MP Assembly Session Live: युवाओं को कीड़ा बोलने की बात पर हंगामा, उमंग सिंघार के आरोपों पर सत्ता पक्ष हमलावर
Madhya Pradesh Assembly Monsoon Session live Updates in Hindi: मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र के तीसरे दिन भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता संसोधन विधयेक पारित हो गया है। इस पर चर्चा के लिए कांग्रेस की तरफ से किसी विधायक ने भाग नहीं लिया है। इसके तहत कोर्ट में समझौते होने का प्रावधान रखा गया है। निजी विश्वविद्यालय संचालन संशोधन विधेयक पर सदन में चर्चा हो रही है।
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अनुपूरक बजट पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरा
अनुपूरक बजट पर सत्ता-विपक्ष आमने-सामने, कांग्रेस ने सरकार को कई मुद्दों पर घेरामध्य प्रदेश विधानसभा में गुरुवार को 7,765.76 करोड़ रुपये के पहले अनुपूरक बजट की अनुदान मांगों पर चर्चा चल रही। चर्चा से पहले सदन ने छह विधेयक पारित किए। बजट चर्चा के दौरान कांग्रेस ने सरकार को नर्मदा, कर्ज, शिक्षा, सड़क और जल जीवन मिशन जैसे मुद्दों पर घेरा, जबकि भाजपा विधायकों ने विकास कार्यों में प्रशासनिक देरी का मामला उठाया।
कांग्रेस विधायक बाला बच्चन ने कहा कि अनुपूरक बजट का सबसे बड़ा हिस्सा नर्मदा घाटी विकास विभाग को दिया गया है, जिससे गुजरात को भुगतान होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि मध्य प्रदेश का नुकसान हुआ है और सरकार कर्ज लेकर प्रदेश चला रही है। उन्होंने युवाओं को रोजगार नहीं मिलने और बढ़ते आंदोलनों का भी जिक्र किया।
कांग्रेस विधायक लखन घनघोरिया ने जबलपुर में 25 करोड़ रुपये का गेहूं खराब होने, 300 करोड़ रुपये का पुल गिरने, फर्जी बीएड कॉलेज, विश्वविद्यालयों में नियुक्तियों, शिक्षकों की कमी और स्कूलों में बिजली जैसी समस्याएं उठाईं।
वहीं, भाजपा विधायक अनिरुद्ध मारू ने कहा कि सड़क परियोजनाओं के लिए बजट होने के बावजूद प्रशासनिक मंजूरी में देरी से विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं।
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने नर्मदा परियोजना, जल जीवन मिशन और शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) के लंबित मामलों को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश के हितों की अनदेखी की गई है और युवाओं को समय पर रोजगार नहीं मिल रहा।
मध्य प्रदेश माल एवं सेवा कर संशोधन विधेयक 2026 सर्वानुमति से पारित
उपमुख्यमंत्री और वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने सदन में कहा कि 2016 से जीएसटी लागू हुआ। समय-समय पर कई संशोधन किए गए ताकि व्यापारी और करदाताओं को सुविधा मिल सके। कई कठिनाइयां अभी हैं, जो आती हैं समय-समय पर। इस प्रकार की कठिनाइंयों को संशोधन से दूर कर रहे हैं, जो सुझाव आते हैं वह जीएसटी काउंसिल में भी भेजे जाते हैं। जीएसटी के आ रहे अनुभवों के आधार पर संशोधन किया जा रहा है। भारतीय संसद और जीएसटी काउंसिल में अभी से पारित किया गया है। इसलिए मध्य प्रदेश विधानसभा में किया जा रहा है।
छोटे-छोटे भैया के लिए महत्वपूर्ण संशोधन है। अब इस संशोधन में पोस्ट सेल पर सप्लायर को सिर्फ नोट जारी करना होगा, अनुबंध की अनिवार्यता समाप्त होगी। इससे कठिनाई समाप्त होगी और सरकार को भी राजस्व प्राप्त होगा। इनवॉइस में अधिक वैल्यू दिखा दी है, माल की वापसी हो या सप्लाई में कमी पाई गई हो तो इसका टैक्सेशन में सीधा उल्लेख नहीं हो पाता। इसमें विवाद की स्थिति होती है। पोस्ट सेल डिस्काउंट की धारा को जोड़ रहे हैं। क्रेडिट नोट के आधार पर काम हो जाएगा। एक साल के लिए क्रेडिट नोट जारी किया जा सकेगा।
यह रिफंड से संबंधित किया जा रहा है। 10 लाख रुपये में 9 लाख का 60 दिन में रिफंड प्राप्त होता था। यह काम 7 दिन में होगा। 1000 के रिफंड भी अब स्वीकृत किए जाएंगे। छोटे व्यापारियों के लिए बड़ी सुविधा दी जा रही है।
एमपी विधानसभा में युवाओं को कीड़ा बोलने पर विवाद
विधानसभा नेता प्रतिपक्ष ने कैलाश विजयवर्गीय पर युवाओं को कीड़ा बोलने का आरोप लगाया था। इस पर कैलाश विजयवर्गीय ने विधानसभा अध्यक्ष से इस बारे में बात की। उन्होंने कहा कि विधानसभा अध्यक्ष ने पूरा वीडियो देखा है। मैंने युवाओं को कीड़ा नहीं कहा। विधानसभा नेता प्रतिपक्ष इस पर माफ़ी मांगेंगे यह उनका विवेक है।
इधर राजेंद्र शुक्ला ने कैलाश विजयवर्गीय का समर्थन किया। राजेंद्र शुक्ला ने कहा- समझने में गलती हुई है। आप कॉकरोज पार्टी से मिल गए हैं।
कांग्रेस विधायक भंवर सिंह शेखावत ने कहा कि भाजपा की महिला कार्यकर्ताओं का पोस्टर देखिए। संविधान मुरादाबाद लिखा, यह आपका असली चेहरा है। उमंग सिंघार ने कहा- इस मामले में क्यों नहीं बोल रहे हो.. मेरे पास सबूत है। पोस्टर भी सदन में फोटो के साथ दिखाया। छात्रों को कॉकरोज कहा है, जांच कराएं न।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि कई बार वरिष्ठ सदस्यों से चूक होती है। यह नहीं होना चाहिए। सबको इन बात का ध्यान रखना चाहिए। कैलाश जी की प्रोसीडिंग देखी है। कीड़ा या कॉकरोच कहा है। यह नहीं होना चाहिए। प्रह्लाद पटेल ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष से गलती हुई है। इसे मानना चाहिए। इस पर उमंग सिंघार ने कहा कि मैंने कुछ गलत नहीं कहा।
राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि इंदौर में कुछ छात्र कैलाश विजयवर्गीय के घर पहुंच गए। यह राजनीतिक छवि को धूमिल करता है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि झूठ बोलने से आंदोलन भड़क सकता है। यह बेहद जरूरी है। सत्ता पक्ष के वियायकों ने कहा कि इसका खंडन आना चाहिए। कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि मैं नेता प्रतिपक्ष से कोई अपेक्षा नहीं है। न वो खेद प्रकट करें। विधानसभा अध्यक्ष बताएं आपने रिकॉर्ड देखा है, आप बताएं सच क्या है। विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैंने रिकॉर्ड देखा है। कैलाश विजयवर्गीय के मुंह से कीड़ा शब्द नहीं निकला।
मध्य प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय संशोधन विधेयक विधानसभा में पारित
स्वास्थ्य मंत्री राजेंद्र शुक्ला ने कहा कि क्षेत्र में विकास हो रहा है। स्वास्थ्य व्यवस्था बढ़ने के लिए ज्यादा से ज्यादा मेडिकल कॉलेज खोलने पड़ेंगे। शोध नवाचार जैसे कई महत्वपूर्ण काम होते हैं। इसमें बहुत सारी 13 जिलों में पीपीपी मोड पर मेडिकल कॉलेज लाए जा रहे हैं। आयुर्वेद कॉलेज 7 से 15 हुए, होम्योपैथिक कॉलेज की संख्या बढ़ी है। शुक्ला ने कहा हमें समस्या आने पर सामाधन के बजाय पहले से जिम्मेदारी लेनी होगी। पहले से इंतजाम करने चाहिए। क्षेत्रीय संतुलन को ध्यान में रखते हुए मेडिकल कॉलेज और सुविधा को बढ़या जा रहा है। अभी मेडिकल कॉलेज में MBBS की 5200 सीट हैं। उसको आने वाले समय में 10 हजार ओर पीजी की दो हजार से ज्यादा सीटें करना है। जिससे ग्रामीण इलाके में डॉक्टरों की कमी को दूर किया जा सके। एडमिशन की संख्या को बेहतर किया जा सके। शोध अच्छे किए जा सकें। इसके साथ ही मध्य प्रदेश पंचायत राज एवं ग्राम स्वराज संशोधन विधेयक 2026 विधानसभा में पारित हो गया है।
MP: मध्य प्रदेश निजी स्थापना एवं संशोधन विधेयक 2026 पारित
मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि विधेयक में किया जा रहा संशोधन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) के मानकों को पूरा करने के लिए है। इसका उद्देश्य निजी विश्वविद्यालय स्थापित करने और निवेश करने के इच्छुक संस्थानों को अधिक सरल और अनुकूल व्यवस्था उपलब्ध कराना है।
सदन में एक सदस्य ने टांटिया मामा भील विश्वविद्यालय में शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाया। इस पर मंत्री ने कहा कि भर्ती प्रक्रिया जारी है और अगले दो महीने में इसे पूरा कर लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी नए विश्वविद्यालय को पूरी तरह स्थापित होने में स्वाभाविक रूप से चार से पांच वर्ष का समय लगता है।
प्रवेश प्रक्रिया को लेकर मंत्री ने कहा कि सरकार ने नई नीति बनाई है। पिछले वर्ष की तुलना में इस बार अब तक अधिक प्रवेश हुए हैं। हमारी कोशिश है कि 31 जुलाई तक प्रवेश प्रक्रिया पूरी हो जाए, ताकि शैक्षणिक सत्र समय पर शुरू हो और परीक्षाएं भी निर्धारित समय पर आयोजित की जा सकें।
उन्होंने कहा कि सरकार डिजिटल वैल्यूएशन प्रणाली को तेजी से लागू कर रही है, ताकि उत्तर पुस्तिकाएं समय पर मूल्यांकनकर्ताओं तक पहुंचें और परिणाम भी समय पर घोषित किए जा सकें। मंत्री ने यह भी कहा कि मध्य प्रदेश के किसी भी विश्वविद्यालय से प्रश्नपत्र लीक होने की कोई शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। जहां पहले शिकायतें मिलती थीं, वहां व्यवस्थाओं में सुधार किया गया है।
उन्होंने बताया कि 5 करोड़ रुपये की सुरक्षा निधि का भी प्रावधान किया जा रहा है, ताकि यदि भविष्य में कोई निजी विश्वविद्यालय बंद होता है तो वहां अध्ययनरत छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो। इसके अलावा उन्होंने कहा कि निजी विश्वविद्यालयों के लिए 25 एकड़ भूमि की अनिवार्यता को कम किया जा रहा है, लेकिन आवश्यकता के अनुसार पर्याप्त भूमि का प्रावधान रखा जाएगा।
छात्रों को नुकसान होगा तो नई कॉकरोच पार्टी खड़ी होगी-कांग्रेस विधायक प्रताप ग्रेवाल
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निजी विश्वविद्यालय संचालन संशोधन विधेयक में पांच करोड़ की एफडी की अनिवार्यता खत्म!
उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने मध्य प्रदेश निजी विश्वविद्यालय स्थापना एवं संचालन संशोधन विधेयक 2026 चर्चा के लिए पटल पर रख दिया है। कांग्रेस विधायक महेश परमार ने चर्चा में कहा कि कांग्रेस पार्टी इस संसोधन का विरोध करती है। सरकार निजी विश्वविद्यालय स्थापना के लिए निर्धारित 25 एकड़ जमीन में छूट दे रही है। 5 करोड रुपए की फिक्स डिपाजिट की अनिवार्यता को खत्म करना यह सरकार किसके दबाव में संशोधन कर रही है। इस बदलाव से सैकड़ों विश्वविद्यालय खुलेंगे और बड़ी संख्या में बंद हो जायेंगे। संस्थान फीस लेकर भाग जायेंगे। यह छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। हमरी मांग है कि इस विधयक को रोका जाए। इससे प्रदेश कि शिक्षा व्यवस्था चौपट हो जाएगी।भारतीय नागरिक सुरक्षा सहिंता संसोधन विधयेक पारित
कांग्रेस विधायक वाला बच्चन ने लगाया ध्यान आकर्षण
कांग्रेस विधायक वाला बच्चन ने राजपुर विधानसभा क्षेत्र में सोलर प्लांट के भूमि वैधानिक अधिग्रहण की जाने से उत्पन्न स्थिति को लेकर राजस्व मंत्री का ध्यान आकर्षण किया। राजस्व मंत्री करण सिंह वर्मा ने कहा कि क्षेत्र में भूमि आवंटन की प्रक्रिया चल रही है। कांग्रेस विधयक बाला बच्चन ने कहा कि 5वीं अनुसूची और पैसा एक्ट का उल्लंघन किया जा रहा है। इसे रोका जाना चाहिए। ग्राम सभा ने कहीं कुछ लिख कर नहीं दिया। इस पर मंत्री करण सिंह ने कहा कि बिना आदिवासियों के चर्चा और अनुमती के कोई काम आगे नहीं बढ़ेगा। अभी सिर्फ सर्वे का काम चल रहा है।नीट पेपर लीक पर चर्चा से इनकार, सदन में कांग्रेस का विरोध; उमंग सिंघार ने उठाए सवाल
नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने पेपर लिक मामले मे चर्चा कराने स्थगन कराने का प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा की प्रदेश के लाखो छात्र शामिल थे। यह गंभीर मुद्दा है। इस पर चर्चा नहीं होना चाहिए।इस पर मंत्री राकेश सिंह ने कहा की यह सदन नियमों से चलता है। स्थगन का भी नियम है। उमंग सिंघर ने कहा की इसमें प्रदेश के लाखो छात्र शामिल है। इस विषय पर चर्चा नहीं होना चाहिए। आप कल का समय तय कर दीजिए।
विधानसभा के अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने कहा कि मैंने नेता प्रतिपक्ष जी आपको सुना, मंत्री राकेश सिंह को भी सुना। इसको लेकर व्यवस्था दूंगा।सदन को थोड़ा चलने दीजिए। धरने पर बैठे छात्रों पर लाठी चार्ज के विरोध मे दिल्ली में राहुल गांधी प्रधानमंत्री आवास के सामने बैठे। उनको पुलिस ने हिरासत मे ले लिया। देर रात पीएम ने मामले मे चर्चा करने की बात कही।
विधानसभा अध्यक्ष नरेंद्र सिंह तोमर ने नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार का स्थगन प्रस्ताव अस्वीकार कर दिया। उन्होंने कहा कि यह मामला मध्य प्रदेश शासन से संबंधित नहीं है, इसलिए इस पर सदन में चर्चा नहीं होगी।
इस पर नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने कहा कि यहां यूसीसी (समान नागरिक संहिता) पर चर्चा हो सकती है, लेकिन प्रदेश के लाखों छात्रों के भविष्य से जुड़े विषय पर चर्चा नहीं हो सकती।
इस दौरान भाजपा सदस्यों ने कहा कि आसंदी द्वारा व्यवस्था दिए जाने के बावजूद कांग्रेस उसका पालन नहीं कर रही है। यह आसंदी का अपमान है। उमंग सिंघार ने कहा, "छात्रों को कीड़े-मकोड़े और अराजक तक कहा गया। माननीय मुख्यमंत्री यूसीसी पर चर्चा करना चाहते हैं, लेकिन छात्रों के भविष्य पर बात नहीं करना चाहते।"
हंगामा के बीच विधानसभा 15 मिनट के लिए स्थगित