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UP MLC Election Results LIVE: सपा के दावे पर कमिश्नर की सफाई, आरओ-एआरओ टेबल पर मौजूद होने का किया दावा
उत्तर प्रदेश की 11 विधान परिषद सीटों के लिए मतगणना चल रही है। लखनऊ, वाराणसी, आगरा, मेरठ, झांसी, बरेली और गोरखपुर में काउंटिंग हो रही है। परिणाम देर शाम तक आने की उम्मीद है। मतगणना से जुड़ा सात शहरों से पल-पल का अपडेट यहां पढ़ें।
लाइव अपडेट
वोटों की गिनती दोपहर दो बजे से शुरू हुई
बरेली-मुरादाबाद खंड शिक्षक विधान परिषद सदस्य (एमएलसी) चुनाव के वोटों की गिनती दोपहर दो बजे से शुरू हो गई। इससे पहले मतगणना प्रक्रिया में मतपत्रों के बंडल बनाने का काम हुआ। आठ मतगणना टेबल और एक रिटर्निंग ऑफिसर (आरओ) टेबल पर मतों की गिनती हो रही है।सपा के दावे पर कमिश्नर की सफाई, आरओ-एआरओ टेबल पर मौजूदगी का दावा
आगरा खंड स्नातक निर्वाचन क्षेत्र की मतगणना के दौरान समाजवादी पार्टी के प्रत्याशी शशांक यादव उर्फ सीटू को मतगणना केंद्र में प्रवेश न दिए जाने की शिकायत के बाद मामला गरमा गया है। समाजवादी पार्टी ने चुनाव आयोग से इस मामले में संज्ञान लेने और निष्पक्ष मतगणना सुनिश्चित करने की अपील की थी।इस शिकायत के जवाब में, डिविजनल कमिश्नर, आगरा ने स्पष्ट किया है कि समाजवादी पार्टी के स्नातक प्रत्याशी शशांक यादव उर्फ सीटू मतगणना प्रारंभ के समय से ही मतगणना स्थल पर मौजूद हैं। उन्होंने इस ट्वीट को भ्रामक और तथ्यहीन बताते हुए कहा कि प्रत्याशी आरओ/एआरओ टेबल पर स्वयं उपस्थित हैं। इस संबंध में साक्ष्य के तौर पर फोटो भी संलग्न किए गए हैं। यह जानकारी सहायक रिटर्निंग अफसर/जिलाधिकारी मथुरा, चंद्र प्रकाश सिंह द्वारा दी गई है।
मेरठ: मतगणना केंद्र पर 800 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात
एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान किसी भी तरह की अव्यवस्था रोकने के लिए पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए हैं। एसएसपी बीबीजीटीएस मूर्ति खुद सुरक्षा व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और अधिकारियों से लगातार जानकारी ले रहे हैं।एसएसपी के अनुसार, मतगणना स्थल पर 800 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं। इनमें एसपी, डीएसपी, इंस्पेक्टर और सिपाहियों के साथ पीएसी और आरआरएफ के जवान भी शामिल हैं। परिसर के अंदर और बाहर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत रखी गई है।
भाजपा नेताओं को प्रवेश देने का लगाया आरोप
विक्रांत वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि मतगणना केंद्र पर भाजपा के लोगों को बिना रोकटोक प्रवेश दिया जा रहा है, जबकि अन्य प्रत्याशियों को रोका जा रहा है। इसी मुद्दे को लेकर उनकी पुलिस अधिकारी से बहस हुई। वहीं पुलिस के अनुसार विक्रांत वशिष्ठ मोबाइल लेकर अंदर जाने का प्रयास कर रहे थे। पुलिस के रोकने पर वह भड़क गए।विक्रांत वशिष्ठ और एक दरोगा के बीच तीखी बहस
इस बात को लेकर विक्रांत वशिष्ठ और एक दरोगा के बीच तीखी बहस हो गई। दोनों के बीच काफी देर तक नोकझोंक होती रही। मौके पर मौजूद अन्य पुलिसकर्मियों ने स्थिति संभालने और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने का प्रयास किया। इस दौरान मतगणना केंद्र पर गहमागहमी बनी रही।प्रवेश को लेकर प्रत्याशी और दरोगा में हुई तीखी बहस
मोदीपुरम स्थित मतगणना केंद्र पर मंगलवार को सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए थे। बिना अनुमति किसी को भी अंदर जाने नहीं दिया जा रहा था। इसी दौरान स्नातक प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ ने खुद को प्रत्याशी बताते हुए अंदर जाने की मांग की। पुलिसकर्मियों की ओर से रोके जाने पर उन्होंने नाराजगी जताई।मेरठ MLC मतगणना केंद्र पर हंगामा
मेरठ के मोदीपुरम स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में मंगलवार को एमएलसी चुनाव की मतगणना के दौरान प्रवेश को लेकर हंगामे की स्थिति बन गई। निर्दलीय स्नातक प्रत्याशी विक्रांत वशिष्ठ और एक दरोगा के बीच तीखी बहस हुई। वशिष्ठ ने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं को अंदर जाने दिया जा रहा है। वहीं, मतगणना केंद्र की सुरक्षा के लिए 800 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए गए हैं।तीसरी और आगे की वरीयता से भी तय हो सकता है परिणाम
यदि दूसरी वरीयता के मतों को जोड़ने के बाद भी कोई उम्मीदवार जीत के लिए जरूरी कोटा हासिल नहीं कर पाता है, तो मतगणना की प्रक्रिया आगे बढ़ती है। सबसे कम मत पाने वाले उम्मीदवार को बाहर करने और उसके मतपत्रों पर दर्ज अगली वरीयताओं पर विचार करने का क्रम नियमानुसार जारी रहता है।इस तरह तीसरी और उसके बाद की वरीयताओं के मत भी परिणाम तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं। मतगणना तब तक आगे बढ़ती है, जब तक किसी उम्मीदवार के निर्धारित कोटा हासिल करने या लागू निर्वाचन नियमों के तहत परिणाम तय होने की स्थिति नहीं बन जाती।
एमएलसी चुनाव में वरीयता आधारित मतगणना का उद्देश्य मतदाताओं की अगली पसंद को भी चुनावी प्रक्रिया में शामिल करना है। इसलिए इस चुनाव में केवल शुरुआती दौर में मिले मतों के आधार पर जीत-हार का अनुमान लगाना सही नहीं होता। अंतिम परिणाम मतगणना के निर्धारित नियमों और पूरी प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होता है।
पहली वरीयता से फैसला नहीं होने पर क्या होता है?
माध्यमिक शिक्षक संघ शर्मा गुट के जिला मंत्री डॉ. राजेश शर्मा ने बताया कि यदि पहली वरीयता के मतों से किसी उम्मीदवार की जीत तय नहीं होती है, तो सबसे कम पहली वरीयता के वोट पाने वाले उम्मीदवार के मतपत्रों की अगली वरीयताओं के आधार पर गिनती की जाती है।
इस प्रक्रिया में देखा जाता है कि बाहर हुए उम्मीदवार को पहली वरीयता देने वाले मतदाताओं ने दूसरी वरीयता किस उम्मीदवार को दी है। नियमानुसार मान्य दूसरी वरीयता के मत संबंधित उम्मीदवारों के मतों में जोड़े जाते हैं। इसके बाद फिर से देखा जाता है कि क्या किसी उम्मीदवार ने निर्धारित कोटा हासिल कर लिया है।
'अभी मतगणना चल रही है तो मतगणना के बाद मैं कहूंगा'
उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद में सपा के सांसद राम गोपाल यादव ने यूपी एमएलसी वोटों की गिनती पर कहा, 'अभी मतगणना चल रही है तो मतगणना के बाद मैं कहूंगा।" 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ' रैली पर उन्होंने कहा, 'सपा इस रैली में शामिल होगी। सब कोशिश करेंगे वहां जाने की और हिस्सा लेगी।"#WATCH फिरोजाबाद (उत्तर प्रदेश): सपा के सांसद राम गोपाल यादव ने यूपी एमएलसी वोटों की गिनती पर कहा,'अभी मतगणना चल रही है तो मतगणना के बाद मैं कहूंगा।" 1 नवंबर को रामलीला मैदान में 'वोट बचाओ' रैली पर उन्होंने कहा, 'सपा इस रैली में शामिल होगी। सब कोशिश करेंगे वहां जाने की और हिस्सा लेगी।"
— ANI_HindiNews (@AHindinews) October 27, 2026