया था, उस डिप्लोमा को चार सदस्यीय रिव्यू कमेटी ने भी अमान्य ठहरा दिया है। ऐसे में इन अवर अभियंताओं का पदावनत होना तय माना जा रहा है। रिव्यू कमेटी 26 अप्रैल को अपनी रिपोर्ट विभागाध्यक्ष को सौंपेगी।

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पीडब्ल्यूडी में अवर अभियंता के 5 फीसदी पद बाबुओं की पदोन्नति से भरने का नियम है। तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की नियमावली में यह संशोधन वर्ष 2013 में किया गया। इसके तहत इंजीनियरिंग का वैध डिप्लोमा हासिल कर चुके बाबू इस सुविधा का लाभ ले सकते हैं। इस संशोधन के बाद तमाम बाबुओं ने राजस्थान के एक विश्वविद्यालय समेत कई निजी संस्थानों से दूरस्थ शिक्षा से दो वर्षीय डिप्लोमा हासिल कर लिया। सपा शासन में उस डिप्लोमा के आधार पर 124 बाबुओं को जेई बना दिया गया।
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बाद में इस पर सवाल उठे तो जांच के लिए पीडब्ल्यूडी के तत्कालीन मुख्य अभियंता एचएन पांडेय की अध्यक्षता में एक कमेटी बनाई गई। पांडेय कमेटी की रिपोर्ट के अनुसार यूजीसी ने बताया कि किसी भी दूरस्थ शिक्षा केंद्र से ली गई इंजीनियरिंग की डिग्री या डिप्लोमा अमान्य है। इसके बाद ऑल इंडिया काउंसिल फॉर टेक्निकल एजुकेशन (एआईसीटीई) और डिस्टेंस एजुकेशन ब्यूरो (डीईबी) ने भी दूरस्थ शिक्षा से लिए गए डिप्लोमा को अमान्य बताया गया। लेकिन लंबे समय तक पांडेय कमेटी की रिपोर्ट पर कार्रवाई नहीं हुई तो शासन ने पीडब्ल्यूडी मुख्यालय से कड़ी आपत्ति दर्ज कराई।
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शासन की आपत्ति के बाद पांडेय कमेटी की रिपोर्ट का अध्ययन करके फाइनल रिपोर्ट देने के लिए प्रमुख अभियंता एके श्रीवास्तव की अध्यक्षता में रिव्यू कमेटी बनाई गई। इसमें मुख्य अभियंता अशोक कुमार, वरिष्ठ स्टाफ ऑफिसर तारा चंद्र रवि और शैलेंद्र कुमार यादव बतौर सदस्य शामिल किए गए। सूत्रों के मुताबिक, रिव्यू कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। इसमें भी प्रमोटी जेई का डिप्लोमा वैध नहीं माना गया। रिव्यू कमेटी ने पांडेय की कमेटी की रिपोर्ट पर अक्षरश: मुहर लगाई है। पीडब्ल्यूडी के एक उच्च पदस्थ अधिकारी ने बताया कि रिव्यू कमेटी की रिपोर्ट मिलते ही इस मामले में तत्काल कार्रवाई की जाएगी।

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