Bhopal Sealing Drive : अरेरा कॉलोनी में आठ दुकानें तो गौतम नगर में 25 दुकानें सील; विरोध में उतरे व्यापारी
भोपाल में नगर निगम के अमले ने शहर के अलग-अलग इलाकों में सीलिंग की कार्रवाई की गई है। गौतम नगर में 25 दुकानें और अरेरा कालोनी में आठ दुकाने सील की गईं। भोपाल में 26 अगस्त तक सीलिंग को लेकर करीब 8 हजार 264 नोटिस जारी किए गए थे।
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गौतम नगर क्षेत्र की 25 से ज्यादा दुकानें अब तक सील
गौतम नगर क्षेत्र की 25 से ज्यादा दुकानें अब तक सील हो चुकी हैं। इसमें घरों में चलने वाले गेस्ट हाउस और होटल के अलावा जिम शामिल हैं। इस इलाके में कार्रवाई अभी जारी है। नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि शाम तक करीब 50 से ज्यादा दुकानें बंद कराने का लक्ष्य रखा गया है।व्यापारी संगठन के अध्यक्ष आनंद सोनी का बयान; नगर निगम की कार्रवाई गलत
व्यापारी संगठन के अध्यक्ष आनंद सोनी ने नगर निगम की कार्रवाई का विरोध किया है। उनका कहना है कि व्यापारियों की ओर से कोई गलती नहीं की गई है। मौजूदा स्थिति के लिए सरकार की नीतिगत कमी जिम्मेदार है। यदि सरकार समय रहते मास्टर प्लान लाती तो आज जिन क्षेत्रों को रहवासी बताया जा रहा है, वहां की जमीन व्यावसायिक होती। सोनी ने कहा कि कार्रवाई के कारण भोपाल का करीब 90 प्रतिशत व्यापार प्रभावित हो रहा है। बड़ी संख्या में व्यापारी बेरोजगार हो गए हैं। सोनी ने कहा कि सरकार के पास 29 जून 2026 का मास्टर प्लान का प्रारूप तैयार है, जिसे जल्द लागू किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने 2022 के गुजरात मॉडल या 2012 के भू-विकास अधिनियम को लागू करने का विकल्प भी सुझाया।आवासीय क्षेत्र में व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए
क्षत्रिय लोनारी कुन्बी समाज भवन के संबंध में रहवासी मालती बारसकर ने कहा कि यह भवन समाज का है। यहां पहले दो-तीन दुकानों को अनुमति मिली थी, लेकिन बाद में कथित तौर पर नियमों का पालन किए बिना अन्य निर्माण कर व्यावसायिक गतिविधियां शुरू कर दी गईं। उन्होंने कहा कि इन गतिविधियों का रहवासी विरोध कर रहे हैं। प्रशासन द्वारा ऐसी गतिविधियों को बंद कराने की कार्रवाई को उन्होंने सही बताया। मालती बारसकर ने कहा कि आवासीय क्षेत्र में किसी भी तरह की व्यावसायिक गतिविधियां नहीं होनी चाहिए और वे प्रशासन की कार्रवाई के पक्ष में हैं।याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने नगर निगम की कार्रवाई पर उठाए सवाल
मामले में याचिकाकर्ता विवेक त्रिपाठी ने कहा कि माननीय सर्वोच्च न्यायालय के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई केवल दिखावे के तौर पर हो रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि रहवासियों ने जिन बड़े अवैध व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की शिकायत की थी, उन पर कार्रवाई करने के बजाय छोटे व्यापारियों को परेशान किया जा रहा है। त्रिपाठी ने कहा कि कई बड़े प्रतिष्ठानों में पब, शराब की दुकानें और चाय-सुट्टा बार जैसी गतिविधियां संचालित होने की शिकायत रहवासियों ने की थी। इसके बावजूद इन प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई नहीं की जा रही है।दो साल से काम कर रहे थे, सीलिंग के कारण हुए बेरोजगार
जहांगीराबाद निवासी सिराजुद्दीन ने बताया कि वह पिछले दो साल से सिलाई का काम कर रहा था। नगर निगम की कार्रवाई के बाद दुकान बंद कर दी गईं, जिससे उसका रोजगार छिन गया। सिराजुद्दीन ने बताया कि वह जहांगीराबाद से यहां सिलाई का काम करने आता था। दुकान बंद होने के बाद अब वह बेरोजगार हो गया है। उसने कहा कि परिवार का खर्च चलाने के लिए अब उसे नए काम की तलाश करनी पड़ेगी। उसने बताया कि यहां कोई मॉल नहीं था, बल्कि सिलाई का काम करने की एक ही दुकान थी। दुकान बंद होने के बाद उसके सामने परिवार के भरण-पोषण का संकट खड़ा हो गया है।अरेरा कॉलोनी के व्यापारियों में सीलिंग के खिलाफ गुस्सा
अरेरा कॉलोनी में आठ दुकाने सील
भोपाल की E3 अरेरा कॉलोनी में भी नगर निगम ने कार्रवाई शुरू कर दी है। यहां पर आठ दुकानों को किया सील किया गया है। इस इलाके में कई टीमें नगर निगम ने भेजी हैं। जो अलग-अलग जगह पर सीलिंग की कार्रवाई कर रही हैं।भोपाल में सीलिंग की कार्रवाई शुरू
Bhopal Sealing Drive : अरेरा कॉलोनी में आठ दुकानें तो गौतम नगर में 25 दुकानें सील; विरोध में उतरे व्यापारी
भोपाल में रहवासी इलाकों में चल रहे व्यावसायिक कारोबार पर नगर निगम आज से सख्ती शुरू करने जा रहा है। नोटिस और जांच के बाद अब सीलिंग की कार्रवाई होगी। निगम की टीमें पुलिस बल के साथ छह स्थानों पर पहुंचेंगी और नियमों के खिलाफ संचालित व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को सील किया जाएगा। नगर निगम ने 26 अगस्त तक इस संबंध में 8 हजार 264 नोटिस जारी किए थे। इनकी जांच के बाद अब कार्रवाई का चरण शुरू हुआ है। इससे पहले गौतम नगर में एक आवासीय भवन में संचालित होटल को सील किया जा चुका है। रविवार को संबंधित प्रतिष्ठानों पर 24 घंटे के नोटिस भी चस्पा किए गए।
सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद बढ़ी सख्ती
रहवासी भवनों में व्यावसायिक गतिविधियों और अवैध निर्माण के मामले में सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद निगम की कार्रवाई तेज हुई है। मामले की अगली सुनवाई 15 सितंबर को होनी है और उससे पहले निगम को कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश करनी है। नगर निगम ने अब मुख्य सड़कों के अलावा गलियों, नदी-तालाब किनारे, हरित पट्टी और बफर जोन में बने भवनों को भी जांच के दायरे में लिया है। अवैध मैरिज गार्डन पर भी नोटिस की कार्रवाई की जाएगी।
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