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दो करोड़ के घोटाले की जांच कल से
Updated Sun, 01 Jul 2018 12:32 AM IST
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दो करोड़ के घोटाले की जांच कल से
बाराबंकी। फार्म मशीनरी बैंक योजना में हुए करीब दो करोड़ रुपये के घोटाले की सोमवार से जांच शुरू होगी। जांच अधिकारी ने पारदर्शी जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का दावा किया है।
कृषि यंत्र की फार्म मशीनरी बैंक योजना में वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक मानकों को दरकिनार कर अपात्रों को योजना का लाभ दे दिया गया।
एक ही परिवार के लोगों को समूह में शामिल कर व एक ही नाम के समूूह को दो अलग-अलग ब्लॉकों से लाभ पहुंचाकर घोटाला किया गया।
जबकि, इस योजना में पंजीकरण कराने वाले कई पात्र किसान बरसों से अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। ऑफ लाइन शुरू हुई व्यवस्था बीते वर्ष से ऑनलाइन की गई।
मगर, अपात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सॉफ्टवेयर तक में गड़बड़ी करने से जिम्मेदार बाज नहीं आए। मामला सुर्खियों में आने पर डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर को तलब कर जानकारी की।
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मगर, उन्होंने ऑफलाइन व्यवस्था के समय दूसरे अधिकारी के तैनात होने व ऑनलाइन व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न होने की बात बताकर डीएम को गुमराह करने का प्रयास किया।
जिसके बाद डीएम ने मामले की जांच सीडीओ अंजनी कुमार सिंह को सौंपी। मगर, सीडीओ कुछ दिनों से अवकाश पर थे। शनिवार को सीडीओं अवकाश से लौटे तो उन्हें जिलाधिकारी द्वारा भेजा गया जांच का आदेश मिला।
सीडीओ अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि, कृषि विभाग में हुए घोटाले की जांच मिली है। मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएंगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
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बाराबंकी। फार्म मशीनरी बैंक योजना में हुए करीब दो करोड़ रुपये के घोटाले की सोमवार से जांच शुरू होगी। जांच अधिकारी ने पारदर्शी जांच के बाद दोषियों पर कार्रवाई का दावा किया है।
कृषि यंत्र की फार्म मशीनरी बैंक योजना में वर्ष 2014 से लेकर वर्ष 2018 तक मानकों को दरकिनार कर अपात्रों को योजना का लाभ दे दिया गया।
एक ही परिवार के लोगों को समूह में शामिल कर व एक ही नाम के समूूह को दो अलग-अलग ब्लॉकों से लाभ पहुंचाकर घोटाला किया गया।
जबकि, इस योजना में पंजीकरण कराने वाले कई पात्र किसान बरसों से अपना नंबर आने का इंतजार कर रहे हैं। ऑफ लाइन शुरू हुई व्यवस्था बीते वर्ष से ऑनलाइन की गई।
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मगर, अपात्रों को लाभ पहुंचाने के लिए सॉफ्टवेयर तक में गड़बड़ी करने से जिम्मेदार बाज नहीं आए। मामला सुर्खियों में आने पर डीएम उदयभानु त्रिपाठी ने उप कृषि निदेशक अनिल कुमार सागर को तलब कर जानकारी की।
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मगर, उन्होंने ऑफलाइन व्यवस्था के समय दूसरे अधिकारी के तैनात होने व ऑनलाइन व्यवस्था में कोई गड़बड़ी न होने की बात बताकर डीएम को गुमराह करने का प्रयास किया।
जिसके बाद डीएम ने मामले की जांच सीडीओ अंजनी कुमार सिंह को सौंपी। मगर, सीडीओ कुछ दिनों से अवकाश पर थे। शनिवार को सीडीओं अवकाश से लौटे तो उन्हें जिलाधिकारी द्वारा भेजा गया जांच का आदेश मिला।
सीडीओ अंजनी कुमार सिंह का कहना है कि, कृषि विभाग में हुए घोटाले की जांच मिली है। मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ कर रिपोर्ट जिलाधिकारी को दी जाएंगी। जांच में दोषी पाए जाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।