MP Winter Session Update: विस में 13476 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पारित, नेता प्रतिपक्ष सिंघार ने घेरा
Madhya Pradesh VidhanSabha Session in Hindi: विधानसभा में कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह और विक्रांत भूरिया ने सरकार पर आरोप लगाया कि तीन कोल खदानें अडानी समूह को देने के नाम पर बड़े पैमाने पर वन कटाई की जा रही है और वन अधिनियम का पालन नहीं हो रहा। उन्होंने कहा कि जंगल खत्म होने से आदिवासी प्रभावित होंगे। विरोध स्वरूप कांग्रेस ने सदन से वाकआउट कर दिया।
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MP Winter Session Live Update: म.प्र. विधानसभा में 13476 करोड़ रुपये का दूसरा अनुपूरक बजट पारित
मध्य प्रदेश में शीतकालीन विधानसभा सत्र के दौरान विधानसभा में 13476 करोड़ का दूसरा अनुपूरक बजट पारित किया गया है।'कर्ज से विकास किया है। विपक्ष स्वीकार करे या न करें'
वित्त मंत्री जगदीश देवड़ा ने कहा कि प्रमुख योजना प्रधानमंत्री आवास योजना में 4 हजार करोड़ का प्रावधान किया है। इसके अलावा उपार्जन, भावांतर, लाड़ली बहना योजना समेत कई योजनाओं के लिए द्वितीय अनुपूरक बजट में प्रावधान किया है। कर्जा लेकर राजस्व में खर्च नहीं कर रहे, हम पूंजीगत मद में व्यय कर रहे हैं।
कर्ज ले रहे हैं तो नायाब और सीमा में ब्याज भी समय पर दे रहे हैं, कर्ज भी समय पर भर रहे हैं। कांग्रेस ने कर्ज लेकर वेतन बांटे और घर भरे। सरकार में कोई भेदभाव नहीं है, कांग्रेस के विधायकों के क्षेत्र में भी विकास कर रहे हैं। कर्ज से विकास किया है। विपक्ष स्वीकार करे या न करे, जो सच है वो बता रहा हूं। आप आलोचना करें, आपका अधिकार है। हमारे निर्णयों को जनता स्वीकार कर रही है, तभी देश में हमारी सरकारें बन रही हैं। आपने काम ही नहीं किया, आपकी स्थिति क्या है आप भी जानते हैं।
सरकार के बजट में फिजूलखर्ची अधिक है- उमंग सिंघार
मध्य प्रदेश विधानसभा में अनुपूरक बजट पर चर्चा के दौरान कांग्रेस विधायक उमंग सिंघार ने सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जहां ग़म है वहां कैसे खुशी मनाएं। वहीं, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय के बयान 'जहां ग़म है वहां हम हैं' को भी उन्होंने कटाक्ष बताया। सिंघार ने कहा कि सरकार ने अब तक तीन बजट पेश किए, लेकिन नतीजे शून्य हैं। हर बार बजट में बड़े-बड़े आंकड़े दिखाकर जनता को भ्रमित किया जाता है, जबकि जमीनी हालात बदल नहीं रहे।उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के बजट में फिजूलखर्ची अधिक है, वहीं किसान लगातार सड़कों पर संघर्ष कर रहे हैं और सरकार को इससे कोई शर्म नहीं आती। सिंघार ने कहा कि सरकार विमान खरीदने के लिए 5 करोड़ रुपये का प्रावधान कर रही है, लेकिन किसान और युवा बजट में कहीं नजर नहीं आते। वहीं मुख्यमंत्री निवास के लिए 10 करोड़ रुपये का प्रावधान रखकर सरकार अपनी प्राथमिकताओं का संकेत दे रही है।
कांग्रेस विधायक ने कहा कि जब देश आज़ाद हुआ था, तब गरीबों के तन पर कपड़े नहीं थे, एम्स नहीं था, सड़कें नहीं थीं।यह सब कांग्रेस ने बनाया और देश को खड़ा किया। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार कांग्रेस पर नाटक करने का आरोप लगाती है, जबकि असल में जनता को गुमराह करने का काम स्वयं सरकार कर रही है।
जंगल काटने के विरोध में कांग्रेस ने किया वॉक आउट
तीखी बहस के बाद सिंगरौली में मामले में कांग्रेस ने सदन से वॉक आउट कर दिया। कांग्रेस विधायकों ने लगातार जंगल काटने और गलत जानकारी देने का आरोप भी लगाया।कांग्रेस विधायक बोले- आपका फर्ज है कि जंगल बचाएं
कांग्रेस विधायक जयवर्धन सिंह ने कहा कि तीन कोल खदान अदाणी समूह को दे दी गईं। आपका फर्ज है कि जंगल बचाएं। लगातार वन कटे जा रहे हैं। वन अधिनियम का पालन नहीं हो रहा है। उन्होंने दिलीप अहिरवार को कहा कि आप वन मंत्री है कोयल मंत्री नहीं। कांग्रेस विधायक विक्रांत भूरिया ने भी कहा कि बड़ी संख्या में पेड़ काटे जा रहे हैं।हमने सारे काम नियम से किए
इस पर जवाब पेश करते हुए मंत्री अहिरवार ने कहा कि हमने सारे काम नियम से किए हैं। केंद्र से भी अप्रूवल मिला है। मंत्री दिलीप अहिरवार ने कहा इस में इन्हें कोई समस्या नहीं होनी चाहिए इतने पेड़ लगाए जा रहे। 486 करोड़ हर साल सरकार को मिलेंगे। वहां विकास हो रहा। लोगों को रोजगार मिल रहा है।
आदिवासियों को ऑक्सीजन कहां से मिलेगी
पलटवार करते हुए भूरिया ने कहा 'पेड़ सिंगरौली में काटोगे और सागर में लगाओगे।' पूरा जंगल अडानी को दे दिया। आदिवासियों को ऑक्सीजन कहां से मिलेगी। सरकार आदिवासियों के साथ अन्याय कर रही है।
सदन में उठा घटिया पाइप लाइन का मुद्दा
विधायक अभिजीत शाह ने सिराली नगर परिषद में अमृत 2.0 नल कनेक्शन घटिया पाइप लाइन बिछाकर भ्रष्टाचार की जांच की बात कही। इसका जवाब देते हुए मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि यह 7 करोड़ रुपये के ऊपर का काम है। इसमें अभी तक केवल 10 फीसदी ही काम हुआ है। काम की गुणवत्ता के लिए हमारे पास थर्ड पार्टी एजेंसी है। अभी तक केवल एक करोड़ रुपये का काम ही हुआ है। काम को समय सीमा में किया जाएगा उच्च अधिकारी को भेज कर जांच करवाई जा जाएगी।टिमरनी भ्रष्टाचार में अब तक नहीं हुई FIR
इस पर विधायक अभिजीत शाह ने पलटवार करते हुए कहा कि टिमरनी में भी इसी प्रकार का भ्रष्टाचार हुआ था। उसमें अभी तक जांच बस्ते में पड़ी हुई है। टिमरनी जांच में पाया गया था कि अधिकारी दोषी हैं, पर अभी तक FIR नहीं हुई।
