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स्वच्छता में मामूली सुधार, इस बार 315 वीं रैंक
Updated Sun, 24 Jun 2018 11:48 PM IST
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अंबेडकरनगर। स्वच्छता को लेकर शहरी क्षेत्रों में अभी बहुत कुछ किया जाना बाकी है। न तो नगर परिषदें व नगर पंचायतें सफाई को लेकर ज्यादा गंभीर हो पा रही हैं, और न ही आम जनमानस के बीच सफाई को लेकर अपनी जिम्मेदारी का एहसास दिखता है।
नतीजा यह कि स्वच्छता सर्वेक्षण के ताजे नतीजे में अकबरपुर नगर पालिका परिषद को देश में 315वीं रैंक मिली है। बीते वर्ष हुए सर्वेक्षण में देशभर में 333वीं रैंक मिली थी।
देशभर में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के ताजा नतीजों में जिले की एक बार फिर से किरकिरी हुई है। माना जा रहा था कि बीते साल रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए स्थिति में सुधार तय किया जाएगा। हालांकि ऐसा कुछ हो नहीं सका।
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मामूली सुधार के साथ इस वर्ष हुए सर्वेक्षण में अकबरपुर नगर पालिका परिषद को 315वीं रैंक मिली, जबकि गोंडा समेत कई अन्य जिलों ने रैंकिंग में जबरदस्त सुधार तय किया।
दरअसल अकबरपुर समेत जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों टांडा, जलालपुर, किछौछा व इल्तिफातगंज नगर क्षेत्र की स्थिति में सुधार न हो पाने का एक बड़ा कारण नागरिकों में जागरूकता की कमी और नगर पालिका व नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही को माना जा रहा है।
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नतीजा यह कि स्वच्छता सर्वेक्षण के ताजे नतीजे में अकबरपुर नगर पालिका परिषद को देश में 315वीं रैंक मिली है। बीते वर्ष हुए सर्वेक्षण में देशभर में 333वीं रैंक मिली थी।
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देशभर में हुए स्वच्छता सर्वेक्षण के ताजा नतीजों में जिले की एक बार फिर से किरकिरी हुई है। माना जा रहा था कि बीते साल रैंकिंग में निराशाजनक प्रदर्शन को देखते हुए स्थिति में सुधार तय किया जाएगा। हालांकि ऐसा कुछ हो नहीं सका।
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मामूली सुधार के साथ इस वर्ष हुए सर्वेक्षण में अकबरपुर नगर पालिका परिषद को 315वीं रैंक मिली, जबकि गोंडा समेत कई अन्य जिलों ने रैंकिंग में जबरदस्त सुधार तय किया।
दरअसल अकबरपुर समेत जिले के अन्य शहरी क्षेत्रों टांडा, जलालपुर, किछौछा व इल्तिफातगंज नगर क्षेत्र की स्थिति में सुधार न हो पाने का एक बड़ा कारण नागरिकों में जागरूकता की कमी और नगर पालिका व नगर पंचायत प्रशासन की लापरवाही को माना जा रहा है।