21 जून रविवार को सूर्य ग्रहण सुबह 10 बजकर 14 मिनट से शुरू होकर दोपहर में 3 बजकर 4 मिनट पर समाप्त होगा। यह ग्रहण भारत में भी दिखाई देगा। आपको बता दें इसी महीने 5 जून को चंद्र ग्रहण भी लगा था। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के सूतक काल के प्रारंभ होने से सूर्य ग्रहण के खत्म होने तक गर्भवती महिलाओं को कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होता है। आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए....
Solar Eclipse 2020: सूर्य ग्रहण के समय गर्भवती महिलाएं रखें इन बातों का ध्यान, जानें क्या करें और क्या नहीं
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
- सूतक काल
सूर्य ग्रहण में सूतक काल की शुरुआत ग्रहण लगने से 12 घंटे पहले हो जाती है। इस बार 21 जून को ग्रहण की शुरुआत सुबह 10 बजकर 14 मिनट से हो रही है, जिस वजह से सूतक काल की शुरुआत 20 जून को रात्रि 10 बजकर 14 मिनट से हो चुकी है। आपकी जानकारी के लिए बता दें इससे पहले 5 जून को चंद्र ग्रहण लगा था और उस ग्रहण में सूतक काल मान्य नहीं था क्योंकि वो ग्रहण उपछाया चंद्र ग्रहण था।
गर्भवती महिलाओं को रखना होगा ध्यान
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार सूर्य ग्रहण के सूतक काल से लेकर सूर्य ग्रहण की समाप्ति तक गर्भवती महिलाओं को विशेष ध्यान रखना होता है। आज हम आपको बताएंगे कि ग्रहण के सूतक काल से लेकर ग्रहण की समाप्ति तक गर्भवती महिलाओं को किन बातों का ध्यान रखना होता है।
गर्भवती महिलाओं को इसलिए रखना होता है ध्यान
- धार्मिक मान्यताओं के अनुसार ग्रहण के समय अगर गर्भवती महिलाएं इन बातों का ध्यान नहीं रखती हैं तो उनकी होने वाली संतान पर ग्रहण का गलत प्रभाव पड़ता है। होने वाली संतान की कुशलता के लिए गर्भवती महिलाओं को सावधानी बरतनी पड़ती है। आइए जानते हैं गर्भवती महिलाओं को इस समय में क्या करना चाहिए और क्या नहीं....
सूतक काल से लेकर ग्रहण की समाप्ति तक क्या करें
- भगवान का ध्यान करें
गर्भवती महिलाओं को ग्रहण के सूतक काल से ग्रहण की समाप्ति तक भगवान का ध्यान करना चाहिए। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार इस समय भगवान के मंत्रों का जप करना चाहिए। इस समय मंत्र जाप करने की मनाही नहीं होती है।