राजाओं और रजवाड़ो की ऐतिहासिक भूमि राजस्थान में कई ऐसी इमारतें, महल और किले हैं जिनकी खूबसूरती की बात ही निराली है। पूरी दुनिया में इन इमारतों, महलों और किलों की तारीफ होती है। हो भी क्यों न, आपको बता दें ये इमारतें, महल और किले सदियों से आज भी वैसे के वैसे ही हैं। आज हम आपको यहां के एक खूबसूरत महल के बारे में बताने जा रहे हैं, जो अपनी खूबसूरती और संरचना के लिए पूरी दुनिया में जाना जाता है। हम बात कर रहे हैं राजस्थान की राजधानी में स्थित हवा महल की। आज हम आपको हवा महल से जुड़ी कुछ रोचक बातें बताएंगे....
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जयपुर की शान है ये महल, जानें इससे जुड़ी खास बातें
Sat, 13 Jun 2020 08:11 AM IST
योगेश जोशी
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क, अमर उजाला
Published by: योगेश जोशी
Updated Sat, 13 Jun 2020 08:11 AM IST
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हवामहल
hawa mahal
श्री कृष्ण के ताज के समान है हवा महल
- हवा महल का आकार सर के ताज के समान है। कथाओं के अनुसार हवा महल को बनाने वाले राजा सवाई प्रताप सिंह भगवान श्री कृष्ण के भक्त देते थे, उन्होंने इस हवा महल को भगवान श्री कृष्ण के ताज जैसा ही बनवाया।
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खिड़कियां
- हवा महल में लगभग 953 खिड़कियां हैं। इतनी खिड़कियां बनाने के पीछे ये कारण है कि इस महल में कभी गर्मी का अनुभव न हो और हमेशा साफ हवा आती रहे। कुछ लोगों का कहना है कि हवा महल का निर्माण महिलाओं के लिए किया गया था और इतनी खिड़कियां बनाने के पीछे कारण ये था कि महिलाएं बिना रोक-टोक के शहर के नजारें देख सकें।
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इस महल का नाम हवा महल कैसे पड़ा
- इतिहास में इस बात का उल्लेख किया गया है कि हवा महल का नाम इसकी 5वीं मंजिल के नाम पर रखा गया है। इसकी 5वीं मंजिल को हवा मंदिर के नाम से जाना जाता था, जिस वजह से इसका नाम हवा महल पड़ गया।
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हवा महल में कोई भी सिढ़ी नहीं
- इस 5 मंजिला इमारत में किसी भी मंजिल में सिढ़ी नहीं है। हवा महल में सभी मंजिलों में जाने के लिए ढलान किए रास्तों का इस्तेमाल किया जाता है।