क्या आप जानते हैं दुनिया के कई ऐसे देश हैं जहां दिवाली की ही तरह दीपों का त्योहार मनाया जाता है। हालांकि वो इस त्योहार को दिवाली के नाम से ही नहीं बल्कि किसी दूसरे नाम से ही पुकारते हैं। खास बात यह है कि नाम के साथ -साथ इस त्योहार से जुड़ी उनकी मान्यताओं में भी काफी अंतर हैं। आइए जानते हैं किस देश में दिवाली को क्या कहकर पुकारते हैं और क्या है इसके पीछे की मान्यताएं।
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दिवाली 2018: दुनिया के अलग-अलग हिस्सों में इस नाम से पहचाना जाता है दीपों का ये त्योहार
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
Updated Sat, 03 Nov 2018 04:02 PM IST
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Diwali
- फोटो : file photo
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नेपाल और मॉरिशस
नेपाल और मॉरिशस में भारत की ही तरह दिवाली मनाई जाती है। खास बात यह है कि इस दिन यहां नई दुल्हन के हाथों से दीपक जलवाने की प्रथा है। इस दिन लोग घर में दीये जलाने के साथ माता लक्ष्मी को खुश करने के लिए घर के बाहर रंगोली भी बनाते हैं। भारत की ही तरह इस दिन लोग एक दूसरे को त्योहार की बधाई और उपहार भी देते हैं।Diwali
नेपाल और मॉरिशस में भारत की ही तरह दिवाली मनाई जाती है। खास बात यह है कि इस दिन यहां नई दुल्हन के हाथों से दीपक जलवाने की प्रथा है। इस दिन लोग घर में दीये जलाने के साथ माता लक्ष्मी को खुश करने के लिए घर के बाहर रंगोली भी बनाते हैं। भारत की ही तरह इस दिन लोग एक दूसरे को त्योहार की बधाई और उपहार भी देते हैं।Diwali
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श्रीलंका में दिवाली
भगवान राम के हाथों रावण के वध के बाद विभीषण को लंका का राजा बनाया गया। विभीषण ने रावण वध के बाद लंका वासियों को बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में दीपोत्सव मनाने का आदेश दिया। जिसके बाद से श्रीलंका में अमावस्या के दिन दीपक जलाए जाते हैं।
भगवान राम के हाथों रावण के वध के बाद विभीषण को लंका का राजा बनाया गया। विभीषण ने रावण वध के बाद लंका वासियों को बुराई पर अच्छाई की जीत के उपलक्ष्य में दीपोत्सव मनाने का आदेश दिया। जिसके बाद से श्रीलंका में अमावस्या के दिन दीपक जलाए जाते हैं।
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- फोटो : file photo
जापान में ओनियो फायर फेस्टिवल
जापान में ओनियो फायर नाम से एक फेस्टिवल मनाया जाता है।माना जाता है कि एक सप्ताह तक चलने वाला यह त्योहार बुरी आत्माओं को भगाने के लिए मनाया जाता है। इस त्योहार में 6 बड़े फायर टॉर्च जलाए जाते हैं। बता दें, यह त्योहार फुकुओका समेत यहां के कई शहरों में जनवरी महीने की शुरुआत में मनाया जाता है।
जापान में ओनियो फायर नाम से एक फेस्टिवल मनाया जाता है।माना जाता है कि एक सप्ताह तक चलने वाला यह त्योहार बुरी आत्माओं को भगाने के लिए मनाया जाता है। इस त्योहार में 6 बड़े फायर टॉर्च जलाए जाते हैं। बता दें, यह त्योहार फुकुओका समेत यहां के कई शहरों में जनवरी महीने की शुरुआत में मनाया जाता है।
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म्यांमार में थैडिंगयुट फेस्टिवल
म्यांमार में दीपों का यह त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है।जिसे लाइटिंग फेस्टिवल ऑफ म्यांमार के नाम से पुकारा जाता है।हर साल अक्टूबर में यह त्योहार भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों के स्वागत के लिए मनाया जाता है।लोग इस दिन अपने घरों को लाइट्स से सजाते हैं।
म्यांमार में दीपों का यह त्योहार तीन दिन तक मनाया जाता है।जिसे लाइटिंग फेस्टिवल ऑफ म्यांमार के नाम से पुकारा जाता है।हर साल अक्टूबर में यह त्योहार भगवान बुद्ध और उनके शिष्यों के स्वागत के लिए मनाया जाता है।लोग इस दिन अपने घरों को लाइट्स से सजाते हैं।