Jaipur Tanker Blast: टैंकर ब्लास्ट में 14 की मौत के बाद भी नहीं सुधरी ट्रैफिक व्यवस्था, लोगों में गुस्सा
Fire Incident in Jaipur Tanker Blast: जयपुर में टैंकर ब्लास्ट हादसे को 24 घंटे का समय बीत चुका है। जहां हादसा हुआ था, वहां के हालात अभी तक नहीं सुधरे हैं। इस बात को लेकर लोगों में गुस्सा है। लोग जल्द ही ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार चाहते हैं।
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अग्निकांड को 30 घंटे से ज्यादा का समय बीत चुका है। अमर उजाला की टीम लगातार ग्राउंड पर बनी हुई है और हादसे के बाद के हालातों पर अपनी ग्राउंड रिपोर्ट दे रही है। हादसे में जिनकी गाड़ियां जल गई, वो पीड़ित कह रहे हैं कि जान बची ये बड़ी बात है। जहां हादसा हुआ, उससे 200 मीटर की दूरी पर पाइप फैक्ट्री है। वहां भी नुकसान हुआ है। हादसे में जिसके भाई की मौत हुई है। उसने अपनी पूरी कहानी सुनाई।
जयपुर पुलिस कमिश्नर बीजू जॉर्ज जोसफ ने ब्लास्ट मामले की जांच के लिए स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम का गठन किया है। यह टीम भांकरोटा थाने में दर्ज प्रकरण संख्या 462/2024 की जांच करेगी। डीसीपी वेस्ट अमित कुमार बुडानिया के निकट पर्यवेक्षण में पांच सदस्यों की इस SIT का गठन किया गया है। एडिशनल डीसीपी वेस्ट आलोक सिंगल, ACP बगरू हेमेंद्र शर्मा, ACP ट्रैफिक वेस्ट राजेंद्र रावत, SHO भांकरोटा मनीष गुप्ता, SHO सिंधी कैंप किरण सिंह को SIT में शामिल किया गया है। ये टीम प्रकरण के अनुसंधान और जांच की प्रगति को लेकर आला अधिकारियों को समय–समय पर अवगत कराएगी।
जयपुर में जिस चौराहे पर अग्निकांड हुआ वहां 24 घंटे बाद के हालात देखने के लिए अमर उजाला की टीम पहुंची। ग्राउंड रिपोर्ट में देखिए हालात अभी भी नहीं सुधरे हैं। हालांकि हादसे में 14 लोगों की जान चली गई। बड़े-बड़े टैंकर अभी भी यू-टर्न ले रहे हैं। लोगों में ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर गुस्सा है।
घर से ड्यूटी के लिए निकली थीं अनीता मीणा
भांकरोटा इलाके में आगजनी की घटना को लेकर हर कोई दुखी है। इस दर्दनाक हादसे में RAC चतुर्थ बटालियन में पदस्थापित महिला कांस्टेबल अनीता मीणा की भी दर्दनाक मौत हो गई। मिली जानकारी के मुताबिक अनीता मीणा चैनपुरा में ड्यूटी के लिए घर से निकली थीं और उनके पति ने उन्हें स्लीपर बस में बैठाया था। कांस्टेबल अनिता मीणा जिस बस में बैठी थीं, वो बस भी अजमेर हाईवे पर दिल्ली पब्लिक स्कूल के पास एलपीजी गैस टैंकर ब्लास्ट का शिकार हो गईं। इस हादसे में अनीता की दर्दनाक मौत हो गई। इतना ही नहीं, हादसे के बाद अनीता इतनी बुरी तरह जल चुकी थी कि उनकी पहचान बिछिया और नेल पॉलिश से हुई। यह इतना दर्दनाक है कि उनके परिवार के साथ-साथ आरएसी बटालियन में शोक का माहौल पसरा हुआ है। अनीता मीणा के पोस्टमार्टम के बाद उनका शव परिजनों को सौंप दिया गया है और उन्हें राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया जाएगा।
जयपुर टैंकर कांड के बाद राजस्थान में सड़क के खतरनाक मोड यानी ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के लिए अब विशेष अभियान चलाया जाएगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने प्रदेश में सड़क दुर्घटनाओं मे कमी लाने के लिए विशेष अभियान चलाकर ब्लैक स्पॉट्स को ठीक करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा है कि सड़कों के दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित कर इनका शीघ्र सुधार किया जाए, ताकि वाहन दुर्घटनाओं से होने वाले जान-माल के नुकसान को रोका जा सके।
उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी सवाई मानसिंह अस्पताल में भांकरोटा हादसे के घायलों की कुशलक्षेम के लिए 12.45 पर पहुंचेगी। वे जैसलमेर से जीएसटी बैठक में भाग लेकर जयपुर के लिए रवाना होगी।
Deeply saddened by the loss of lives in the accident on Jaipur-Ajmer highway in Rajasthan. Condolences to those who lost their loved ones. May the injured recover soon. The local administration is assisting those affected.
— PMO India (@PMOIndia) December 20, 2024
An ex-gratia of Rs. 2 lakh from PMNRF would be given to…
जयपुर टैंकर ब्लास्ट में अब तक 14 लोगों की मौत हो चुकी है। इसमें से 13 ने एसएमएस अस्पताल में दम तोड़ा। जबकि 1 की मौत जयपुरिया में हुई है। कुल 14 शवों में 9 की पहचान हुई है, जबकि 5 अब भी अज्ञात हैं। पुलिस उनकी पहचान के प्रयास कर रही है। अब भी एसएमएस हॉस्पिटल में 27 लोग एडमिट हैं। इनमें से 7 लोग वेंटिलेटर पर हैं।