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हाईकोर्ट ने कहा 1090 एडीजी अंजू गुप्ता दाखिल करें निजी हलफनामा
Wed, 17 Jul 2019 12:46 AM IST
Amulya Rastogi
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
Published by: Amulya Rastogi
Updated Wed, 17 Jul 2019 12:46 AM IST
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Lucknow High Court
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मातहतों की शिकायत करने वाली वीमेन पावर लाइन 1090 में तैनात महिला दरोगा का तबादला किए जाने के आदेश पर हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ ने रोक लगाते हुए एडीजी 1090 अंजू गुप्ता को निजी हलफनामा दाखिल करने का आदेश दिया है।
एडीजी को हलफनामे में यह बताना होगा कि किन कारणों से उन्होंने महिला दरोगा का नाम राष्ट्रपति पदक के लिए बनी सूची से हटाए जाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इसके साथ ही सरकारी वकील से कहा कि वे चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा करें जिसमें उन कारणों की जो जानकारी देनी होगी महिला दरोगा द्वारा मातहतों की शिकायत करना और उसके स्थानांतरण किया जाना शामिल हो।
महिला दरोगा शोभा तिवारी के एडवोकेट साबिर अली ने दलील दी थाी कि याची ने अपने मातहतों की शिकायत की थी जिसका कोई संज्ञान नहीं लिया गया उल्टे याची के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई और उसका तबादला लखनऊ से ललितपुर कर दिया गया। इस मामले में कोर्ट से तबादले पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद भी उसे कार्यमुक्त कर दिया गया था।
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अफसरों के इस रवैये से नाराज हाईकोर्ट ने डीजीपी ओमप्रकाश सिंह और वीमेन पावर लाइन 1090 की एडीजी अंजू गुप्ता को नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने मामले की सुनवाई करते हुए एडीजी व सरकारी वकील को हलफनामे दाखिल करने के आदेश दिए। कोर्ट ने महिला दरोगा का स्थानांतरण करने और इसके बाद उसे कार्यमुक्त करे जाने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को नियत की है।
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एडीजी को हलफनामे में यह बताना होगा कि किन कारणों से उन्होंने महिला दरोगा का नाम राष्ट्रपति पदक के लिए बनी सूची से हटाए जाने के निर्देश दिए। कोर्ट ने इसके साथ ही सरकारी वकील से कहा कि वे चार सप्ताह में जवाबी हलफनामा करें जिसमें उन कारणों की जो जानकारी देनी होगी महिला दरोगा द्वारा मातहतों की शिकायत करना और उसके स्थानांतरण किया जाना शामिल हो।
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महिला दरोगा शोभा तिवारी के एडवोकेट साबिर अली ने दलील दी थाी कि याची ने अपने मातहतों की शिकायत की थी जिसका कोई संज्ञान नहीं लिया गया उल्टे याची के खिलाफ जांच शुरू कर दी गई और उसका तबादला लखनऊ से ललितपुर कर दिया गया। इस मामले में कोर्ट से तबादले पर अंतरिम रोक लगाए जाने के बाद भी उसे कार्यमुक्त कर दिया गया था।
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अफसरों के इस रवैये से नाराज हाईकोर्ट ने डीजीपी ओमप्रकाश सिंह और वीमेन पावर लाइन 1090 की एडीजी अंजू गुप्ता को नोटिस जारी किया था। न्यायमूर्ति मनीष माथुर ने मामले की सुनवाई करते हुए एडीजी व सरकारी वकील को हलफनामे दाखिल करने के आदेश दिए। कोर्ट ने महिला दरोगा का स्थानांतरण करने और इसके बाद उसे कार्यमुक्त करे जाने के आदेश पर रोक लगा दी है। कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 20 अगस्त को नियत की है।
यह है मामला
याची के वकील साबिर अली ने बताया कि याचिका में कहा गया है कि याची ने ड्यूटी पर शराब पीने की वजह से उसके साथ तैनात दो आरक्षियों की शिकायत 16 मई 2018 को एडीजी अंजू गुप्ता समेत अन्य अधिकारियों से की थी। मामले की जांच शुरू की गई। इस दौरान आरोपी आरक्षियों के दुर्व्यवहार से परेशान होकर याची ने डीजीपी को प्रत्यावेदन देकर उसका तबादला 1090 से लखनऊ में पुलिस की किसी अन्य यूनिट में किए जाने का आग्रह किया था।
इस पर उल्टे याची के खिलाफ ही जांच शुरू कर दी गई और 16 मई 2019 को उसका तबादला ललितपुर कर दिया गया। याची ने इस तबादला आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी। इस पर न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने 7 जून 2019 को आदेश दिए थे कि याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय होने से पहले उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए। इसके बावजूद याची को कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके बाद याची ने अवमानना याचिका दायर की थी जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे।
इस पर उल्टे याची के खिलाफ ही जांच शुरू कर दी गई और 16 मई 2019 को उसका तबादला ललितपुर कर दिया गया। याची ने इस तबादला आदेश को हाईकोर्ट की लखनऊ खंडपीठ में चुनौती दी थी। इस पर न्यायमूर्ति सौरभ लवानिया की एकल पीठ ने 7 जून 2019 को आदेश दिए थे कि याची के प्रत्यावेदन पर निर्णय होने से पहले उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की जाए। इसके बावजूद याची को कार्यमुक्त कर दिया गया। इसके बाद याची ने अवमानना याचिका दायर की थी जिस पर कोर्ट ने नोटिस जारी किए थे।