{"_id":"6690f5721bd6f872ce0fbe9d","slug":"10-thousand-pashu-sakhi-will-be-trained-in-uttar-pradesh-2024-07-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"UP: दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 10 हजार पशु सखियों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार, ये है प्लान","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
UP: दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए 10 हजार पशु सखियों को प्रशिक्षित करेगी योगी सरकार, ये है प्लान
Fri, 12 Jul 2024 02:50 PM IST
ishwar ashish
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ
Published by: ishwar ashish
Updated Fri, 12 Jul 2024 02:50 PM IST
सार
पायलट प्रोजेक्ट के तहत 25 जिलों के 50 विकास खंडों में कार्यक्रम लागू किया जाएगा। शुरुआत में 2000 पशु सखियों को ए-हेल्प एजेंट के रूप में प्रशिक्षित किया जाएगा।
विज्ञापन
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ।
- फोटो : amar ujala
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
उत्तर प्रदेश सरकार पशुधन और ग्रामीण आबादी के विकास व उनकी स्थाई आय बढ़ाने के लिए ए-हेल्प कार्यक्रम का संचालन करने जा रही है, जिसे राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन और पशुपालन विभाग के संयुक्त प्रयास से संचालित किया जाएगा। इस कार्यक्रम को पहले पायलट प्रोजेक्ट के तहत अगस्त माह के पहले हफ्ते में लॉन्च किया जाएगा। शुरुआत में इसे 25 जिलों के 50 विकास खंडों में लागू किया जाएगा, जिसके बाद योगी सरकार इसे पूरे प्रदेश में लागू करेगी। इसके अंतर्गत अगले दो साल में 10 हजार पशु सखियों को प्रशिक्षित किया जाएगा।
विज्ञापन
ए-हेल्प कार्यक्रम के जरिये दो हजार पशु सखियों को किया जाएगा प्रशिक्षित
राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की मिशन डायरेक्टर दीपा रंजन ने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप ग्रामीणों की आय बढ़ाने एवं उच्च गुणवत्ता के दुधारु पशुओं की संख्या बढ़ाने के लिए लगातार प्रदेश भर में विभिन्न कार्यक्रम संचालित किये जा रहे हैं। इसी के तहत पायलट प्रोजेक्ट के तहत प्रदेश के 25 जिलों के 50 विकास खंडों में ए-हेल्प कार्यक्रम का संचालन किया जाएगा। इसका उद्देश्य सरकारी पशु चिकित्सालयों के साथ समन्वय बनाना है ताकि आवश्यक पशु चिकित्सा सेवाओं जैसे एथनो-वेट प्रथाओं, पशु रोगों की रोकथाम, समय पर टीकाकरण, कृमिनाशक दवाएं, कृत्रिम गर्भाधान, पशु बीमा आदि को गांव स्तर पर ही उपलब्ध कराया जा सके। वहीं, योगी सरकार का लक्ष्य है कि वर्तमान वित्तीय वर्ष में 2,000 पशु सखियों को ए-हेल्प एजेंट के रूप में प्रशिक्षित करना है। अगले दो वर्षों में यह संख्या बढ़कर 10,000 एजेंटों तक पहुंचने की उम्मीद है, जिससे कार्यक्रम की पहुंच और प्रभाव में महत्वपूर्ण वृद्धि होगी।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - मुख्यमंत्री योगी ने आम महोत्सव का किया शुभारंभ, बोले- अमेरिका में 900 रुपए किलो बिक रहा लखनऊ का दशहरी
विज्ञापन
ये भी पढ़ें - बाढ़ प्रभावित गांव में नाव पर सवार होकर दुल्हन लेने निकला दूल्हा, बराती भी नाव से पहुंचे, वीडियो वायरल हुआ
पशु सखियों की आय में बढ़ोतरी का सारथी बनेगा ए-हेल्प कार्यक्रम
मिशन डायरेक्टर ने बताया कि ए-हेल्प कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पशु सखियों की आय को बढ़ावा देना है, जिससे उनकी वार्षिक आय 60,000 रुपये तक बढ़ सकती है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम के तहत कवर किए गए जिलों और विकास खंडों में मिशन स्टाफ का प्रशिक्षण पूरा हो चुका है। इसके अलावा, पशु सखियों को आवश्यक कौशल और ज्ञान से लैस करने के लिए प्रशिक्षण योजनाएं विकसित की गई हैं ताकि वे अपनी भूमिकाओं को प्रभावी ढंग से निभा सकें। प्रशिक्षण सत्रों की सफल समाप्ति के साथ ए हेल्प कार्यक्रम के कार्यान्वयन के लिए मंच तैयार है। यह एकीकृत दृष्टिकोण न केवल पशुधन उत्पादकता और स्वास्थ्य में सुधार करेगा बल्कि ग्रामीण समुदायों को पशुपालन से अधिकतम आर्थिक लाभ प्राप्त करने के लिए आवश्यक ज्ञान और संसाधनों से भी सशक्त बनाएगा।