Rajasthan Election 2023 Live: BJP जश्न में; वसुंधरा ने कई विधायकों को डिनर पर बुलाया, राजे को CM बनाने की मांग
Rajasthan Vidhan Sabha Chunav 2023 Results News in Hindi: राजस्थान के रण में चुनावी नतीजे सामने आने के बाद ये तो तय हो गया है कि राजस्थान में अगले पांच साल के लिए सत्ता की कमान भाजपा के हाथ रहने वाली है। भाजपा खेमे में अभी जश्न का माहौल है। वहीं, पूर्व सीएम वसुंधरा ने अपने आवास पर कई विधायकों को डिनर पर बुलाया है।
लाइव अपडेट
वसुंधरा राजे के आवास पर गहमागहमी का माहौल
जयपुर में पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे के आवास पर गहमागहमी का माहौल देखने को मिला। विधायक प्रताप सिंह सिंघवी और गोपीचंद मीणा भी 13 सिविल लाइंस पहुंचे। वसुंधरा राजे को मुख्यमंत्री बनाने के सवाल पर विधायक गोपीचंद मीणा ने कहा कि हमारी और जनता की यही जन भावना है कि उन्हें मुख्यमंत्री बनाया जाए। वसुंधरा राजे के नेतृत्व में मेवाड़ में अपार जनसमर्थन मिला है। वहीं, विधायक बहादुर सिंह कोली ने भी वसुंधरा राजे को सीएम बनाने की मांग की। उन्होंने कहा कि राजस्थान की जनता की मांग है वसुंधरा राजे को ही सीएम बनाना चाहिए। हम उनको मजबूत करने के लिए आए हैं। विधायक दल की बैठक में भी हम अपनी बात रखेंगे। मनोहरपुर थाना विधायक गोविन्द रानीपुरिया, किशनगंज से ललित मीणा, अंता से कंवरलाल मीणा, बारां से राधेश्याम बैरवा और डग से कालूलाल मीणा भी सिविल लाइंस पहंचे। इसके साथ ही गुढ़ा मलानी से विधायक केके विश्नोई, पुष्कर से विधायक सुरेश रावत और बांदीकुई से विधायक भागचंद टाकड़ा भी आवास पर पहुंचे।Rajasthan Politics: पूर्व CM वसुंधरा राजे ने कई विधायकों को डिनर पर बुलाया; जानें इसके पीछे की राजनीति
जानकारी के मुताबिक, मालवीय नगर से वसुंधरा गुट के माने जाने वाले विधायक कालीचरण सराफ दिन में राजे से मिलकर निकल गए थे। लेकिन अभी कुछ देर पहले एक बार फिर से कालीचरण सराफ राजे आवास पर पहुंचे हैं।
अभी तक 25 से ज्यादा विधायकों की राजे से हो चुकी मुलाकात
अभी तक वसुंधरा राजे के निवास पर ये विधायक मुलाकात करने पहुंच चुके हैं। देखें सूची...
1. मालवीय नगर से विधायक कालीचरण सराफ
2. शेरगढ़ से विधायक बाबू सिंह राठौड़
3. दूदू से विधायक प्रेमचंद बैरवा
4. मनोहरपुर थाना से विधायक गोविन्द रानीपुरिया
5. किशनगंज से विधायक ललित मीणा
6. अंता से विधायक कंवरलाल मीणा
7. बारां से विधायक राधेश्याम बैरवा
8. डग से विधायक कालूलाल मीणा
9. गुड़ामालानी से विधायक केके विश्नोई
10. सिकराय से विधायक विक्रम बंशीवाल
11. बांदीकुई से विधायक भागचंद टाकड़ा
12. नसीराबाद से विधायक रामस्वरूप लांबा
13. छबड़ा से विधायक प्रताप सिंह सिंघवी
14. जहाजपुर से विधायक गोपीचंद मीणा
15. वैर से विधायक बहादुर सिंह कोली
16. ब्यावर से विधायक शंकर सिंह रावत
17. जायल से विधायक मंजू बाघमार
18. नावां से विधायक विजय सिंह चौधरी
19. पिंडवाड़ा-आबू रोड से विधायक समाराम गरासिया
20. निवाई से विधायक रामसहाय वर्मा
21. बाली से विधायक पुष्पेंद्र सिंह राणावत और
22. केकड़ी से विधायक शत्रुघ्न गौत्तम
सचिन पायलट बोले- हार पर जयपुर और दिल्ली में मंथन करेंगे
राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस पार्टी की हुई हार को लेकर वरिष्ठ नेता सचिन पायलट का बयान सामने आया है। उन्होंने कहा कि हार पर जयपुर और दिल्ली में मंथन करेंगे। मेरा मानना है कि इस हार पर मंथन होना जरूरी है। वहीं, लोकसभा चुनावों को लेकर भी उन्होंने कहा कि मैं हमेशा ही कांग्रेस कार्यकर्ता रहा हूं। मुझे जो भी जिम्मेदारी दी जाएगी उसका हर संभव निर्वहन करूंगा। पायलट ने आगे कहा कि सीएम के ओएसडी का बयान मैंने भी देखा है, उस पर भी पार्टी को मंथन करना जरूरी है।
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शानदार जीत के बाद भी बागी से मिली मात
बता दें बाड़मेर की शिव विधानसभा सीट पर चतुष्कोणीय मुकाबला था। इस वजह से ये सीट भी हॉट सीट के रूप में देखी जा रही थी। यहां से भारतीय जनता पार्टी ने स्वरूप सिंह खारा को उतारा था तो वहीं कांग्रेस से अमीन खान मैदान में थे। इसके अलावा इस सीट की खास बात ये रही कि यहां दो निर्दलीय प्रत्याशी मैदान में थे, जिनमें से एक प्रत्याशी फतेह खान ने निर्दलीय मैदान में थे। वहीं, दूसरे निर्दलीय प्रत्याशी भाजपा के ही बागी छात्र नेता रविंद्र सिंह भाटी थे।
बता दें कि भाटी के नाम पर शुरू से ही मुकाबला रोचक हो गया था। जब से वह चुनाव मैदान में उतरे तभी से उनकी जीत का दावा किया जाने लगा था, और हुआ भी ऐसा ही। छात्र नेता रविंद्र सिंह भाटी ने भाजपा-कांग्रेस को जबरदस्त मात देते हुए तीन हजार वोटों के अंतर से ये जीत हासिल की। 2018 के चुनाव में शिव विधानसभा सीट पर कांग्रेस के अमीन खान ने जीत हासिल की थी। उन्हें 84 हजार से अधिक वोट मिले थे।
अशोक गहलोत के खिलाफ हुए ओएसडी लोकेश शर्मा
लोकेश शर्मा ने एक्स कर लिखा- 'लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है। मैं नतीजों से आहत जरूर हूं, लेकिन अचंभित नहीं। कांग्रेस राजस्थान में निःसंदेह रिवाज बदल सकती थी। लेकिन, अशोक गहलोत कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत की शिकस्त है।"
लोकतंत्र में जनता ही माई-बाप है और जनादेश शिरोधार्य है, विनम्रता से स्वीकार है।
— Lokesh Sharma (@_lokeshsharma) December 3, 2023
मैं नतीजों से आहत जरूर हूँ, लेकिन अचंभित नहीं हूँ..
कांग्रेस पार्टी #Rajasthan में निःसंदेह रिवाज़ बदल सकती थी लेकिन अशोक गहलोत जी कभी कोई बदलाव नहीं चाहते थे। यह कांग्रेस की नहीं बल्कि अशोक गहलोत जी…
मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर दिल्ली में मंथन की तैयारी
इनमें से कौन
राजस्थान में मुख्यमंत्री चेहरे के लिए कई बड़े नाम चर्चा में शामिल है। मुख्यमंत्री के लिए काफी होड़ मची हुई है। ऐसे में इतने सारे नाम में एक नाम का चयन करना पार्टी के लिए काफी चुनौतीपूर्ण रहेने वाल है। राजस्थान भाजपा में मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर वसुंधरा राजे, दीयाकुमारी, गजेंद्र सिंह शेखावत, अर्जुनराम मेघवाल, सीपी जोशी, अश्वनी वैष्णव, बाबा बालकनाथ, ओम बिरला, ओम माथुर, प्रकाश चंद, भूपेंद्र यादव, सुनील बंसल के नाम फिलहाल चर्चा में हैं।
हार के बाद सतीश पूनिया ने आमेर को कहा अलविदा
पूनिया ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए लिखा कि "परिस्थितियों और मनोवैज्ञानिक रूप से मैं यह निर्णय करने के लिए मजबूर हूं कि मैं अब भविष्य में आमेर क्षेत्र के लोगों और कार्यकर्ताओं को सेवा और समय नहीं दे पाऊंगा, पार्टी नेतृत्व को भी मैं अपने निर्णय से अवगत करवाकर आग्रह करूंगा कि यहां कि समस्याओं के समाधान के लिए योग्य व्यक्तियों की नियुक्ति करें, साथ ही एक लंबे अरसे से पार्टी संगठन को पूरा समय देने के कारण पारिवारिक कामों से दूर रहा हूं, अत: अब मैं कुछ समय अपने पारिवारिक कामों को पूरा करने में लगूंगा, ईश्वर मुझे शक्ति दे।"