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साली के हत्यारे को सात वर्ष की कैद
Updated Thu, 29 Mar 2018 11:48 PM IST
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साली के हत्यारे को सात वर्ष की कैद
सुल्तानपुर। शादी से इंकार करने पर साली पर तेजाब फेंककर हत्या करने के आरोपी जीजा को बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामला अमेठी जिले के बाजार शुकुल थाने के ब्रह्मचारी कुटी गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी बुधिराम की पुत्री राजवंती की शादी तय हुई थी और 28 जून 2012 को बारात आनी थी। शादी में बुधिराम का दामाद बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के बंदीपुर गांव निवासी राधे उर्फ शंभू समेत अन्य रिश्तेदार आए थे। राधे उर्फ शंभू अपनी पत्नी को छोड़कर साली राजवंती से शादी करना चाहता था।
शादी से इंकार करने पर राधे उर्फ शंभू ने बारात आने से एक दिन पहले 27 जून 2012 को साली राजवंती पर तेजाब फेंक दिया था। परिवारीजनों ने राजवंती को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान 29 जून 2012 को उसकी मौत हो गई थी।
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पुलिस ने मृृतका के पिता बुधिराम की तहरीर पर आरोपी राधे उर्फ शंभू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व शासकीय अधिवक्ता गोरखनाथ शुक्ल ने पांच गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने आरोपी राधे उर्फ शंभू को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने कहा कि, आरोपी राधे उर्फ शंभू ने विश्वास के रिश्ते को कलंकित करते हुए युवती पर तेजाब फेंककर उसकी जान ले ली थी।
सजा होने से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने के साथ ही समाज में इसका एक अच्छा संदेश गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे लोग सबक लेंगे और एसिड अटैक की घटनाओं में कमी आएगी।
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सुल्तानपुर। शादी से इंकार करने पर साली पर तेजाब फेंककर हत्या करने के आरोपी जीजा को बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। मामला अमेठी जिले के बाजार शुकुल थाने के ब्रह्मचारी कुटी गांव से जुड़ा है।
गांव निवासी बुधिराम की पुत्री राजवंती की शादी तय हुई थी और 28 जून 2012 को बारात आनी थी। शादी में बुधिराम का दामाद बाराबंकी के सुबेहा थाना क्षेत्र के बंदीपुर गांव निवासी राधे उर्फ शंभू समेत अन्य रिश्तेदार आए थे। राधे उर्फ शंभू अपनी पत्नी को छोड़कर साली राजवंती से शादी करना चाहता था।
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शादी से इंकार करने पर राधे उर्फ शंभू ने बारात आने से एक दिन पहले 27 जून 2012 को साली राजवंती पर तेजाब फेंक दिया था। परिवारीजनों ने राजवंती को गंभीर हालत में ट्रॉमा सेंटर लखनऊ में भर्ती कराया था, जहां इलाज के दौरान 29 जून 2012 को उसकी मौत हो गई थी।
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पुलिस ने मृृतका के पिता बुधिराम की तहरीर पर आरोपी राधे उर्फ शंभू के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह व शासकीय अधिवक्ता गोरखनाथ शुक्ल ने पांच गवाहों को कोर्ट में पेश किया।
बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम श्यामजीत यादव ने आरोपी राधे उर्फ शंभू को दोषी मानते हुए सात वर्ष के कारावास व 20 हजार रुपये जुर्माना की सजा सुनाकर जेल भेजने का आदेश दिया।
अभियोजन पक्ष की पैरवी कर रहे डीजीसी क्रिमिनल तारकेश्वर सिंह ने कहा कि, आरोपी राधे उर्फ शंभू ने विश्वास के रिश्ते को कलंकित करते हुए युवती पर तेजाब फेंककर उसकी जान ले ली थी।
सजा होने से पीड़ित परिवार को न्याय मिलने के साथ ही समाज में इसका एक अच्छा संदेश गया है। उम्मीद जताई जा रही है कि इससे लोग सबक लेंगे और एसिड अटैक की घटनाओं में कमी आएगी।