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फर्जी दस्तावेज पर लोन लेकर हड़पे 1.88 करोड़ रुपये

Mon, 06 Dec 2021 01:54 AM IST
Lucknow Bureau लखनऊ ब्यूरो
Updated Mon, 06 Dec 2021 01:54 AM IST
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1.88 crore fraud
लखनऊ। दो साल पहले पांच लोगों ने फर्जीवाड़ा कर एक्ल्यिर लीजिंग एंड फाइनेंस प्रा. लि. से चार करोड़ रुपये का लोन कराया। इसमें से करीब 1.88 करोड़ रुपये वापस नहीं किए। जब कंपनी ने मेल व पत्राचार के जरिए वसूली का दबाव बनाया तो मुकर गए। इस पर एक्लियर लीजिंग एंड फाइनेंस प्रा. लि. ने आरोपियों द्वारा रखे गए दस्तावेजों की जांच की तो वे फर्जी निकले। कंपनी के निदेशक मनोज कुमार बंसल ने डीजीपी को पत्र भेजा जिसके आधार पर चिनहट थाने में फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के अलावा पांच लोगों को धोखाधड़ी, फर्जी दस्तावेज तैयार करने, साजिश रचने व कई संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है।
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प्रभारी निरीक्षक चिनहट घनश्याम मणि त्रिपाठी के मुताबिक, नई दिल्ली हाउस बाराखंभा रोड स्थित एक्लियर लीजिंग एंड फाइनेंस प्रा. लि. के निदेशक मनोज कुमार बंसल ने तहरीर देकर आरोप लगाया है कि दयालफॉर्म गणेशपुर रहमानपुर चिनहट स्थित फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के मार्गदर्शक के जरिए पांच लोगों को लोन कराया गया। इसमें चिनहट फैजाबाद रोड स्थित आम्रपाली अवध अपार्टमेंट निवासी राहुल जेसल मित्रा, ग्रेटर नोएडा अजनारा ग्रेड निवासी अरुप ज्योति राय बरूआ, पं. बंगाल के कोलकाता मिलडलटनरो सर्कस एवेन्यू निवासी प्रसाद कुचिभाटला, ठाकुरपुर डायमंड हार्बर कोलकाता निवासी मैत्रयी बनर्जी और आम्रपाली अवध अपार्टमेंट निवासी सरोज टोपनी ने कंपनी से लोन लिया था।
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पांचों आरोपियों की तरफ से राहुल जेसल मित्रा ने कंपनी से संपर्क किया। उसने चार करोड़ रुपये का लोन कराया। इसके लिए दयाल फार्म चिनहट स्थित कंपनी फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के कर्मचारी व अधिकारियों ने अपना सहमति पत्र भी भेजा था। उनकीरिपोर्ट के आधार पर कंपनी ने दो बार में 17 अगस्त 2019 और 31 दिसंबर 2019 को दो-दो करोड़ रुपये का ऑनलाइन भुगतान कराया। इस रकम के लिए कंपनी व आरोपियों के बीच एक समझौता पत्र भी तैयार किया गया था।
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कंपनी के खातों व दस्तावेजों में हेराफेरी
मनोज बंसल का आरोप है कि पांचों जालसाज रुपये हासिल करने के बाद किस्त देने में आनाकानी करने लगे। कंपनी ने ऑनलाइन बैठक कर हिसाब किया तो वे टालमटोल करने लगे। जब एक्लियर लीजिंग कंपनी ने जांच शुरू कराई तो पता चला कि लोन के दौरान जो दस्तावेज आरोपियों ने गिरवी रखे थे, वे फर्जी हैं। मनोज बंसल के मुताबिक, चिनहट कोतवाली में तहरीर दी जिस पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। इसके बाद पीड़ित ने डीजीपी मुख्यालय पर अपनी शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने जांच की जिसमें आरोप सही पाए गए। पुलिस ने फाइनेंशियल सर्विसेज लि. के मार्गदर्शक, राहुल जेसल मित्रा, अरूप ज्योति राय बरूआ, प्रसाद कुचिभाटला, सरोज टोपनी और मैत्रयी बनर्जी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, जांच की जा रही हे।
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