अगर आप तिब्बत जाना चाहते हैं, लेकिन किसी कारणवश नहीं जा पा रहे हैं तो परेशान मत होइए। आज हम आपको बताएंगे कि भारत में भी एक छोटा तिब्बत है। यह छोटा तिबब्त छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के पास बसा एक छोटा सा गांव है। इस गांव का नाम मैनपाट है। मैनपाट को छत्तीसगढ़ का तिब्बत कहा जाता है।
दोस्तों के साथ बनाना है मजेदार छुट्टियों का प्लान, घूम आइए भारत का 'छोटा तिब्बत'
कहां है छोटा तिब्बत
यह छोटा तिब्बत मैनपाट के नाम से मशहूर है। मैनपाट छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर के पास बसा हुआ एक छोटा-सा हिल स्टेशन है। मैनपाट करीब 368 वर्ग कि.मी तक फैला हुआ है। यह क्षेत्र अपने सुहाने मौसम और दिलकश नजारे के लिए बेहद मशहूर है। यहां आपको प्रकृति की अविश्वसनीय खूबसूरती देखने को मिलेगी।
मैनपाट की खासियत
मैनपाट करीब 24 गांव को मिलाकर बना है। पहले यहां सिर्फ स्थानीय आदिवासी रहा करते थे। लेकिन पिछले कुछ समय से यह तिब्बतियों का शहर बन चुका है। ऐसा इसलिए क्योंकि चीनी आक्रमण होने के बाद सरकार ने यहां तिब्बती लोगो को शरण दी थी। शुरुआत में यहां बसे शरणार्थियों की संख्या करीब 1400 थी। अब यह गांव 2300 शरणार्थियों को पनाह देता है।
टाइगर प्वाइंट
मैनपाट में घूमने के लिए बेहद ही सुंदर-सुंदर जगह हैं। इन सुंदर जगहों में से एक है टाइगर प्वाइंट। टाइगर प्वाइंट पर्यटकों का आकर्षण का केन्द्र है। टाइगर प्वांइट में आपको पानी के झरने, बड़े-बड़े पहाड़ देखने को मिलेंगे।
यहां लाखों की तादात में पर्यटको का आना-जाना लगा रहता है। यही नहीं इसके अलावा आपको यहां परपतिया के रसमडा, रामगढ़ और बनराई में जलप्रपात, बांध और गुफाएं भी को मिलेंगी। यहां पर आप पैराग्लाइडिंग का भी लुफ्त उठा सकते हैं।
मेहता प्वाइंट
मेहता प्वाइंट की खूबसूरती कि जितनी तारीफ की जाए उतना कम है। मेहता प्वाइंट अपने बेहतरीन प्राकृर्तिक दृश्य के लिए बेहद मशहूर है। मेहता प्वाइंट मैनपाट से लगभाग 8 कि.मी. दूर है। मेहता प्वाइंट में आपको एक ऐसा झरना देखने को मिलेगा जो चारों तरफ से विशाल पहड़ो से घिरा हुआ है। सिर्फ इतना ही नहीं मेहता प्वाइंट से कुछ दूर एक ऐसी जगह है जहां जमीन पर कूदने पर आपको पत्थरों के बजाय किसी
ट्रैम्पोलिन या गद्दे जैसा महसूस होता है।