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रायबरेली में दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस, एक निलंबित
Updated Wed, 28 Mar 2018 12:32 AM IST
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दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को नोटिस, एक निलंबित
रायबरेली। विकास कार्यों में मनमानी पर दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। खीरों ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवगांव में अपात्रों को प्रसाधन व आवास की सुविधा देने और इंटरलॉकिंग में मनमानी करने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। डीपीआरओ ने कर्मचारी को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उपायुक्त (एनआरएलएम) पवन कुमार सिंह ने खीरों ब्लॉक के देवगांव में शिकायत मिलने के बाद जांच की। जांच में पाया कि नीरज कुमार, सरोज कुमारी, बृजेंद्र बहादुर, आमिर अली, अमरेश कुमार आदि को प्रसाधन के लिए धनराशि दे दी गई, जबकि इनके आलीशान मकान हैं और प्रसाधन बनवाने में सक्षम भी हैं।
अब प्रसाधन के लिए मिले धन की रिकवरी कराने की संस्तुति की है। इसके अलावा इंटरलॉकिंग में भी गड़बड़ी व अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने का मामला पकड़ में आया है। जांच अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी पवन कुमार को निलंबित करने की संस्तुति की है।
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इसके अलावा जांच रिपोर्ट आने के बाद सरेनी के ग्राम पंचायत अधिकारी बुद्धराम और महाराजगंज के ग्राम पंचायत अधिकारी विक्रम जैन को भी कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
डीपीआरओ सीके वर्मा ने बताया कि जवाब आने के बाद इन कर्मचारियों को भी निलंबित किया जाएगा। देवगांव के ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
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रायबरेली। विकास कार्यों में मनमानी पर दो ग्राम पंचायत अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। खीरों ब्लॉक की ग्राम पंचायत देवगांव में अपात्रों को प्रसाधन व आवास की सुविधा देने और इंटरलॉकिंग में मनमानी करने के मामले में ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने की संस्तुति की गई है। डीपीआरओ ने कर्मचारी को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
उपायुक्त (एनआरएलएम) पवन कुमार सिंह ने खीरों ब्लॉक के देवगांव में शिकायत मिलने के बाद जांच की। जांच में पाया कि नीरज कुमार, सरोज कुमारी, बृजेंद्र बहादुर, आमिर अली, अमरेश कुमार आदि को प्रसाधन के लिए धनराशि दे दी गई, जबकि इनके आलीशान मकान हैं और प्रसाधन बनवाने में सक्षम भी हैं।
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अब प्रसाधन के लिए मिले धन की रिकवरी कराने की संस्तुति की है। इसके अलावा इंटरलॉकिंग में भी गड़बड़ी व अपात्रों को प्रधानमंत्री आवास देने का मामला पकड़ में आया है। जांच अधिकारी ने ग्राम पंचायत अधिकारी पवन कुमार को निलंबित करने की संस्तुति की है।
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इसके अलावा जांच रिपोर्ट आने के बाद सरेनी के ग्राम पंचायत अधिकारी बुद्धराम और महाराजगंज के ग्राम पंचायत अधिकारी विक्रम जैन को भी कारण बताओ नोटिस देकर जवाब मांगा गया है।
डीपीआरओ सीके वर्मा ने बताया कि जवाब आने के बाद इन कर्मचारियों को भी निलंबित किया जाएगा। देवगांव के ग्राम पंचायत के ग्राम पंचायत अधिकारी को निलंबित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।