{"_id":"5b229bc94f1c1b13358b6b5e","slug":"101528994761-lucknow-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"जून में ही चार फीट बढ़ा घाघरा का पानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
जून में ही चार फीट बढ़ा घाघरा का पानी
Updated Thu, 14 Jun 2018 10:16 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
महसी (बहराइच)। इस बार जून में ही घाघरा नदी का जलस्तर चार फीट बढ़ गया है। इससे ग्रामीणों में दहशत है। बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता ने तटबंध की सुरक्षा कार्य और तेज करने के निर्देश दिए।
अधिकारियों के मुताबिक नेपाल में पहाड़ों पर हुई वर्षा से जलस्तर बढ़ा है। नदी के किनारे की मिट्टी भी कटने लगी है। महसी तहसील में स्थित घाघरा नदी प्रति वर्ष जुलाई व अगस्त माह में बाढ़ की दस्तक देती है।
लेकिन इस बार तहसील क्षेत्र के कायमपुर में घाघरा का जलस्तर जून में करीब चार फीट बढ़ गया है। हालांकि, अभी नदी खतरे के निशान से काफी नीचे है।
पर इस रफ्तार से बढ़ रहे जलस्तर को देख ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे की मिट्टी भी कटने लगी है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण इस बार जलस्तर में जल्दी वृद्धि हो रही है।
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तटबंध में रेनकट की भराई की जा रही है। बाढ़ से पहले तटबंध की सुरक्षा की जाएगी।
विज्ञापन
अधिकारियों के मुताबिक नेपाल में पहाड़ों पर हुई वर्षा से जलस्तर बढ़ा है। नदी के किनारे की मिट्टी भी कटने लगी है। महसी तहसील में स्थित घाघरा नदी प्रति वर्ष जुलाई व अगस्त माह में बाढ़ की दस्तक देती है।
विज्ञापन
लेकिन इस बार तहसील क्षेत्र के कायमपुर में घाघरा का जलस्तर जून में करीब चार फीट बढ़ गया है। हालांकि, अभी नदी खतरे के निशान से काफी नीचे है।
पर इस रफ्तार से बढ़ रहे जलस्तर को देख ग्रामीणों में भय व्याप्त हो गया है। जलस्तर बढ़ने से नदी के किनारे की मिट्टी भी कटने लगी है।
बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता शोभित कुशवाहा ने बताया कि पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण इस बार जलस्तर में जल्दी वृद्धि हो रही है।
बेलहा-बेहरौली तटबंध की सुरक्षा के लिए विशेष ध्यान दिया जा रहा है। तटबंध में रेनकट की भराई की जा रही है। बाढ़ से पहले तटबंध की सुरक्षा की जाएगी।