जानिए बेहद जरूरी है, फ्लर्ट करना कब बन जाता है यौन शोषण?

बीबीसी हिंदी Updated Sat, 21 Oct 2017 07:54 PM IST
When flirting becomes sexual abuse
फाइल - फोटो : सांकेतिक चित्र
किसी के कंधे पर हाथ रखना, किसी के रंग-रूप की तारीफ करना या किसी को डेट पर चलने के लिए पूछना। शायद इसे ही फ्लर्ट करना कहा जाता है। आज के वक्त में फ्लर्टिंग को कोई बुरा भी नहीं मानता। लेकिन ये सभी काम सही इंसान के साथ और सही वक्त पर करना बेहद जरूरी है। 
अगर किसी गलत इंसान के साथ गलत वक्त पर आपने इनमें से कुछ भी किया तो यह फ्लर्टिंग की जगह शर्मिंदगी की वजह बन सकता है। हाल फिलहाल में महिलाओं के साथ यौन शोषण के कई मामले उजागर हुए हैं, जिसमें जाने माने हॉलीवुड प्रोड्यूसर हार्वी वाइनस्टीन का मामला सबसे ताजा है।

हॉलीवुड की कई प्रसिद्ध अभिनेत्रियों ने उन पर यौन शोषण के आरोप लगाए हैं। हैशटेग MeToo के साथ दुनिया भर की महिलाएं अपने साथ हुए यौन शोषण के अनुभव साझा कर रही हैं।

ऐसे में यह जानना बेहद अहम हो जाता है कि फ्लर्ट करना कब यौन शोषण में बदल जाता है और इन दोनों में क्या अंतर है, पर्सनल रिलेशन एक्सपर्ट जेम्स प्रीस का मानना है कि अगर हम किसी व्यक्ति के प्रति आकर्षित हैं तो हम फ्लर्ट कर सकते हैं, लेकिन ऐसा करने के लिए हमें सामने वाले व्यक्ति को भी समझना होगा। 
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