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Hindi News ›   Lifestyle ›   Sankashti Chaturthi 2018: sankashti chaturthi importance ganesh puja vidhi and significance

Sankashti Chaturthi 2018 :इस तरह रखेंगे व्रत तो सभी संकटों का नाश कर देंगे गणेश जी

Mon, 26 Nov 2018 01:09 PM IST
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला
लाइफस्टाइल डेस्क , अमर उजाला Updated Mon, 26 Nov 2018 01:09 PM IST
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Sankashti Chaturthi 2018: sankashti chaturthi importance ganesh puja vidhi and significance
ganesha - फोटो : file photo

संकष्टी चतुर्थी का व्रत भगवान गणेश को प्रसन्न करने के लिए रखा जाता है। इस बार यह व्रत 26 नवंबर 2018 को रखा जा रहा है। बता दें, प्रत्येक महीने कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को ये व्रत किया जाता हैं। इस व्रत में श्रद्धालु भगवान गणेश से अपने बुरे समय और कठिनाइयों को दूर करने के लिए प्रार्थना करते हैं। इसके अलावा इस दिन व्रत रखने वाले मनुष्य को बुध दोष के बुरे प्रभावों को भी नहीं झेलना पड़ता हैं। माना जाता है कि संकष्टी चतुर्थी के व्रत को करने से विद्या, बुद्धि और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती हैं। 

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Sankashti Chaturthi 2018: sankashti chaturthi importance ganesh puja vidhi and significance
ganesha

संकष्टी चतुर्थी की पूजा विधि
-संकष्टी चतुर्थी के दिन सबसे पहले सुबह उठते ही स्नान कर पवित्र हो जाएं।
-संकष्टी चतुर्थी का व्रत रखने वाले व्यक्ति को इस दिन लाल रंग के कपड़े पहनकर पूजा करनी चाहिए।
-पूजा करते समय अपना मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर रखें।
-स्वच्छ आसन या चौकी पर भगवान को विराजित करें।
-भगवान की प्रतिमा या चित्र के आगे धूप-दीप प्रज्जवलित करके ॐ गणेशाय नमः या ॐ गं गणपते नमः का जाप करें।
-पूजा के बाद भगवान को लड्डू या तिल से बने मिष्ठान का भोग लगाएं।
-शाम के समय संकष्टी चतुर्थी के व्रत की कथा पढ़कर चांद देखकर अपना व्रत खोलें।
-अपना व्रत पूरा करने के बाद दान करें।

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Sankashti Chaturthi 2018: sankashti chaturthi importance ganesh puja vidhi and significance
lord ganesha - फोटो : file photo

पूजा विधि 
जो श्रद्धालु इस दिन व्रत रखते हैं, वो सिर्फ कच्ची सब्जियां, फल, साबुदाना, मूंगफली और आलू खाते हैं। इसके अलावा शाम के समय भगवान गणेशजी की प्रतिमा को ताजे फूलों से सजाया जाता है। चांद देखने के बाद व्रत की कथा पढ़ी जाती है। इसके बाद ही संकष्टी चतुर्थी का व्रत पूर्ण होता है। 

व्रत का महत्व 
चतुर्थी के दिन चन्द्र दर्शन को बहुत ही शुभ माना जाता है। चन्द्रोदय के बाद ही व्रत पूर्ण होता है। मान्यता यह है कि जो व्यक्ति इस दिन व्रत रखता है उसकी संतान संबंधी समस्याएं भी दूर होती हैं।इसके अलावा अगर कोई बदनामी साथ चल रही हो तो वो भी दूर होती है।धन और कर्ज संबंधी समस्याओं का भी समाधान होता है।

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